{"_id":"697532505c54fa37c40c87ca","slug":"neither-checked-the-pulse-nor-administered-the-medicineasked-about-the-problem-and-prescribed-the-medicine-moradabad-news-c-15-1-mbd1005-819917-2026-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: नब्ज देखी न लगाया आला...परेशानी पूछ लिख दी दवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: नब्ज देखी न लगाया आला...परेशानी पूछ लिख दी दवा
विज्ञापन
मुरादाबाद। वीरपुर निवासी सलमा के सीने में बायीं ओर दर्द की शिकायत लेकर शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी पहुंचीं। पर्ची बनवाने के बाद वह एमडी मेडिसिन के कमरे में दाखिल हुईं। जहां डॉक्टर ने न तो देखी और न ही आला लगाया। सिर्फ परेशानी पूछी और दवा लिख दी।
यह सिर्फ सलमा के साथ नहीं बल्कि यहां पहुंचने वाले अधिकांश मरीजों के साथ ऐसा होता है। मेडिसिन फिजिशियन की ओपीडी में चिकित्सक उपचार के नाम पर मरीज को बमुश्किल 30 सेकेंड का समय दे पाते हैं। बस मरीज से परेशानी पूछते हैं और दवाएं लिखकर पर्चा थमा देते हैं। मरीज की न तो नब्ज देखते हैं और न ही आला लगाकर जांच करते हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में शनिवार को 1235 मरीज पहुंचे। इसमें 45 मरीज री-विजिट वाले और 255 मरीज टोकन के माध्यम से आए। फिजिशियन की ओपीडी में 180 मरीज पहुंचे। दोपहर 12.15 बजे फिजिशियन डॉ. आशीष सिंह राउंड पर रहे। उनकी जगह पर जूनियर रेजीडेंट और इंटर्न मरीजों को देख रहे थे। उन्होंने न किसी मरीज की नब्ज देखी और न ही किसी को आला लगाया। बस बुलाया, परेशानी पूछी और उपचार लिख दिया। एक मरीज को बमुश्किल 30 सेकेंड का समय मिल रहा था। कई मरीजों ने बताया कि परेशानी को जानने के लिए कोई जांच भी नहीं लिखी।
विज्ञापन
00
मेरे पैरों में बहुत ज्यादा दर्द है। करीब एक महीने से दवा खा रही हूं, आराम नहीं हो रहा है। आज भी डॉक्टर ने सिर्फ परेशानी पूछी और दवा लिख दी। कोई जांच नहीं लिखी है।
नाजमीन, मैनाठेर
00
यहां पर इंटर्न मरीजों को देख रहे हैं। यह किसी मरीज की नब्ज नहीं देख रहे हैं, सिर्फ दवाइयां लिख देते हैं। यदि सीनियर डॉक्टर रहेंगे तो वह अच्छे से देख सकेंगे। एक मरीज को मुश्किल से आधा मिनट का समय दे रहे हैं।
000
गुलशन, नागफनी
मेरे सीने में बायीं तरफ दर्द होता है। चिकित्सकों ने न नब्ज देखी और न ही कोई जांच लिखी। सिर्फ परेशानी पूछकर दवा लिख दी है। जबकि मुझे शुगर की परेशानी भी है।
सलमा, वीरपुर
000
- सभी जूनियर रेजीडेंट और इंटर्न को चेतावनी दी गई है कि वह सभी मरीजों को परेशानी ध्यान से सुनकर प्राथमिक परीक्षण करें। इसके बाद दवाइयां लिखें। शनिवार को एक चिकित्सक अवकाश पर थे और दूसरे फिजिशियन डॉ. आशीष सिंह राउंड पर गए थे। इसलिए यह समस्या हुई है। भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। फिजिशियन की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
डॉ. संगीता गुप्ता, सीएमएस, जिला अस्पताल
विज्ञापन
यह सिर्फ सलमा के साथ नहीं बल्कि यहां पहुंचने वाले अधिकांश मरीजों के साथ ऐसा होता है। मेडिसिन फिजिशियन की ओपीडी में चिकित्सक उपचार के नाम पर मरीज को बमुश्किल 30 सेकेंड का समय दे पाते हैं। बस मरीज से परेशानी पूछते हैं और दवाएं लिखकर पर्चा थमा देते हैं। मरीज की न तो नब्ज देखते हैं और न ही आला लगाकर जांच करते हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल की ओपीडी में शनिवार को 1235 मरीज पहुंचे। इसमें 45 मरीज री-विजिट वाले और 255 मरीज टोकन के माध्यम से आए। फिजिशियन की ओपीडी में 180 मरीज पहुंचे। दोपहर 12.15 बजे फिजिशियन डॉ. आशीष सिंह राउंड पर रहे। उनकी जगह पर जूनियर रेजीडेंट और इंटर्न मरीजों को देख रहे थे। उन्होंने न किसी मरीज की नब्ज देखी और न ही किसी को आला लगाया। बस बुलाया, परेशानी पूछी और उपचार लिख दिया। एक मरीज को बमुश्किल 30 सेकेंड का समय मिल रहा था। कई मरीजों ने बताया कि परेशानी को जानने के लिए कोई जांच भी नहीं लिखी।
विज्ञापन
00
मेरे पैरों में बहुत ज्यादा दर्द है। करीब एक महीने से दवा खा रही हूं, आराम नहीं हो रहा है। आज भी डॉक्टर ने सिर्फ परेशानी पूछी और दवा लिख दी। कोई जांच नहीं लिखी है।
नाजमीन, मैनाठेर
00
यहां पर इंटर्न मरीजों को देख रहे हैं। यह किसी मरीज की नब्ज नहीं देख रहे हैं, सिर्फ दवाइयां लिख देते हैं। यदि सीनियर डॉक्टर रहेंगे तो वह अच्छे से देख सकेंगे। एक मरीज को मुश्किल से आधा मिनट का समय दे रहे हैं।
000
गुलशन, नागफनी
मेरे सीने में बायीं तरफ दर्द होता है। चिकित्सकों ने न नब्ज देखी और न ही कोई जांच लिखी। सिर्फ परेशानी पूछकर दवा लिख दी है। जबकि मुझे शुगर की परेशानी भी है।
सलमा, वीरपुर
000
- सभी जूनियर रेजीडेंट और इंटर्न को चेतावनी दी गई है कि वह सभी मरीजों को परेशानी ध्यान से सुनकर प्राथमिक परीक्षण करें। इसके बाद दवाइयां लिखें। शनिवार को एक चिकित्सक अवकाश पर थे और दूसरे फिजिशियन डॉ. आशीष सिंह राउंड पर गए थे। इसलिए यह समस्या हुई है। भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए निर्देश जारी कर दिए गए हैं। फिजिशियन की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
डॉ. संगीता गुप्ता, सीएमएस, जिला अस्पताल