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Moradabad : पं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- जिंदगी हवा में उछाले तो डरना मत, कैच करने की जिम्मेदारी हनुमान जी की

Wed, 20 Mar 2024 12:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 20 Mar 2024 12:21 AM IST
सार

नया मुरादाबाद में श्री राम बालाजी धाम बाबा नीब करौरी आश्रम ट्रस्ट व लोहिया मानव कल्याण कल्याण ट्रस्ट की ओर से आयोजित श्री हनुमंत कथा में इसी चौपाई के सार पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कथा वाचन किया।

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Pt. Dhirendra Shastri said- Don't afraid if life throws you in air, Hanuman ji will catch you
पं. शास्त्री... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

श्री हनुमान चालीसा की चौपाई, सब सुख लहै तुम्हारी सरना, तुम रक्षक काहू को डरना... तो आपने निश्चित ही सुनी होगी। नया मुरादाबाद में श्री राम बालाजी धाम बाबा नीब करौरी आश्रम ट्रस्ट व लोहिया मानव कल्याण कल्याण ट्रस्ट की ओर से आयोजित श्री हनुमंत कथा में इसी चौपाई के सार पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कथा वाचन किया।

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कथा का आरंभ शाम चार बजे हुआ, इससे पहले दिव्य दरबार व प्रेत रात सरकार दरबार लगाया गया। कथा वाचन शुरू होने से पहले ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने हनुमान जी की आरती की। मुख्य यजमान विनीत गुप्ता लोहिया, विभोर गुप्ता लोहिया, विपिन कुमार गुप्ता लोहिया, विनय गुप्ता लोहिया, ट्रस्ट के अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा को पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पीला पटका पहनाया। उन्होंने कहा कि जिसने बजरंग बली पर भरोसा किया, फिर उसे कहीं चादर चढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ी। जब हनुमान जी रक्षक हों तो जीवन में किसी बात का भय नहीं रहता। उन्होंने उदाहरण देकर समझाया कि जब मां अपने नन्हें से बच्चे को हवा में उछालती है तो बच्चा डरता नहीं है बल्कि हंसता है, उसे आनंद आता है। उस अबोध बालक को यह जरूर पता रहता है कि मां गिरने नहीं देगी। इसी तरह जब जीवन में उतार चढ़ाव आएं, परेशानियां आएं और जिंदगी तुम्हें हवा में उछाल दे, तो डरना मत। कैच करने की जिम्मेदारी हनुमान जी की है। जो भगवान के सहारे रहते हैं, हनुमान उनके रक्षक हैं।
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उन्होंने कहा कि एक बात और जान लो बजरंग बली की खूूब पूजा करो, चोला चढ़ाओ, सिंदूर चढ़ाओ लेेकिन उनके चरित्र को जीवन में नहीं उतारा तो कोई फायदा नहीं होगा। ये तो वही बात हुई कि रात भर कीड़े खाकर दिन में छिपकली महापुरुषों की फोटो के पीछे छिप गई। कथा व्यास ने कहा कि हनुमान जी नेता, पुलिस, वक्ता व सेवक सबके आदर्श हैं। उन्होंने सुग्रीव और श्री राम की पार्टी का विलय कराया और दुष्ट बाली को दंड दिलवाया। कारण बस एक ही था कि कितनी भी जोड़ तोड़ क्यों न हो, बस राम काज होना चाहिए। पुलिस के आदर्श हनुमान जी इसलिए हैं कि दुनिया में अपहरण के सबसे पहले मामले का खुलासा उन्होंने किया। वक्ताओं व कथा वाचकों के आदर्श हैं क्योंकि अशोक वाटिका में सबसे पहले उन्होंने ही माता सीता को राम कथा सुनाई। दुनिया के पहले अंतरिक्ष यात्री भी हनुमान जी हैं, जिन्होंने एक छलांग में पृथ्वी से सूरज तक दूरी तय कर दी।
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चाऊमीन का ठेला लगाने वाले कपिल को दिव्य दरबार में मिला आशीर्वाद
कथा शुरू होने से पहले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बागेश्वर हनुमान जी महाराज का दिव्य दरबार लगाया। हजारों लोगों की भीड़ से खचाखच भरे तीन पंडालों के बीच में से भक्तों को पहचान बताकर बुलवाया। अर्जी के आधार पर उनकी परेशानियां बिना पूछे बता दीं और समाधान भी लिखकर दे दिया। दो पुलिस कर्मियों की अर्जी भी स्वीकार की गई।

मंगूपुरा निवासी कपिल अपने बीमार भाई को दरबार में लेकर पहुंचे। पीठाधीश्वर ने उनसे रोजगार पूछा तो बताया कि चाऊमीन का ठेला लगाते हैं, पूछा कितना कमाते हो तो जवाब मिला 400-500 हर दिन। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कपिल को सात दिन की जीविका, बागेश्वर धाम आने के लिए किराया व अन्य खर्च के रूप में करीब 10 हजार रुपये आशीर्वाद स्वरूप मुख्य यजमान से दिलवाए।

प्रेतराज के दरबार में गईं भूत बाधाएं
दिव्य दरबार के बाद खुद पर ऊपरी साया, भूत बाधा मानने वाले लोगों के लिए प्रेतराज सरकार का दरबारा लगाया गया। राम नाम का जप शुरू होते ही श्रद्धालुओं के बीच से कई महिलाएं व युवा खेलते हुए दरबार के सामने पहुंच गए। दरबार के दौरान मंत्रोच्चार से उनकी भूत बाधाएं समाप्त की गईं। इन सभी लोगों को दरबार की ओर से भस्म व गंगाजल दिया गया।

मैं भगवान नहीं हूं, मेरे चक्कर में मत पड़ना : धीरेंद्र शास्त्री
अपने प्रति लोगों की बढ़ी श्रद्धा व उत्साह देख पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने दिव्य दरबार से पहले कहा कि हम भगवान नहीं हैं। हमारे चक्कर में मत पड़ना। हां इतना जरूर है कि दादा गुरु जी महाराज के आशीर्वाद से हनुमान जी की कृपा हम पर हुई है। सो हम जिस लायक हैं, वैसे ही भगवान से आपकी परेशानियां हल कराने का प्रयास कर रहे हैं। सब कुछ करने वाले हनुमान जी हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को दरबार से जोड़ते हुए कहा कि आज जो भी भक्त यहां आए हैं, उन सब की अर्जी बागेश्वर हनुमान जी महाराज के चरणों में लग गई है। आज से आप सब मेरे परिवार का हिस्सा हैं।


कुम मेरा साथ दो, हम तुम्हें हिंदू राष्ट्र देंगे : पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
हिंदू राष्ट्र के आह्वान के साथ दूसरे दिन सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ किया गया। इससे पहले दिव्य दरबार के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि कल कथा का विश्राम होगा और हम चले जाएंगे लेकिन फिर लौटकर आएंगे सनातन का परचम लहराने के लिए। उन्होंने कहा कि तुम मेरा साथ दो, हम तुम्हें हिंदू राष्ट्र देंगे। सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ में यजमान विनीत गुप्ता लोहिया, राम बालाजी धाम बाबा नीब करौरी आश्रम ट्रस्ट के अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा समेत सभी सदस्य व पदाधिकारी शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन संजीव आकांक्षी ने किया। कथा में अवधेश लोहिया, कुमकुम गुप्ता, नयन तारा गुप्ता, शिखा गुप्ता, भारती गुप्ता, अनुभव लोहिया, अनमोल लोहिया आदि मौजूद रहे।

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