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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Moradabad District Hospital is running without fire NOC, fire broke out four months ago

Jhansi Medical College Fire: बिना फायर एनओसी चल रहा मुरादाबाद जिला अस्पताल, चार माह पहले लग चुकी आग

Sat, 16 Nov 2024 02:20 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: विमल शर्मा Updated Sat, 16 Nov 2024 02:20 PM IST
सार

झांसी मेडिकल कॉलेज में आग की घटना ने मुरादाबाद के अस्पतालों की सुरक्षा खामियों को उजागर किया है। जिले में 500 से ज्यादा अस्पतालों में से 100 से कम के पास फायर एनओसी है, जिसमें जिला अस्पताल भी शामिल है। आग से बचाव के इंतजाम न होने से मरीजों की जान हमेशा खतरे में रहती है।

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Moradabad District Hospital is running without fire NOC, fire broke out four months ago
जिला अस्पताल मुरादाबाद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झांसी के मेडिकल कॉलेज के शिशु वार्ड में शुक्रवार रात लगी आग में कई बच्चों की जान चली गई। मुरादाबाद में भी कई अस्पताल ऐसे हैं, जिनके पास फायर एनओसी नहीं हैं। हैरानी की बात यह है कि मुरादाबाद का जिला अस्पताल भी बिना फायर एनओसी के चल रहा है।

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यहां आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। सीएमओ कार्यालय में जिलेभर में 500 से ज्यादा अस्पताल, लैब और क्लीनिक पंजीकृत हैं। हैरानी की बात है कि फायर विभाग से 100 से भी कम अस्पतालों ने एनओसी ले रखी है। बाकी अस्पताल बिना एनओसी के चल रहे हैं।
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पिछले दिनों फायर विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमों ने अभियान चलाकर अस्पतालों को चेक किया था। जिन अस्पतालों के पास एनओसी नहीं है, उन्हें नोटिस भी जारी किए गए थे। इसके बाद कुछ ही अस्पताल संचालक आगे आए और उन्होंने फायर विभाग से एनओसी ली।
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बाकी अस्पताल अभी ऐसे रामभरोसे ही चल रहे हैं। जिला अस्पताल भी बिना फायर एनओसी के चल रहा है। इसके कारण हमेशा मरीज और तीमारदारों की जिंदगी को खतरा बना रहता हैं। अग्निशमन अधिकारी ज्ञान प्रकाश शर्मा ने बताया कि कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

बावजूद इसके अस्पताल संचालक एनओसी नहीं ले रहे हैं। 100 से भी कम अस्पतालों के पास एनओसी है। कुछ माह पहले जिला अस्पताल के ट्राॅमा सेंटर में आग लग गई थी। तब जिला अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर एनओसी लेने के लिए कहा गया था। जिला अस्पताल की ओर से एनओसी मांगी गई थी , लेकिन निरीक्षण में खामियां मिलने पर एनओसी नहीं दी थी।

बैटरियां फटने से ट्राॅमा सेंटर में लगी थी आग

चार महीने पहले जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में बने सीटी स्कैन कक्ष के पास वाले कमरे में बैटरियों के फटने से आग लग गई थी। एक-एक करके 34 बैटरियां फट गई थीं। थोड़ी ही देर में पूरे ट्रॉमा सेंटर में आग की लपटें और धुआं छा गया था और भगदड़ मच गई थी।



इस धमाके के बाद कई दिन तक सीटी स्कैन नहीं हो सके थे और मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी थी। इसके बाद भी जिला अस्पताल प्रबंधन आग से बचाव के इंतजाम को लेकर संवेदनशील नहीं है।

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