मुरादाबाद जिले में दहशत: खेत से हाईवे पर आया तेंदुआ, आधा घंटा रुका रहा ट्रैफिक, दो महिलाओं की ले चुका है जान
मुरादाबाद में तेंदुओं का आतंक अब खेतों से निकलकर हाईवे और आबादी तक पहुंच गया है। ठाकुरद्वारा-मुरादाबाद हाईवे पर तेंदुए के सड़क पर आने से करीब आधे घंटे यातायात रुका रहा। कांठ में तेंदुआ दो शावकों के साथ सड़क पार करता दिखा, जबकि रामसराय में तेंदुआ घर की दीवार पर करीब तीन मिनट तक घूमता सीसीटीवी में कैद हुआ।
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मुरादाबाद में तेंदुओं का आतंक अब खेतों तक सीमित नहीं रह गया है। तेंदुए जंगल से निकलकर सड़क, हाईवे, घरों की दीवार और आबादी के बीच तक पहुंच रहे हैं। शुक्रवार की सुबह ठाकुरद्वारा-मुरादाबाद हाईवे पर रघुनाथपुर उर्फ चमरपुरा बस स्टैंड के पास तेंदुआ सड़क पर आ गया। वाहन रुक गए और करीब आधे घंटे तक ट्रैफिक तेंदुए के हटने का इंतजार करता रहा।
जब तेंदुआ वापस गन्ने के खेत में गया तो वाहन आगे बढ़ सके। वहीं कांठ में बृहस्पतिवार की रात तेंदुआ दो शावकों के साथ सड़क पार करता दिखाई दिया। राहगीरों और कांवड़ियों में हड़कंप मच गया। रामसराय में तेंदुआ ग्रामीण के घर की दीवार पर करीब तीन मिनट तक घूमता रहा। ठाकुरद्वारा के कालाझंडा में तीन तेंदुओं को देखने का दावा किया जा रहा है।
एक वीडियो भी लोगों ने शेयर किया है जिसे कालाझंडा का बताया जा रहा है। वहीं डिलारी के सरकड़ा विश्नोई जंगल में भी तेंदुआ देखा गया। कांठ क्षेत्र में तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ सड़क पर होने की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक सुदेश पाल सिंह अपनी टीम के साथ पहुंचे। कांवड़ यात्रा के दौरान गश्त कर रहे एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह और सीओ कांठ सुनीता दहिया भी मौके पर पहुंचे।
वन विभाग की टीम ने भी जांच की। पंजों के निशान मिलने के बाद गश्त बढ़ा दी गई और सुरक्षा की दृष्टि से कांवड़ियों को दूसरे स्थान पर पहुंचाया गया। वहीं रामसराय में तेंदुए की मौजूदगी ने डर को घर की चौखट तक पहुंचा दिया। गांव निवासी सरदार पवनदीप सिंह के घर लगे सीसीटीवी में बृहस्पतिवार रात करीब सवा 11 बजे तेंदुआ पशुओं की चरहट के पास से दीवार पर चढ़ता दिखाई दिया।
करीब तीन मिनट तक वह दीवार पर चहलकदमी करता रहा। सुबह फुटेज देखने के बाद सूचना वन विभाग को दी गई। टीम ने जांच के बाद घर के पास पिंजरा लगा दिया। रामसराय के साथ पांइदापुर, राजीपुर खद्दर, भंकरी, फजलाबाद और सलेमपुर के ग्रामीणों में भी खौफ है।
दो पिंजरे लगाए
डिलारी में मलकपुर सैमली से चावंड जाने वाले रास्ते पर वन विभाग ने दो पिंजरे लगाए हैं। इनमें बकरी को बांधा गया है और पिंजरों को घास-फूस से ढका गया है। वन विभाग के डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने लोगों से अकेले खेत और जंगल में न जाने, लाठी-डंडों के साथ समूह में कृषि कार्य करने की अपील की है। पुलिस ने भी कांवड़ियों और ग्रामीणों से समूह में चलने तथा अफवाहों से बचने को कहा है।
तेंदुआ प्रभावित गांवों में पहुंची बाघ मित्र एक्सप्रेस
तेंदुआ प्रभावित क्षेत्रों में वन विभाग ने जागरूकता और रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया है। तहसील ठाकुरद्वारा के संवेदनशील गांवों में तेंदुओं को पकड़ने के लिए कुल 19 ट्रैपिंग केज लगाए गए हैं। साथ ही रेस्क्यू टीमों की लगातार गश्त, थर्मल स्कैनिंग और निगरानी की जा रही है। डीएफओ डॉ. विनय कुमार ने शुक्रवार को तेंदुआ प्रभावित गांवों में बाघ मित्र एक्सप्रेस (जागरूकता वाहन) को भेजा।
उन्होंने बताया कि गांवों में लोगों को बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बाघ मित्र एक्सप्रेस टीम ने वन विभाग के सहयोग से नया गांव, बहादुर नगर, पाड़ला, लालपुर गोसाई, रामूवाला शेखू और पीपली अहीर में जागरूकता अभियान चलाया। ग्रामीणों को खेतों में काम करते समय विशेष सावधानी बरतने और गर्दन के आसपास मोटा कपड़ा रखने की सलाह दी गई।
काजीपुरा, जोगीपुरा, गजरा आलम और कमलपुरी समेत संवेदनशील क्षेत्रों में थर्मल स्कैनिंग की गई। शुक्रवार को वन विभाग के प्रचार वाहन से बरदेड़ा, वजीदपुर, चंद्रपुर गुलड़िया, वीरुबाला, अलियाबाद, पैयांदापुर, शेरपुर बहलीन, मलकपुर सेमली और बहापुर बलिया समेत कई गांवों में लाउडस्पीकर से लोगों को जागरूक किया गया। लालपुर पीपलसाना की विश्नोई समाज धर्मशाला में वन विभाग का कैंप कार्यालय बनाया गया है। यहां से तेंदुए की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमों को मौके पर भेजा जा रहा है।
बछड़े को मार डाला
पाड़ला में खेत पर काम कर रहे रामप्रसाद पर तेंदुआ दौड़ा तो उन्होंने भागकर जान बचाई। लेकिन तेंदुए ने खेत में घास चर रहे बछड़े पर हमला कर दिया और मारकर गन्ने के खेत में ले गया। पुलिस और वन विभाग ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों को जागरूक किया और पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया।
लालपुर गोसाई में शाम करीब 6:30 बजे तेंदुआ जालम सिंह सैनी के घर के पास बैठा मिला। शोर मचने पर ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर पहुंचे तो वह गन्ने के खेत में घुस गया। ग्रामीणों के अनुसार आठ दिन पहले तेंदुआ कुतुबुद्दीन के घर में भी घुस गया था। बहापुर बलिया में तेंदुए के हमले में महिला ब्रह्मो देवी की मौत और एक वृद्ध के घायल होने के बाद वन विभाग ने तीन पिंजरे लगाए हैं।
डीएफओ ने लालपुर गोसाई, रामूवाला शेखू और दूल्हापुर सबलपुर में चौपाल लगाकर ग्रामीणों को बचाव के तरीके बताए। बल्लभगढ़ में अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा ने ग्रामीणों की सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने पिंजरा लगाने और प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
संगठन ने तेंदुए के हमलों में मृतकों के परिजनों के लिए पांच लाख के बजाय 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की और 24 अगस्त को एसडीएम कार्यालय पर प्रस्तावित धरने में पहुंचने का आह्वान किया। पूर्व विधायक विजय यादव ने बहापुर बलिया में मृतक ब्रह्मो देवी के परिजनों से मिलकर 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद भी दी।