UP: ठंड से बचने के लिए वृद्धा ने बोरे में बंद होकर गुजारी पूस की रात, डायल 1076 पर भी नहीं मिली मदद
क्षेत्र की पार्षद रजनी के पति कपिल देव ने बताया कि बुधवार सुबह बुजुर्ग महिला के मिलने पर उन्होंने हेल्प लाइन नंबर 1076 पर कई बार कॉल की। आरोप है कि मदद तो मिली नहीं, कॉल रिसीव करने वाले ने अच्छा रिसपॉन्स भी नहीं दिया।
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पूस का महीना ठंड से कंपकंपाने के लिए मजबूर करने लगा है। मंगलवार की रात शहर का तापमान 10 डिग्री के आसपास था। ऐसे में करीब 80 वर्षीय बेघर वृद्धा को पूरी रात खुले आसमान के नीचे गुजारनी पड़ी। बेबसी के कारण बुजुर्ग महिला को सड़क पर पड़े एक गंदे बोरे का सहारा लेना पड़ा। सामान की तरह खुद को बोरे में बंद करके वृद्धा ने रात काटी।
बुधवार की सुबह मझोला के लाकड़ी फाजलपुर इलाके में घरों से निकले कुछ लोग जब ठिठुरते हुए आगे बढ़ रहे थे तो ऊपर से बंद एक बोरे को हिलता-डुलता देखकर ठिठक गए। कोई अज्ञात डर से घबराया तो कोई उस ओर कदम बढ़ाने में सकपकाया। एक शख्स ने हिम्मत करके बोरे का मुंह खोला। भीतर देखा तो आंखें फटी रह गईं। जड़ों से कट चुके बूढ़े पेड़ की तरह मुरझाई महिला बोरे में सिर झुकाए बैठी थीं। तन पर कोई गर्म कपड़ा न था, न ही पास में कोई सामान। सिर छिपाने के लिए आसरा न होने की बात हालात ने बता दी। पूछे गए किसी सवाल का जवाब वृद्धा के मुंह से नहीं निकला।
इस बीच कुछ लोगों ने पहचानते हुए बताया कि मंगलवार शाम वृद्धा को लावारिस हालत में घूमते देखा था। उस समय की पूछताछ में भी वृद्धा ने चुप्पी नहीं तोड़ी थी। सवालों से बचने के लिए वह गांगन नदी की ओर चली गई थी। उस वक्त तरस खाने वालों ने पीछा करना या पुलिस को बताना जरूरी नहीं समझा।
बुधवार सुबह की परिस्थिति देख कुछ लोग घरों से महिलाओं के ऊनी कपड़े लाए। बुजुर्गवार को कपड़ों की गर्माहट देने के साथ खाने-पीने का सामान दिया। महिला के बेजुबान बने रहने से इन हालात के पीछे की कहानी और नाम-पते की जानकारी नहीं हो सकी।
डायल 1076 पर नहीं मिली मदद
क्षेत्र की पार्षद रजनी के पति कपिल देव ने बताया कि बुधवार सुबह बुजुर्ग महिला के मिलने पर उन्होंने हेल्प लाइन नंबर 1076 पर कई बार कॉल की। आरोप है कि मदद तो मिली नहीं, कॉल रिसीव करने वाले ने अच्छा रिसपॉन्स भी नहीं दिया।
वृद्धाश्रम में भी नहीं मिली शरण
कपिल देव ने बताया कि वह कुछ लोगों के साथ वृद्धा को बुद्धि विहार स्थित वृद्धाश्रम ले गए। उनकी हालत खराब बताते हुए वहां के स्टाफ ने परिसर में ठहराने से मना कर दिया। इसके बाद जिला अस्पताल ले गए, जहां भर्ती कर लिया गया।
बहू-बच्चों के बारे में पूछने पर सहम जाती है
अज्ञात वृद्धा के बारे में जानने के लिए कुछ लोगों ने उनके नाम-पते से जुड़े सवाल किए तो कुछ ने बहू-बच्चों के बारे में पूछा। लोगों ने बताया कि बहू-बच्चों का सवाल सुनते ही वह सहम गईं। ऐसे में अपनों के सताने की वजह से ये हालात पैदा होने के कयास लगाए जा रहे हैं। यह भी सवाल उठ रहा है कि वह बोल नहीं पा रहीं या बेघर करने वाली घरेलू कहानी बताने से बच रही हैं।