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नौ दिन बाद जेल से रिहा हुआ नवाब, घर में लौटी खुशियां
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मुरादाबाद। गोकशी के झूठे आरोप में नौ दिन से बंद बेगुनाह नवाब शनिवार को जेल से रिहा होकर बाहर निकला तो मां साबिरा, पत्नी राबिया और बच्चों ने डबडबाती आंखों और मुस्कुराहट के साथ उसका स्वागत किया। नवाब ने भी उन्हें गले से लगा लिया। परिवार के लिए यह दिन ईद से कम नहीं था। परिजनों ने मिठाइयां बांटकर खुशियां मनाईं।
भगतपुर के मंगा वाला निवासी नवाब को पुलिस ने गोकशी के आरोप में जेल भेज दिया था। जबकि नवाब ने खुद अपने मोबाइल से वीडियो बनाकर पुलिस को सूचना दी थी। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। तब एसएसपी हेमंत कुटियाल ने एसपी देहात विद्या सागर मिश्र से मामले की जांच कराई। जांच में नवाब निर्दोष पाया गया था। रिपोर्ट के आधार पर शुक्रवार को एसएसपी ने दरोगा सुभाष चंद्र को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए थे। निर्दोष नवाब की रिहाई के लिए पुलिस ने 169 सीआरपीसी की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की। इसके बाद कोर्ट ने नवाब की रिहाई का फरमान जारी किया था। शुक्रवार रात ही फरमान जेल भेज दिया गया था। शनिवार को रिहाई के बाद नवाब बाहर आया तो उसकी मां साबरा ने उसे गले से लगा लिया। बच्चे उजमा, समीर, हिना, आदिया, अबीबा और समद भी अपने पिता से लिपट गए। नवाब के घर आने पर गांव के अन्य लोग भी पहुंच गए। मां और पत्नी ने सभी को मिठाइयां बांटी और खुशी मनाई। देर रात तक नवाब के घर में खुशियाें का माहौल बना रहा।
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भगतपुर के मंगा वाला निवासी नवाब को पुलिस ने गोकशी के आरोप में जेल भेज दिया था। जबकि नवाब ने खुद अपने मोबाइल से वीडियो बनाकर पुलिस को सूचना दी थी। अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। तब एसएसपी हेमंत कुटियाल ने एसपी देहात विद्या सागर मिश्र से मामले की जांच कराई। जांच में नवाब निर्दोष पाया गया था। रिपोर्ट के आधार पर शुक्रवार को एसएसपी ने दरोगा सुभाष चंद्र को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए थे। निर्दोष नवाब की रिहाई के लिए पुलिस ने 169 सीआरपीसी की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की। इसके बाद कोर्ट ने नवाब की रिहाई का फरमान जारी किया था। शुक्रवार रात ही फरमान जेल भेज दिया गया था। शनिवार को रिहाई के बाद नवाब बाहर आया तो उसकी मां साबरा ने उसे गले से लगा लिया। बच्चे उजमा, समीर, हिना, आदिया, अबीबा और समद भी अपने पिता से लिपट गए। नवाब के घर आने पर गांव के अन्य लोग भी पहुंच गए। मां और पत्नी ने सभी को मिठाइयां बांटी और खुशी मनाई। देर रात तक नवाब के घर में खुशियाें का माहौल बना रहा।
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