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Moradabad News: मुरादाबाद के नाम को कॉमनवेल्थ, ओलंपिक तक ले जाने की होड़
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मुरादाबाद। आज अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस है। मुरादाबाद की महिला हैमर थ्रो खिलाड़ी सरिता सिंह और क्रिकेटर मेघना सिंह कॉमनवेल्थ तक मुरादाबाद का नाम रोशन कर चुकी हैं। पेरिस ओलंपिक के लिए भी जोर आजमाइश जारी है। इन दोनों महिला खिलाड़ियों से प्रेरणा लेकर युवा खिलाड़ी प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर रही हैं।
इन्होंने भी मुरादाबाद का नाम कॉमनवेल्थ व ओलंपिक तक पहुंचाने की चाह मन में ठान ली है। सिमरन सिंह जूनियर नेशनल हॉकी टीम का हिस्सा रही हैं। उन्होंने कई मैच भी टीम के साथ खेले हैं। अब बैंगलुरू में सीनियर नेशनल का कैंप कर रही हैं। एथलीट ज्योति रानी नेे विषम परिस्थितयों में तैयारी शुरू की थी। आज वह प्रदेश व राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं। अब दिल्ली में रहकर सितंबर में होने वाली अंडर-23 नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप की तैयारी कर रही हैं। इसी तरह क्रिकेटर निशि कश्यप प्रदेश की सीनियर महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा हैं। वह भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाने के लिए खूब पसीना बहा रही हैं। इनके अलावा सोनिया, कसक, अंजू, दिशा, मीनाक्षी समेत कई एथलीट बेटियों के नाम गिनाए जा सकते हैं जो विभिन्न खेलों में मुरादाबाद का नाम रोशन कर रही हैं।
रिक्शा चालक की बिटिया ने राष्ट्र स्तर पर बनाई पहचान
कांशीरामनगर निवासी धावक ज्योति रोनी के पिता महिपाल आर्य ई-रिक्शा चलाते हैं। उन्होंने आठ वर्ष पहले विषम परिस्थितियों में बेटी को सोनकपुर स्टेडियम भेजना शुरू किया। ज्योति ने बताया कि शुरुआत में नंगे पैर दौड़ना पड़ा। कम डाइट लेकर भी अभ्यास करना पड़ता था। आज उनके नाम कई पदक हैं।
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- यूपी स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में प्रथम स्थान - 2023
- नॉर्थ जोन एथलेटिक्स चैंपियनशिप (जम्मू-कश्मीर) में प्रथम स्थान - 2023
- ओपन नेशनल सीनियर रिले चैंपियनशिप (चंडीगढ़) में द्वितीय स्थान - 2024
- यूपी स्टेट एथलेटिक्स चैंंपियनशिप में पुन: पहला स्थान - 2024
इंडिया जूनियर हॉकी टीम का हिस्सा रहीं सिमरन
पारकर कंपाउंड निवासी सिमरन सिंह ने पारकर कॉलेज के मैदान में बच्चों को हॉकी खेलते देख सीखना शुरू किया था। उनके पिता हॉकी के अच्छे खिलाड़ी हैं, उन्होंने सिमरन को ट्रेनिंग दी। स्कूल स्तर से खेलते खेलते वह आगे बढ़ीं और इंडिया जूनियर हॉकी टीम का हिस्सा रहीं। अब भारतीय हॉकी टीम में शामिल होने के लिए मेहनत कर रही हैं।
- 2014 से 2016 तक यूपी की हॉकी टीम का हिस्सा रहीं
- 2016 से 2019 तक इंडिया जूनियर हॉकी टीम का हिस्सा रहीं
मां ने हौसला बढ़ाया तो अंजू ने प्रदेश स्तर पर कमाया नाम
लाइनपार निवासी कैलाश चंद्र की बेटी अंजू अपनी मां के साथ रोजाना केजीके कॉलेज के ग्राउंड में टहलने आती थीं। वहां उन्होंने लड़कियों को एथलेटिक्स का अभ्यास करते देखा तो अंजू को भी खेलने के लिए कहा। अगले दिन से केजीके एथलेटिक्स क्लब के कोच गौरव के पास भेजने लगीं। आज अंजू प्रदेश स्तर पर दो प्रतियोगिताओं में पुरस्कार जीत चुकी हैं। उन्होंने ओलंपिक जाने का सपना देखा है।
- स्कूल स्टेट चैंपियनशिप गोरखपुर में 1500 मीटर दौड़ में तीसरा स्थान
- स्टेट क्रॉस कंट्री 2 किमी दौड़ में तृतीय स्थान व ट्रॉफी
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इन्होंने भी मुरादाबाद का नाम कॉमनवेल्थ व ओलंपिक तक पहुंचाने की चाह मन में ठान ली है। सिमरन सिंह जूनियर नेशनल हॉकी टीम का हिस्सा रही हैं। उन्होंने कई मैच भी टीम के साथ खेले हैं। अब बैंगलुरू में सीनियर नेशनल का कैंप कर रही हैं। एथलीट ज्योति रानी नेे विषम परिस्थितयों में तैयारी शुरू की थी। आज वह प्रदेश व राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं। अब दिल्ली में रहकर सितंबर में होने वाली अंडर-23 नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप की तैयारी कर रही हैं। इसी तरह क्रिकेटर निशि कश्यप प्रदेश की सीनियर महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा हैं। वह भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाने के लिए खूब पसीना बहा रही हैं। इनके अलावा सोनिया, कसक, अंजू, दिशा, मीनाक्षी समेत कई एथलीट बेटियों के नाम गिनाए जा सकते हैं जो विभिन्न खेलों में मुरादाबाद का नाम रोशन कर रही हैं।
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रिक्शा चालक की बिटिया ने राष्ट्र स्तर पर बनाई पहचान
कांशीरामनगर निवासी धावक ज्योति रोनी के पिता महिपाल आर्य ई-रिक्शा चलाते हैं। उन्होंने आठ वर्ष पहले विषम परिस्थितियों में बेटी को सोनकपुर स्टेडियम भेजना शुरू किया। ज्योति ने बताया कि शुरुआत में नंगे पैर दौड़ना पड़ा। कम डाइट लेकर भी अभ्यास करना पड़ता था। आज उनके नाम कई पदक हैं।
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- यूपी स्टेट एथलेटिक्स चैंपियनशिप में प्रथम स्थान - 2023
- नॉर्थ जोन एथलेटिक्स चैंपियनशिप (जम्मू-कश्मीर) में प्रथम स्थान - 2023
- ओपन नेशनल सीनियर रिले चैंपियनशिप (चंडीगढ़) में द्वितीय स्थान - 2024
- यूपी स्टेट एथलेटिक्स चैंंपियनशिप में पुन: पहला स्थान - 2024
इंडिया जूनियर हॉकी टीम का हिस्सा रहीं सिमरन
पारकर कंपाउंड निवासी सिमरन सिंह ने पारकर कॉलेज के मैदान में बच्चों को हॉकी खेलते देख सीखना शुरू किया था। उनके पिता हॉकी के अच्छे खिलाड़ी हैं, उन्होंने सिमरन को ट्रेनिंग दी। स्कूल स्तर से खेलते खेलते वह आगे बढ़ीं और इंडिया जूनियर हॉकी टीम का हिस्सा रहीं। अब भारतीय हॉकी टीम में शामिल होने के लिए मेहनत कर रही हैं।
- 2014 से 2016 तक यूपी की हॉकी टीम का हिस्सा रहीं
- 2016 से 2019 तक इंडिया जूनियर हॉकी टीम का हिस्सा रहीं
मां ने हौसला बढ़ाया तो अंजू ने प्रदेश स्तर पर कमाया नाम
लाइनपार निवासी कैलाश चंद्र की बेटी अंजू अपनी मां के साथ रोजाना केजीके कॉलेज के ग्राउंड में टहलने आती थीं। वहां उन्होंने लड़कियों को एथलेटिक्स का अभ्यास करते देखा तो अंजू को भी खेलने के लिए कहा। अगले दिन से केजीके एथलेटिक्स क्लब के कोच गौरव के पास भेजने लगीं। आज अंजू प्रदेश स्तर पर दो प्रतियोगिताओं में पुरस्कार जीत चुकी हैं। उन्होंने ओलंपिक जाने का सपना देखा है।
- स्कूल स्टेट चैंपियनशिप गोरखपुर में 1500 मीटर दौड़ में तीसरा स्थान
- स्टेट क्रॉस कंट्री 2 किमी दौड़ में तृतीय स्थान व ट्रॉफी