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Moradabad: डीआरएम को हटाए जाने के बाद जांच तेज, चेयरमैन ने पूछा...बताओ एक ट्रैक पर कैसे आ गईं थीं दो ट्रेनें

Sun, 04 Jan 2026 12:41 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Sun, 04 Jan 2026 12:41 PM IST
सार

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुरादाबाद रेल मंडल के अधिकारियों से खुर्जा में एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनों के आ जाने को लेकर जवाब-तलब किया। खुर्जा मामले में जांच में तीन विभागों की लापरवाही के संकेत मिले हैं। बोर्ड ने जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।

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Moradabad: Investigation intensifies after DRM removal; Chairman asks, Explain how two trains ended same track
रेलवे स्टेशन मुरादाबाद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुरादाबाद रेल मंडल के अफसरों से सवाल-जवाब किए। उन्होंने पूछा कि खुर्जा में 29 दिसंबर को एक ट्रैक पर दो ट्रेनें कैसे आ गईं थीं। इस दौरान डीआरएम राजकुमार सिंह ने अपने निरीक्षण के दौरान जुटाई जानकारी उनके सामने रखी।

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माना जा रहा है कि खुर्जा में यह बड़ी घटना किसी एक विभाग के सुपरवाइजर की लापरवाही से नहीं हुई। इसमें तीन विभागों के कर्मचारियों की गलती सामने आ रही है। हालांकि जांच पूरी हुए बिना किसी को पूर्ण रूप से दोषी नहीं ठहराया गया है। ऑपरेटिंग विभाग के स्तर से लापरवाही अधिक हुई है क्योंकि एक ट्रेन के निकले बिना ही दूसरी को क्लियर सिग्नल दे दिया गया।
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स्टेशन मास्टर के निर्देश पर कर्मचारियों ने ट्रैक से दूसरी ट्रेन के गुजरने के लिए रास्ता बनाया था। गनीमत रही कि 150 मीटर की दूरी पर दोनों ट्रेनें रुक गईं। रेलवे बोर्ड से निर्देश मिले हैं कि जल्द से जल्द मामले की जांच पूरी कर मुख्यालय भेजी जाए। वहीं मुरादाबाद मंडल के रोजा में हुई घटना पर भी बात की गई।
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10 दिन पहले रोजा में रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय गरीबरथ एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई थी। रेलवे बोर्ड के अधिकारियों को जानकारी दी गई कि वहां दुर्घटना स्थल पर रेलवे का आधिकारिक फाटक नहीं है। दुर्घटना के बाद उस स्थान को चाहरदीवारी कर बंद करा दिया गया है, जिससे कोई और हादसा न हो।

इनके अलावा संरक्षा से जुड़े कई और बिदुंओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मानवीय भूल हादसे का कारण न बने। एक ट्रेन में 1000 परिवारों की खुशियां सफर करती हैं, इसलिए बेहद सावधानी व सतर्कतापूर्वक संचालन की जरूरत है।

डीआरएम के हटाए जाने पर अधिकारी रहे खामोश
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन द्वारा खुर्जा मामले का कारण पूछने के बाद माना जा रहा है कि इंजीनियरिंग के अधिकारी संग्रह मौर्य को इसी घटना के कारण डीआरएम पद से हटाया गया है। हालांकि दूसरे दिन भी कोई अधिकारी इस पर खुलकर नहीं बोला। मंडलीय अधिकारियों ने यही कहा कि रेलवे बोर्ड और मंत्रालय स्तर का निर्णय है। इस मामले में कुछ नहीं कहा जा सकता। विभागीय सूत्रों का कहना है कि खुर्जा मामले की जांच करने के लिए टीम गठित हो गई है। जल्द रिपोर्ट तैयार कर रेल मुख्यालय को भेजनी होगी।

सीनियर डीसीएम का कहना है कि सीआरबी की वीसी संरक्षा मामलों पर हर माह होती है। संरक्षा को लेकर सभी विभागों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। खुर्जा मामले में अभी जांच बाकी है। इससे पहले कुछ नहीं कहा जा सकता।

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