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Moradabad News: राज्य यूनिवर्सिटी की बाउंड्री के लिए तैयार किए जा रहे पिलर

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jun 2024 06:16 AM IST
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Pillars are being prepared for boundary of the university
मुरादाबाद।
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हरदासपुर स्थित राज्य यूनिवर्सिटी की बाउंड्री के लिए रविवार से पिलर तैयार किए जा रहे हैं। एक सप्ताह में बाउंड्री पिलरों से घेर दी जाएगी। इसी के साथ कंसल्टेंसी टीम ब्लू प्रिंट तैयार कर लोनिवि को सौंपेगी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग निर्माण कार्य शुरू कर देगा।
लोक निर्माण विभाग की टीम ने शिक्षा और राजस्व के कर्मचारियों को लेकर रविवार को हरदासपुर रामगंगा पार स्थित यूनिवर्सिटी स्थल का जायजा लिया। लेखपालों द्वारा बताई गई जमीन पर जेसीबी के माध्यम से चिह्न बनाने का काम शुरू हो गया है। अभी यूनिवर्सिटी की बाउंड्री के लिए पिलर लगाए जा रहे हैं, ताकि यूनिवर्सिटी की जमीन पर कोई कब्जा न कर सके। इसके साथ कंसल्टेंसी टीम सर्वे के अनुसार यूनिवर्सिटी का ब्लू प्रिंट तैयार करने में लगी है। ब्लू प्रिंट तैयार होने के बाद उसे लोनिवि के अभियंताओं को सौंपा जाएगा। अभियंताओं की राय लेने के बाद उसमें आंशिक फेरबदल भी किया जा सकता है। ब्लू प्रिंट पर मोहर लगने के बाद यूनिवर्सिटी का काम ठेकेदार के माध्यम से कराया जाएगा। यूनिवर्सिटी का ठेका मेरठ स्थित आरसीसी डेवलपर कंपनी को मिला है। 209 करोड़ में कंपनी यूनिवर्सिटी के लिए भवन बनाने का काम करेगी।
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दो दिन पहले हुई थी अधिकारियों की बैठक
यूनिवर्सिटी का काम शुरू करने के लिए तीन दिन पहले डीएम ने लोनिवि के अधिशासी अभियंता से पूछताछ की थी। इस मामले में दो दिन पहले शिक्षा, राजस्व और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। बैठक में हरदासपुर स्थित जमीन का सर्वे करने और बाउंड्री घेरने की योजना तैयार की गई।
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चुनाव के चलते थम गया था यूनिवर्सिटी का काम
हरदासपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु जंभेश्वर राज्य विश्वविद्यालय का निर्माण कराने के लिए चुनाव से पहले शिलान्यास किया था। चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद काम ठप हो गया, लेकिन यूनिवर्सिटी के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र और अन्य कागजी कार्यवाही शुरू कर दी गई थी। अब धीरे-धीरे सभी बाधाएं दूर हो रही हैं। जमीन के मामले में फंसा पेच भी हल हो गया है। लोक निर्माण विभाग ने इस मामले में एमडीए, वन विभाग, अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया है। इस बारे में लोनिवि के अधिशासी अभियंता आरबी सिंह का कहना है कि सारी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। इधर डीएम मानवेंद्र सिंह का कहना है कि काम शुरू करने के लिए सारे कागजात दुरुस्त कराए गए हैं।

48.5 एकड़ जमीन राजस्व विभाग की
रामगंगा नदी पार हरदासपुर में विश्वविद्यालय के लिए जिला प्रशासन ने 50 एकड़ जमीन निर्धारित की थी। इसमें 48.5 एकड़ जमीन सरकार की है। 2.5 एकड़ जमीन तीन किसानों की है। खरीद के लिए डीएम ने शासन को ड्राफ्ट भेजा था, जो मंजूर हो गया है। उच्च शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी को खरीद के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। एक किसान की जमीन जिला प्रशासन ने खरीद ली है। जमीन के एक छोटे हिस्से के मामले को लेकर एक व्यक्ति कोर्ट गया था। जिला प्रशासन इस मामले में कोर्ट में अपील कर जमीन को अपने नाम कराने की कोशिश में जुटा है।


दो लाख 32 हजार विद्यार्थियों को मिलेगी राहत
मुरादाबाद में यूनिवर्सिटी बनाने के लिए चार दशकों से प्रयास जारी था। यूनिवर्सिटी बनने पर दशकों का प्रयास सफल हो जाएगा।
अभी तक मुरादाबाद मंडल के विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली के चक्कर लगाने पड़ते हैं। विद्यार्थियों को दाखिला फॉर्म, परीक्षा फॉर्म, अंकतालिका के अलावा अन्य दिक्कतों का समाधान करवाना दूभर हो जाता है। खासकर छात्राओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब मुरादाबाद में विश्वविद्यालय बन जाने के बाद मंडल के 310 महाविद्यालयों के करीब दो लाख 32 हजार 750 विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।
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