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Moradabad News: तंग गली, छोटा सा दरवाजा....इन कोचिंग सेंटरों में खतरों भरी है कॅरियर की राह

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jun 2026 02:06 AM IST
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Narrow lanes, tiny doorways... the career path in these coaching centers is fraught with danger.
मुरादाबाद। एकदम तंग गली। यहां कॅरियर को बेहतर बनाने के दावे लिखे बोर्ड लगे हैं। बोर्ड देखकर लगा कि वाकई कोई बड़ा संस्थान होगा। लेकिन जैसे ही हम इस सेंटर तक पहुंचे तो छोटा सा दरवाजा था जिसमें से एक बार में एक ही शख्स निकल सकता है। इस गली में फायर ब्रिगेड की गाड़ी तक नहीं जा सकती है। लेकिन यहां दिन भर पढ़ने वाले बच्चों की भीड़ लगी रहती है। यह स्थिति किसी एक सेंटर की नहीं बल्कि अधिकांश जगह हालात यही हैं। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि लाइनपार, जीलाल स्ट्रीट, मंडी चौक, जीएमडी रोड, गुजराती मोहल्ला, कोठीवाल नगर, फैजगंज और कांठ रोड जैसे इलाकों में कई शिक्षण संस्थान ऐसे भवनों में चल रहे हैं, जहां आपदा की स्थिति में राहत पहुंचना ही मुश्किल होगा। यह सिर्फ नियमों की अनदेखी नहीं, बल्कि बच्चों की जान को जोखिम में डालने जैसा है
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लाइनपार: ऊपर कोचिंग, नीचे खतरा
लाइनपार में माता मंदिर के पास एक कतार में पांच कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी चल रहे हैं। इनमें से चार पहली मंजिल पर हैं। ऊपर पहुंचने के लिए संकरी सीढ़ियां हैं, जिनसे एक समय में मुश्किल से एक व्यक्ति निकल सकता है। इमरजेंसी में तो यही सीढ़ियां भवन से बाहर निकलने का रास्ता बनेंगी। सबसे गंभीर बात यह है कि यहां एक लाइब्रेरी बेसमेंट में संचालित हो रही है। बेसमेंट, बंद माहौल, सीमित निकास और बच्चों की भीड़। यह किसी भी हादसे को भयावह बना सकता है।
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कांठ रोड: नामी कोचिंग, लेकिन इंतजाम कमजोर

कांठ रोड के कई नामचीन कोचिंग सेंटर भी सुरक्षा के मामले में सवालों के घेरे में हैं। ज्यादातर पहली मंजिल पर चल रहे हैं। कहीं कोचिंग तक पहुंचने का रास्ता मॉल के भीतर से होकर जाता है, तो कहीं ऊपर जाने के लिए बेहद संकरी सीढ़ियां हैं। आने-जाने का रास्ता एक ही है। यानी अगर ऊपर किसी फ्लोर पर धुआं भर गया या आग लग गई, तो बाहर निकलना सबसे बड़ा संकट बन जाएगा।
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स्कूल, इंटर कॉलेज, कोचिंग सेंटर के लिए फायर एनओसी के अहम मानक

- वैध फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट अनिवार्य। केवल अग्निशमन यंत्र लगे होने से काम नहीं चलेगा।
- भवन सुरक्षा प्रमाणपत्र भी जरूरी, जिसमें भवन के ब्लॉक और मंजिलों का विवरण हो।
- आपातकालीन निकास और चौड़े रास्ते या सीढ़ियां हों
- भवन का उपयोग सुरक्षित श्रेणी में हो। सिर्फ दुकान/कॉमर्शियल फ्लोर को क्लासरूम में बदल देना पर्याप्त नहीं।
- एक से अधिक सुरक्षित निकास, पर्याप्त चौड़ाई वाली सीढ़ियां।
- फायर एक्सटिंग्विशर, अलार्म, आपातकालीन लाइट, स्पष्ट एग्जिट साइन होने चाहिए।
- जिस भवन में कोचिंग चल रही है, वहां दमकल और एंबुलेंस की पहुंच संभव होनी चाहिए।

वर्जन
कोचिंग व शिक्षण संस्थानों में लगातार चेकिंग जारी है। जहां खामियां मिल रही हैं वहां कार्रवाई की जा रही है। कई भवनों पर नोटिस जारी किए गए हैं। अभियान जारी रहेगा और छात्रों की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
- राजीव कुमार पांडे, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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