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Moradabad News: गृह कर में राहत नहीं, नई दरें ही रहेंगी लागू
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मुरादाबाद। निर्यातकों, डॉक्टरों और व्यापारियों के विरोध के बाद भी नगर निगम जीआईएस सर्वे के बाद लागू की गईं गृह कर और जल कर की नई दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। विधायक रितेश गुप्ता की शिकायत के बाद नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल ने शुक्रवार को मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के समक्ष प्रजेंटेशन दिया। मुख्य सचिव ने गृह कर और जल कर को सही मानते हुए मंजूरी दे दी।
विधायक रितेश गुप्ता के साथ गए प्रतिनिधिमंडल की शिकायत पर मुख्य सचिव ने नगर आयुक्त को लखनऊ बुलाया था। शुक्रवार की दोपहर दो बजे से नगर आयुक्त ने मुख्य सचिव के समक्ष प्रजेंटेशन देना शुरू किया। उस समय डीएम अनुज सिंह और एमडीए उपाध्यक्ष शैलेष कुमार भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।
नगर आयुक्त ने बताया कि करीब 20 मिनट के प्रजेंटेशन के दौरान मुख्य सचिव ने गृह कर, जल कर, अतिक्रमण सहित अन्य बिंदुओं पर जानकारी ली। मुख्य सचिव ने नगर निगम के कार्यों की सराहना की। जल कर और गृह कर को सही माना और कहा कि पिछले छह माह के दौरान टैक्स चोरी पर सख्ती के लिए उठाए गए कदम उचित हैं।
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लाइनपार में अतिक्रमण के मामले में मंडलायुक्त ने व्यापारियों से बातचीत कर एक सहमति बनाई थी। इसी सहमति के आधार पर लाइनपार का विकास किया जाएगा। बेसमेंट के मुद्दे पर मुख्य सचिव ने कोई वार्ता नहीं की। उन्होंने सलाह दी कि जनता के बीच कुछ भ्रम की स्थिति है। इसे दूर करने के लिए नगर निगम एक ड्राफ्ट तैयार करे। मुख्य सचिव की सहमति के बाद इस ड्राफ्ट को विज्ञापन के माध्यम से प्रकाशित कराया जाएगा।
नगर आयुक्त ने मुख्य सचिव को बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में नगर निगम के जल की पाइपलाइन नहीं गई है। सीवर की लाइन उपलब्ध नहीं है। ऐसे क्षेत्रों का सर्वे कराने के बाद जल कर और सीवर कर माफ किया गया है। मुख्य सचिव ने इस निर्णय को जनहित में न्यायपूर्ण बताया है।
नगर विधायक रितेश गुप्ता ने कहा कि वह जनता द्वारा उठाए गए जल कर और गृह कर के मुद्दों पर कायम हैं। नगर निगम द्वारा 10 गुना बढ़ाकर दिए गए टैक्स को दुरुस्त करना होगा। स्मार्ट सिटी के नाम पर अनावश्यक तोड़फोड़ स्वीकार नहीं की जाएगी।
विधायक ने कहा कि मनमाने ढंग से गृह कर के बराबर जल कर वसूला गया है। ऐसे बिलों को ठीक करना होगा। नगर निगम ऐसा सरल ढंग से टैक्स लागू करे जो आम जनता भी टैक्स जोड़कर जमा कर सके। नियमानुसार आठ प्रतिशत की छूट मिलनी चाहिए। स्मार्ट सिटी के नाम पर किसी को उजाड़ा नहीं जाना चाहिए। खोखे लगाने वाले दुकानदारों को हटाने से पहले उनको बसाने के लिए सोचना होगा। लाइनपार में पहले से 31 मीटर सड़क मौजूद है। ऐसी स्थिति 500 दुकानदारों की दुकानों को उजाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएंगी। इस मामले में मंडलायुक्त के समक्ष वार्ता भी हुई थी। विधायक ने इस योजना को कही अन्य स्थान पर शिफ्ट करने के लिए कहा था। विधायक ने इस मामले में व्यापारियों, डॉक्टरों, निर्यातकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्य सचिव, नगर विकास मंत्री और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव से मुलाकात की थी। ब्यूरो
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विधायक रितेश गुप्ता के साथ गए प्रतिनिधिमंडल की शिकायत पर मुख्य सचिव ने नगर आयुक्त को लखनऊ बुलाया था। शुक्रवार की दोपहर दो बजे से नगर आयुक्त ने मुख्य सचिव के समक्ष प्रजेंटेशन देना शुरू किया। उस समय डीएम अनुज सिंह और एमडीए उपाध्यक्ष शैलेष कुमार भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े।
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नगर आयुक्त ने बताया कि करीब 20 मिनट के प्रजेंटेशन के दौरान मुख्य सचिव ने गृह कर, जल कर, अतिक्रमण सहित अन्य बिंदुओं पर जानकारी ली। मुख्य सचिव ने नगर निगम के कार्यों की सराहना की। जल कर और गृह कर को सही माना और कहा कि पिछले छह माह के दौरान टैक्स चोरी पर सख्ती के लिए उठाए गए कदम उचित हैं।
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लाइनपार में अतिक्रमण के मामले में मंडलायुक्त ने व्यापारियों से बातचीत कर एक सहमति बनाई थी। इसी सहमति के आधार पर लाइनपार का विकास किया जाएगा। बेसमेंट के मुद्दे पर मुख्य सचिव ने कोई वार्ता नहीं की। उन्होंने सलाह दी कि जनता के बीच कुछ भ्रम की स्थिति है। इसे दूर करने के लिए नगर निगम एक ड्राफ्ट तैयार करे। मुख्य सचिव की सहमति के बाद इस ड्राफ्ट को विज्ञापन के माध्यम से प्रकाशित कराया जाएगा।
नगर आयुक्त ने मुख्य सचिव को बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में नगर निगम के जल की पाइपलाइन नहीं गई है। सीवर की लाइन उपलब्ध नहीं है। ऐसे क्षेत्रों का सर्वे कराने के बाद जल कर और सीवर कर माफ किया गया है। मुख्य सचिव ने इस निर्णय को जनहित में न्यायपूर्ण बताया है।
नगर विधायक रितेश गुप्ता ने कहा कि वह जनता द्वारा उठाए गए जल कर और गृह कर के मुद्दों पर कायम हैं। नगर निगम द्वारा 10 गुना बढ़ाकर दिए गए टैक्स को दुरुस्त करना होगा। स्मार्ट सिटी के नाम पर अनावश्यक तोड़फोड़ स्वीकार नहीं की जाएगी।
विधायक ने कहा कि मनमाने ढंग से गृह कर के बराबर जल कर वसूला गया है। ऐसे बिलों को ठीक करना होगा। नगर निगम ऐसा सरल ढंग से टैक्स लागू करे जो आम जनता भी टैक्स जोड़कर जमा कर सके। नियमानुसार आठ प्रतिशत की छूट मिलनी चाहिए। स्मार्ट सिटी के नाम पर किसी को उजाड़ा नहीं जाना चाहिए। खोखे लगाने वाले दुकानदारों को हटाने से पहले उनको बसाने के लिए सोचना होगा। लाइनपार में पहले से 31 मीटर सड़क मौजूद है। ऐसी स्थिति 500 दुकानदारों की दुकानों को उजाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएंगी। इस मामले में मंडलायुक्त के समक्ष वार्ता भी हुई थी। विधायक ने इस योजना को कही अन्य स्थान पर शिफ्ट करने के लिए कहा था। विधायक ने इस मामले में व्यापारियों, डॉक्टरों, निर्यातकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्य सचिव, नगर विकास मंत्री और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव से मुलाकात की थी। ब्यूरो