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Moradabad News: जयंतीपुर की गलियों में सिर्फ आश्वासन बिछे, सड़क अब भी गायब
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मुरादाबाद। स्मार्ट सिटी के दावों के बीच लाइनपार का जयंतीपुर वार्ड-30 बदहाली की ऐसी तस्वीर पेश कर रहा है, जहां गलियों में विकास नहीं बल्कि सिर्फ आश्वासन बिखरे पड़े हैं। नगर निगम ने कुछ जगहों पर सड़क निर्माण के नाम पर मिट्टी डलवा दी, लेकिन उसके बाद काम ठप हो गया। अब वही मिट्टी बारिश से दलदल बनने लगी है और लोग कीचड़, गंदगी व बदबू के बीच रहने को मजबूर हैं।
वार्ड की कई गलियां ऐसी हैं जहां आज तक नालियां तक नहीं बनीं। घरों का गंदा पानी सड़कों और खाली प्लाटों में बह रहा है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है क्योंकि कई गलियों में स्ट्रीट लाइट तक नहीं लगी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले 10 साल से सिर्फ सर्वे और आश्वासन मिल रहे हैं। चुनाव आते हैं तो नेता सड़क और नाली बनाने का वादा करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही इलाके की सुध लेने वाला कोई नहीं रहता। अब बारिश का मौसम करीब है और लोगों को फिर घरों में कैद होने की चिंता सताने लगी है। इलाके में हल्की बारिश होते ही गलियां पानी से भर जाती हैं। कई बार पानी घरों के अंदर तक पहुंच जाता है। बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है और बुजुर्गों को निकलने में सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम के अधिकारी शिकायत सुनने आते जरूर हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं हुआ। महापौर विनोद अग्रवाल का कहना है कि लोगों की शिकायत मिलेगी तो स्थानीय पार्षद से कहकर समाधान कराएंगे।
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लोगों के कोट
हर साल बारिश से पहले सड़क बनाने का आश्वासन मिलता है, लेकिन काम शुरू नहीं होता। मिट्टी डालकर छोड़ दी जाती है। बच्चों और बुजुर्गों का निकलना मुश्किल हो जाता है।
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- इद्दा
गली में नाली नहीं होने से घर का गंदा पानी बाहर जमा रहता है। बदबू और मच्छरों से जीना मुश्किल हो गया है। कई बार शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बीमारी फैलने का डर बना रहता है, खासकर छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
- सलमान अली
रात होते ही पूरी गली अंधेरे में डूब जाती है क्योंकि यहां स्ट्रीट लाइट नहीं लगी। बारिश में कीचड़ और अंधेरा मिलकर हालात और खराब कर देते हैं। कई लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं, लेकिन निगम को शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
- फिरोज अहमद
10 साल से इसी बदहाली में रह रहे हैं। चुनाव के समय नेता आते हैं, वादे करते हैं और फिर गायब हो जाते हैं। सड़क और नाली जैसी बुनियादी सुविधा भी नहीं मिल पा रही। अब तो लगता है कि इस इलाके को नजरअंदाज किया जा रहा है।
- हाशिम
बारिश में पानी घरों के अंदर तक भर जाता है। बच्चों का स्कूल जाना बंद हो जाता है। कई बार खुद पैसे खर्च कर रास्ता ठीक कराया लेकिन स्थायी समाधान नहीं मिला। नगर निगम सिर्फ खानापूरी करता है, इलाके की समस्या दूर करने में किसी की रुचि नहीं है।
- आरिफ
गंदगी और जलभराव के कारण हर समय बीमारी का खतरा बना रहता है। खाली प्लाटों में गंदा पानी जमा होने से मच्छर पनप रहे हैं। नगर निगम के अधिकारी निरीक्षण करने आते हैं लेकिन काम शुरू नहीं होता। लोग अब पूरी तरह परेशान और नाराज हैं।
- वाजिद अली
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वार्ड की कई गलियां ऐसी हैं जहां आज तक नालियां तक नहीं बनीं। घरों का गंदा पानी सड़कों और खाली प्लाटों में बह रहा है। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है क्योंकि कई गलियों में स्ट्रीट लाइट तक नहीं लगी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले 10 साल से सिर्फ सर्वे और आश्वासन मिल रहे हैं। चुनाव आते हैं तो नेता सड़क और नाली बनाने का वादा करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही इलाके की सुध लेने वाला कोई नहीं रहता। अब बारिश का मौसम करीब है और लोगों को फिर घरों में कैद होने की चिंता सताने लगी है। इलाके में हल्की बारिश होते ही गलियां पानी से भर जाती हैं। कई बार पानी घरों के अंदर तक पहुंच जाता है। बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है और बुजुर्गों को निकलने में सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम के अधिकारी शिकायत सुनने आते जरूर हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं हुआ। महापौर विनोद अग्रवाल का कहना है कि लोगों की शिकायत मिलेगी तो स्थानीय पार्षद से कहकर समाधान कराएंगे।
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लोगों के कोट
हर साल बारिश से पहले सड़क बनाने का आश्वासन मिलता है, लेकिन काम शुरू नहीं होता। मिट्टी डालकर छोड़ दी जाती है। बच्चों और बुजुर्गों का निकलना मुश्किल हो जाता है।
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- इद्दा
गली में नाली नहीं होने से घर का गंदा पानी बाहर जमा रहता है। बदबू और मच्छरों से जीना मुश्किल हो गया है। कई बार शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बीमारी फैलने का डर बना रहता है, खासकर छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है।
- सलमान अली
रात होते ही पूरी गली अंधेरे में डूब जाती है क्योंकि यहां स्ट्रीट लाइट नहीं लगी। बारिश में कीचड़ और अंधेरा मिलकर हालात और खराब कर देते हैं। कई लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं, लेकिन निगम को शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार है।
- फिरोज अहमद
10 साल से इसी बदहाली में रह रहे हैं। चुनाव के समय नेता आते हैं, वादे करते हैं और फिर गायब हो जाते हैं। सड़क और नाली जैसी बुनियादी सुविधा भी नहीं मिल पा रही। अब तो लगता है कि इस इलाके को नजरअंदाज किया जा रहा है।
- हाशिम
बारिश में पानी घरों के अंदर तक भर जाता है। बच्चों का स्कूल जाना बंद हो जाता है। कई बार खुद पैसे खर्च कर रास्ता ठीक कराया लेकिन स्थायी समाधान नहीं मिला। नगर निगम सिर्फ खानापूरी करता है, इलाके की समस्या दूर करने में किसी की रुचि नहीं है।
- आरिफ
गंदगी और जलभराव के कारण हर समय बीमारी का खतरा बना रहता है। खाली प्लाटों में गंदा पानी जमा होने से मच्छर पनप रहे हैं। नगर निगम के अधिकारी निरीक्षण करने आते हैं लेकिन काम शुरू नहीं होता। लोग अब पूरी तरह परेशान और नाराज हैं।
- वाजिद अली