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Moradabad News: पांच लिपिकों की पदोन्नति पर संकट, संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 17 Sep 2026 02:13 AM IST
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Promotion of five clerks in jeopardy; association threatens agitation.
मुरादाबाद। मुरादाबाद में शिक्षा विभाग के पांच लिपिकों की पदोन्नति संकट में पड़ गई है। दो महीने पहले इन कर्मचारियों को संयुक्त शिक्षा निदेशक ने पदोन्नत किया था, लेकिन अब शिक्षा निदेशक ने उन्हीं पदों पर पांच लिपिकों को स्थानांतरित कर भेज दिया है। जेडी ने जहां इस मामले में निदेशालय से मार्गदर्शन मांगा है तो वहीं, संगठन ने पदोन्नति निरस्त करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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शिक्षा निदेशक बेसिक ने पांच मई को निर्देश जारी किए थे। उन्होंने प्रदेश के सभी संयुक्त शिक्षा निदेशकों को कहा था कि स्थानातंरण सत्र 2026-27 को दृष्टिगत रखते हुए माध्यमिक बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यालयों, विद्यालयों और संस्थानों में कार्यरत समूह ग के लिपिक वर्ग के कर्मचारियों के पदोन्नति, पदस्थापन की कार्यवाही वार्षिक स्थानंतरण तक के लिए स्थगित की जाती है। साथ ही कहा था कि वार्षिक स्थानांतरण में विसंगति होने पर संपूर्ण दायित्व संयुक्त शिक्षा निदेशक का होगा। इसके बाद 22 मई को संयुक्त शिक्षा निदेशक ने मुरादाबाद मंडल के 16 कर्मचारियों को पदोन्नत किया था। इन सभी ने अपनी नई नियुक्ति पर पदभार ग्रहण कर लिया। अब शिक्षा निदेशक ने 14 सितंबर को कर्मचारियों की स्थानांतरण सूची जारी कर दी है। इसमें पांच ऐसे नाम हैं, जिनको पहले से पदोन्नति वाले पांच कर्मचारियों के पद भेजा गया है। एक पद पर दो स्तर से कर्मचारी आने से अब विसंगति पैदा हो गई है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि दो महीने पहले से कार्यरत कर्मचारी इसी पद के सापेक्ष कार्य कर वेतन प्राप्त कर चुके हैं। अब नए कर्मचारियों के आने की वजह से उनकी पदोन्नति संकट में है।
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वर्जन...
पदोन्नति स्थानांतरण प्रक्रिया तक स्थगित करने के निर्देश थे, लेकिन उसमें सत्र या पदोन्नति स्थगित करने का आदेश संयुक्त शिक्षा निदेशक के कार्यभार ग्रहण करने से पहले आया था। उनके संज्ञान में न होने के कारण पदोन्नतियां हो गई। पटल सहायक को उनके संज्ञान में लाना चाहिए था। अब यदि पदोन्नति आदेश निरस्त होते हैं तो इससे 2 महीने पूर्व कार्यभार ग्रहण कर चुके पदोन्नति प्राप्त कर्मचारियों की मानसिक, आर्थिक और सामाजिक हानि होगी। यदि पदोन्नति निरस्त होती है तो संगठन उसका विरोध करेगा और आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
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सैयद आसिफ हसन, मंडल अध्यक्ष, यूपी एजुकेशनल मिनिस्ट्रियल ऑफिसर्स एसोसिएशन

पदोन्नति रिक्त पदों पर ही हुई है, अब उन्होंने पदस्थापन कर दिया है। क्योंकि सत्र तक ट्रांसफर रोकने के निर्देश थे। सत्र मई तक था। मई के बाद रोक अपने आप खत्म हो गई है। उसके बाद पदोन्नति की गई है। आमतौर पर अगस्त-सितंबर में ट्रांसफर होते नहीं है। निदेशालय ने स्थानांतरण किए हैं तो वह मार्गदर्शन देंगे कि आगे किन कर्मचारियों को समायोजित करना है। निदेशालय ने अभी खाली पद के बारे में पूछा नहीं था। इन पदों को खाली पद मानकर स्थानांतरण कर दिया है, जबकि वह पद पदोन्नति से भर गए हैं।
शिवलाल, संयुक्त शिक्षा निदेशक मुरादाबाद मंडल
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