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हंगामे, भ्रष्टाचार के आरोप-प्रत्यारोप के बीच हुई नगर निगम बोर्ड की बैठक
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पंचायत भवन सभागार में नगर निगम की बोर्ड की बैठक में हंगामा करते पार्षद।
- फोटो : CITY
मुरादाबाद। नगर निगम बोर्ड की बुधवार को हुई बैठक हंगामे, पक्षपात, भ्रष्टाचार के आरोप प्रत्यारोप के बीच संपन्न हुई। करीब आठ घंटे चली इस बैठक में सहायक नगर आयुक्त गंभीर सिंह व मुख्य कर निर्धारण अधिकारी राकेश सोनकर मुख्य रूप से पार्षदों के निशाने पर रहे। दोनों पर अधिकांश पार्षदों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इसके अलावा सीवर लाइन डालने के काम को लेकर क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों व सफाई कर्मियों के अधिकारियों की मिलीभगत से ठीक से कार्य न करने का भी मुद्दा उठाया गया। अपनी बात पहले सदन के समक्ष रखने को लेकर सत्ता पक्ष व विपक्ष के पार्षद कई आपस में भिड़ गए और शोर शराबा करते हुए सीट छोड़ कर गैलरी तक में पहुंच गए। इस पर महापौर को हस्तक्षेप कर शांत कराना पड़ा।
पंचायत भवन में सभागार में सुबह ठीक ग्यारह बजे महापौर विनोद अग्रवाल की अध्यक्षता में शुरू हुई यह बैठक नगर के विकास व लोगों की समस्याओं से जुड़े सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। पार्षद विद्यासरन बिट्टू ने सहायक नगर आयुक्त गंभीर सिंह पर सफाई कर्मियों की मनचाहे स्थान पर तैनाती करने का आरोप लगाया। कहा कि इसके चलते वार्ड में नियुक्त कई सफाई कर्मी काम ही नहीं करते। उन्होंने भरे सदन में एसएनए पर सफाई कर्मियों के ट्रांसफर में सुविधा शुल्क लेने व कार्य न करने वाले सफाई कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई आदि न करने का भी आरोप लगाया। उनकी इस बात का पार्षद कुलदीप व नदीम अंसारी ने भी समर्थन किया। इसके बाद सदन से कई पार्षद अपनी सीट से खड़े होकर सहायक नगर आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाने लगे। सहायक नगर आयुक्त ने सदन को सफाई दी कि उन्होंने निरीक्षण के दौरान गैरहाजिर मिलने पर पिछले छह माह में सफाई कर्मियों के वेतन से कटौती के रूप में लाखों रुपये नगर निगम के कोष में जमा कराए हैं। लेकिन उनके इस तर्क से पार्षद संतुष्ट नहीं हुए।
पार्षद नदीम अंसारी व उपाध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कर वसूली को लेकर मुख्य कर निर्धारण अधिकारी राकेश सोनकर पर भ्रष्टाचार व अवैध वसूली के आरोप लगाए। दोनों पार्षदों का कहना था कि जिन भवनों पर पहले से कर लगे हैं सीकेएन व उनके कार्यालय के कुछ लोग उन्हीं लोगों का कर बढ़ाकर नोटिस देने के बाद उनका शोषण कर रहे हैं। सदन की ओर से जो भवन कर के दायरे में नहीं हैं उन्हें दायरे में लाकर वसूली की बात कही जा रही है, लेकिन सीकेएन ऐसा नहीं कर रहे हैं। इसके चलते नगर निगम की आय प्रभावित हो रही है। पार्षदों ने सीकेएन व एसएनए के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसका सदन में मौजूद अधिकांश पार्षद अपनी सीट से खड़े होकर इसका समर्थन किया। इस पर महापौर विनोद अग्रवाल ने दोनों अधिकारियों को कार्य में सुधार लाने की चेतावनी देते हुए उनकी जांच करा कार्रवाई के लिए नगर आयुक्त को निर्देश दिए।
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पार्षद डिंपल सिंह ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के दौरान पार्षद की रिपोर्ट व श्मशान, कब्रिस्तान की रसीद के बाद भी सफाई नायक की रिपोर्ट को अनिवार्य किए जाने के औचित्य पर सवाल उठाया। उन्होंने जेल के पीछे स्थित नगर निगम की भूमि के विवादित हिस्से को छोड़ शेष को कब्जे में लेने की बात कही। पार्षद प्रदीप शर्मा ने ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में लोगों के कार खड़ी करने व जनरेटर रखने पर पाबंदी लगाने की की मांग की। इस पर नगर आयुक्त संजय चौहान ने प्रभावी कार्रवाई की बात कही। डा. गौरव श्रीवास्तव ने वार्ड 47 में पेयजल के लिए पाइपलाइन डलवाने की मांग उठाई। पार्षद सलीम वारसी ने जामा मस्जिद पार्क के सौंदर्यीकरण, पंकज यादव ने पुरानी पाइप लाइनों के स्थान पर नई पाइप लाइनों डाले जाने, बिना पाइप लाइन बिछाए ट्यूबवेल की स्थापना कर देने, इकबाल, शीरीगुल ने वार्ड में सफाई कर्मियों की कमी को पूरा करने, असद कमाल ने चोक सीवर लाइनों को साफ कराने आदि की मांग की।
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महापौर पर लगाया पक्षपात का आरोप
पार्षद सद्दाम ने सदन में खड़े होकर कहा कि वह पहली बार पार्षद बना है, इसलिए महापौर विकास कार्यों में उसकी उपेक्षा करते हैं। जबकि उन पार्षदों को अधिक तरजीह दी जाती है जो इससे पहले भी पार्षद रह चुके हैं। इस पर महापौर ने उसके आरोप को गलत बताया। सत्ता पक्ष के कई पार्षद भी अपनी सीट से खड़े होकर सद्दाम की बात का विरोध किया। इस बात को लेकर भी कुछ देर शोर शराबा व हंगामा हुआ।
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... तब नगर आयुक्त को जताना पड़ा खेद
वार्ड 31 की पार्षद रुचि चौधरी ने सदन में मौजूद अधिकारियों से कहा कि कुछ दिन पहले उनके वार्ड क्षेत्र में आने वाले कुक्कुटशाला पर वेंडरों के लिए दुकानों का निर्माण करा कर उन्हें भव्य कार्यक्रम आयोजित कर आवंटित करने का काम किया गया। इस कार्यक्रम में कई अन्य वार्डों के पार्षदों को बुलाया गया, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं दी गई। इस पर नगर आयुक्त ने बताया कि इस कार्यक्रम की जानकारी सभी पार्षदों को देने की जिम्मेदारी पीओ डूडा को दी गई थी। वह इसके लिए उनका स्पष्टीकरण तलब करेंगे। साथ ही इसके लिए जिस स्तर पर भी चूक हुई है वह इसके लिए स्वयं खेद व्यक्त कर रहे हैं।
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करीब दस माह बाद बोर्ड की बैठक संपन्न हुई। सफाईकर्मियों की अव्यवस्थित तैनाती व कर वसूली में मनमानी को लेकर पार्षदों ने सामूहिक रूप से रोष जताया। करीब आठ घंटे तक चली लंबी बैठक में इच्छुक सभी पार्षदों को बोलने का मौका दिया गया। पार्षदों ने सहायक नगर आयुक्त गंभीर सिंह व मुख्य कर निर्धारण अधिकारी राकेश सोनकर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों अधिकारियों को सदन में चेतावनी देने के साथ नगर आयुक्त को उनकी जांच कर कार्रवाई के लिए कहा गया है।
विनोद अग्रवाल, महापौर
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3.71 अरब का मूल बजट सदन से भी पास
मुरादाबाद। लेखाधिकारी एवं स्मार्ट सिटी के नोडल अधिकारी टीएन मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2020-21 का मूल बजट तीन अरब 71 करोड़ 87 लाख रुपये का प्रस्ताव नगर निगम कार्यकारिणी की ओर से पहले पास किया जा चुका है। सदन से इसे पास होना है। लेखाधिकारी ने बताया कि इसमें करीब 90 करोड़ रुपये अवस्थापना में तथा 80 करोड़ रुपये विकास कार्य पर खर्च किए जाएंगे। इस पर सभी ने ध्वनिमत से इसे पास कर दिया। इसके अलावा वर्ष 2019-20 के ब्यय बजट तीन अरब 72 करोड़ 28 लाख रुपये का भी लेखाजोखा पढ़ कर सुनाया। इस बजट को भी कार्यकारिणी की बैठक में पहले पास किया जा चुका है। इस बैठक में भी उसे ध्वनिमत से पास कर दिया गया।
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बैठक में मुख्यरूप से नगर निगम की संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने, सफाई कर्मियों की कमी को पूरा करने तथा पाइप लाइन बिछाने के दौरान से क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों से होने वाली दिक्कत व कर वसूली में गड़बड़ी का मुद्दा पुरजोर ढंग से पार्षदों ने उठाया है। पाइप लाइन से क्षतिग्रस्त सड़कों के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। यह समिति पूरे शहर की जांच कर ऐसे सभी स्थानों की सूचना नगर निगम को देगी। जिसके बाद नगर निगम स्वयं उसकी मरम्मत कराएगा। आगे भी यह प्राविधान किया जाएगा कि पाइप लाइन बिछाने का काम भले ही कोई दूसरी संस्था करे लेकिन सड़क मरम्मत का काम नगर निगम करेगी।
संजय चौहान, नगर आयुक्त
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पंचायत भवन में सभागार में सुबह ठीक ग्यारह बजे महापौर विनोद अग्रवाल की अध्यक्षता में शुरू हुई यह बैठक नगर के विकास व लोगों की समस्याओं से जुड़े सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। पार्षद विद्यासरन बिट्टू ने सहायक नगर आयुक्त गंभीर सिंह पर सफाई कर्मियों की मनचाहे स्थान पर तैनाती करने का आरोप लगाया। कहा कि इसके चलते वार्ड में नियुक्त कई सफाई कर्मी काम ही नहीं करते। उन्होंने भरे सदन में एसएनए पर सफाई कर्मियों के ट्रांसफर में सुविधा शुल्क लेने व कार्य न करने वाले सफाई कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई आदि न करने का भी आरोप लगाया। उनकी इस बात का पार्षद कुलदीप व नदीम अंसारी ने भी समर्थन किया। इसके बाद सदन से कई पार्षद अपनी सीट से खड़े होकर सहायक नगर आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाने लगे। सहायक नगर आयुक्त ने सदन को सफाई दी कि उन्होंने निरीक्षण के दौरान गैरहाजिर मिलने पर पिछले छह माह में सफाई कर्मियों के वेतन से कटौती के रूप में लाखों रुपये नगर निगम के कोष में जमा कराए हैं। लेकिन उनके इस तर्क से पार्षद संतुष्ट नहीं हुए।
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पार्षद नदीम अंसारी व उपाध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कर वसूली को लेकर मुख्य कर निर्धारण अधिकारी राकेश सोनकर पर भ्रष्टाचार व अवैध वसूली के आरोप लगाए। दोनों पार्षदों का कहना था कि जिन भवनों पर पहले से कर लगे हैं सीकेएन व उनके कार्यालय के कुछ लोग उन्हीं लोगों का कर बढ़ाकर नोटिस देने के बाद उनका शोषण कर रहे हैं। सदन की ओर से जो भवन कर के दायरे में नहीं हैं उन्हें दायरे में लाकर वसूली की बात कही जा रही है, लेकिन सीकेएन ऐसा नहीं कर रहे हैं। इसके चलते नगर निगम की आय प्रभावित हो रही है। पार्षदों ने सीकेएन व एसएनए के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसका सदन में मौजूद अधिकांश पार्षद अपनी सीट से खड़े होकर इसका समर्थन किया। इस पर महापौर विनोद अग्रवाल ने दोनों अधिकारियों को कार्य में सुधार लाने की चेतावनी देते हुए उनकी जांच करा कार्रवाई के लिए नगर आयुक्त को निर्देश दिए।
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पार्षद डिंपल सिंह ने मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के दौरान पार्षद की रिपोर्ट व श्मशान, कब्रिस्तान की रसीद के बाद भी सफाई नायक की रिपोर्ट को अनिवार्य किए जाने के औचित्य पर सवाल उठाया। उन्होंने जेल के पीछे स्थित नगर निगम की भूमि के विवादित हिस्से को छोड़ शेष को कब्जे में लेने की बात कही। पार्षद प्रदीप शर्मा ने ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में लोगों के कार खड़ी करने व जनरेटर रखने पर पाबंदी लगाने की की मांग की। इस पर नगर आयुक्त संजय चौहान ने प्रभावी कार्रवाई की बात कही। डा. गौरव श्रीवास्तव ने वार्ड 47 में पेयजल के लिए पाइपलाइन डलवाने की मांग उठाई। पार्षद सलीम वारसी ने जामा मस्जिद पार्क के सौंदर्यीकरण, पंकज यादव ने पुरानी पाइप लाइनों के स्थान पर नई पाइप लाइनों डाले जाने, बिना पाइप लाइन बिछाए ट्यूबवेल की स्थापना कर देने, इकबाल, शीरीगुल ने वार्ड में सफाई कर्मियों की कमी को पूरा करने, असद कमाल ने चोक सीवर लाइनों को साफ कराने आदि की मांग की।
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महापौर पर लगाया पक्षपात का आरोप
पार्षद सद्दाम ने सदन में खड़े होकर कहा कि वह पहली बार पार्षद बना है, इसलिए महापौर विकास कार्यों में उसकी उपेक्षा करते हैं। जबकि उन पार्षदों को अधिक तरजीह दी जाती है जो इससे पहले भी पार्षद रह चुके हैं। इस पर महापौर ने उसके आरोप को गलत बताया। सत्ता पक्ष के कई पार्षद भी अपनी सीट से खड़े होकर सद्दाम की बात का विरोध किया। इस बात को लेकर भी कुछ देर शोर शराबा व हंगामा हुआ।
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वार्ड 31 की पार्षद रुचि चौधरी ने सदन में मौजूद अधिकारियों से कहा कि कुछ दिन पहले उनके वार्ड क्षेत्र में आने वाले कुक्कुटशाला पर वेंडरों के लिए दुकानों का निर्माण करा कर उन्हें भव्य कार्यक्रम आयोजित कर आवंटित करने का काम किया गया। इस कार्यक्रम में कई अन्य वार्डों के पार्षदों को बुलाया गया, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं दी गई। इस पर नगर आयुक्त ने बताया कि इस कार्यक्रम की जानकारी सभी पार्षदों को देने की जिम्मेदारी पीओ डूडा को दी गई थी। वह इसके लिए उनका स्पष्टीकरण तलब करेंगे। साथ ही इसके लिए जिस स्तर पर भी चूक हुई है वह इसके लिए स्वयं खेद व्यक्त कर रहे हैं।
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करीब दस माह बाद बोर्ड की बैठक संपन्न हुई। सफाईकर्मियों की अव्यवस्थित तैनाती व कर वसूली में मनमानी को लेकर पार्षदों ने सामूहिक रूप से रोष जताया। करीब आठ घंटे तक चली लंबी बैठक में इच्छुक सभी पार्षदों को बोलने का मौका दिया गया। पार्षदों ने सहायक नगर आयुक्त गंभीर सिंह व मुख्य कर निर्धारण अधिकारी राकेश सोनकर पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। दोनों अधिकारियों को सदन में चेतावनी देने के साथ नगर आयुक्त को उनकी जांच कर कार्रवाई के लिए कहा गया है।
विनोद अग्रवाल, महापौर
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3.71 अरब का मूल बजट सदन से भी पास
मुरादाबाद। लेखाधिकारी एवं स्मार्ट सिटी के नोडल अधिकारी टीएन मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2020-21 का मूल बजट तीन अरब 71 करोड़ 87 लाख रुपये का प्रस्ताव नगर निगम कार्यकारिणी की ओर से पहले पास किया जा चुका है। सदन से इसे पास होना है। लेखाधिकारी ने बताया कि इसमें करीब 90 करोड़ रुपये अवस्थापना में तथा 80 करोड़ रुपये विकास कार्य पर खर्च किए जाएंगे। इस पर सभी ने ध्वनिमत से इसे पास कर दिया। इसके अलावा वर्ष 2019-20 के ब्यय बजट तीन अरब 72 करोड़ 28 लाख रुपये का भी लेखाजोखा पढ़ कर सुनाया। इस बजट को भी कार्यकारिणी की बैठक में पहले पास किया जा चुका है। इस बैठक में भी उसे ध्वनिमत से पास कर दिया गया।
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बैठक में मुख्यरूप से नगर निगम की संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने, सफाई कर्मियों की कमी को पूरा करने तथा पाइप लाइन बिछाने के दौरान से क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों से होने वाली दिक्कत व कर वसूली में गड़बड़ी का मुद्दा पुरजोर ढंग से पार्षदों ने उठाया है। पाइप लाइन से क्षतिग्रस्त सड़कों के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। यह समिति पूरे शहर की जांच कर ऐसे सभी स्थानों की सूचना नगर निगम को देगी। जिसके बाद नगर निगम स्वयं उसकी मरम्मत कराएगा। आगे भी यह प्राविधान किया जाएगा कि पाइप लाइन बिछाने का काम भले ही कोई दूसरी संस्था करे लेकिन सड़क मरम्मत का काम नगर निगम करेगी।
संजय चौहान, नगर आयुक्त