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Moradabad News: न पेट दर्द का सिरप न मानसिक रोग की दवा...बेहतर इलाज के दावे हवा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 18 Feb 2026 02:14 AM IST
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Neither stomach ache syrup nor mental illness medicine...claims of better treatment are baseless.
मुरादाबाद। मूंढापांडे के भदासना गांव निवासी सुनीता (47) अवसाद से जूझ रही हैं। खराब आर्थिक स्थिति के कारण इलाज के लिए वह जिला अस्पताल पर निर्भर हैं। मंगलवार को सुनीता अपने पति महेश के साथ जिला अस्पताल में दवा के लिए भटकती नजर आईं। डॉक्टर ने पर्चे पर तीन दवाएं लिखी थीं, जिनमें से उन्हें सिर्फ एक ही दवा जिला अस्पताल की फार्मेसी से मिल पाई।
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महिला मरीज के पति ने कहा कि डॉक्टर साहब ने पहले ही बता दिया था बाकी दवाएं बाहर से खरीदनी होंगी। यह स्थिति सिर्फ एक मरीज की नहीं है। जिला अस्पताल में हर दिन ऐसे तमाम मरीज बिना दवाओं के परेशान होते हैं। अस्पताल में जो दवा उन्हें निशुल्क मिल सकती है। उसके लिए निजी मेडिकल स्टोर पर रुपये चुकाने पड़ते हैं। जिला अस्पताल प्रबंधन के दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता के दावों के बीच मंगलवार को मरीज खांसी का सीरप, पेट दर्द व पेशाब में इंफेक्शन की दवा, गैस के कैप्सूल के लिए परेशान होते रहे। ओमिप्राजोल कैप्सूल व अल्कासोल सिरप कई मरीजों को नहीं मिल पाए। मरीजों को डिस्पेंसरी से यह कहकर लौटा दिया गया कि इस दवा की कोई खास जरूरत नहीं हैं। वहीं खांसी के सिरप खत्म होने का हवाला देते हुए अगले दिन आने को कहा। इन मरीजों में महिलाओं के अलावा 70 वर्षीय बुजुर्ग भी शामिल थे लेकिन किसी के पास दवा बाहर से खरीदने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
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मेरी पत्नी अवसाद रोगी हैं। डॉक्टर ने पर्चे पर तीन दवाएं लिखी हैं लेकिन यहां एक ही दवा मिली है। अब बाकी दवाएं बाहर से लेनी पड़ेंगी। यहां कल भी नहीं मिल पाएंगी।
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- महेश कुमार, मूंढापांडे

मैं 15 किमी दूर मनकुआ गांव से आया हूं। मेरे पेट में इंफेक्शन है। मुझे अल्कासोल सिरप नहीं मिला और एक टैबलेट भी कम है। अब बाहर से दवा खरीदना मजबूरी है।
- सलीम अहमद

मेरी उम्र 70 साल है। चलने फिरने में भी परेशानी होती है। खांसी-बुखार की दवा लेने आया था लेकिन सिरप नहीं मिला। कल फिर आकर लाइन में लगना पड़ेगा। इलाज तो कराना ही है।
- मो. हनीफ, लाल मस्जिद

मुझे कई दिन से खांसी-बुखार की समस्या है। यहां डॉक्टर ने पर्चे पर जो दवा लिखी हैं उनमें से गैस का कैप्सूल ओमिप्राजोल और खांसी का सिरप नहीं मिला। स्टाफ ने कह दिया कि इन दवाओं की कोई खास जरूरत नहीं है।

- राकेश कुमार, काजीपुरा

पेट में दर्द , एसिडिटी और पेशाब में जलन की दवा डॉक्टर ने पर्चे पर लिखी है। यह दवा अस्पताल में नहीं मिल रही है। अब बाहर से खरीदनी पड़ेगी, क्या करूं।
- देवेंद्र कुमार, लाइनपार

मानसिक रोग की दवाओं के लिए मरीजों को एक अटेंडेंट साथ लाने के लिए और पिछली दवा के रेपर लाने के लिए कहा जाता है। कुछ दवाओं के लिए इनडेंट बनाकर भी भेजा गया है। अन्य सारी दवाइयां जैसे खांसी का सीरप, गैस की दवा, पेशाब में इंफेक्शन की दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
- डॉ. राजेंद्र कुमार, चिकित्साधीक्षक
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