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कांठ धर्मांतरण मामला: जेल से जमानत पर रिहा होकर घर पहुंचे दोनों भाई, बोले-बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने फंसाया
Sat, 19 Dec 2020 10:11 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 19 Dec 2020 10:11 PM IST
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धर्म परिवर्तन प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
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पांच दिसंबर को मुरादाबाद के कांठ थाने में दर्ज कराए गए धर्मांतरण मामले में फंसे नगर निवासी दोनों भाई जमानत पर रिहा होकर अपने घर पहुंच गए। दोनों भाइयों ने कोर्ट, जेल प्रशासन और पुलिस से इस मामले में सहयोग मिलने की बात कही है। उनका कहना है कि बिना किसी परेशानी के वह अपने घर पहुंच गए हैं।
धर्मांतरण प्रतिषेध कानून के अंतर्गत पांच दिसंबर को कांठ थाने में पहला मामला दर्ज किया गया था। जिसमें बिजनौर निवासी एक महिला ने नगर के मोहल्ला पटेगंज निवासी युवक और उसके भाई पर उसकी बेटी का जबरन धर्मांतरण कराकर शादी करने का आरोप लगाया था।
इस मामले में छह दिसंबर को पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साथ ही इस मामले की पीड़ित युवती के न्यायालय में बयान दर्ज कराकर उसे नारी निकेतन भेजा गया था। तभी से दोनों भाई जेल में थे। इधर, पुलिस द्वारा की गई मामले की जांच में जबरन धर्मांतरण कराए जाने का कोई
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भी साक्ष्य नहीं मिला।
जिसके बाद कांठ पुलिस ने दोनों आरोपी भाइयों को रिमांड पर न लेने का निर्णय लिया था। वहीं इस मामले में पुलिस द्वारा कोर्ट में दाखिल की गई 169 की रिपोर्ट को भी सीजेएम कोर्ट ने स्वीकार करते हुए शुक्रवार को आरोपी दोनों भाइयों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने के आदेश जारी किए थे।
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धर्मांतरण प्रतिषेध कानून के अंतर्गत पांच दिसंबर को कांठ थाने में पहला मामला दर्ज किया गया था। जिसमें बिजनौर निवासी एक महिला ने नगर के मोहल्ला पटेगंज निवासी युवक और उसके भाई पर उसकी बेटी का जबरन धर्मांतरण कराकर शादी करने का आरोप लगाया था।
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इस मामले में छह दिसंबर को पुलिस ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साथ ही इस मामले की पीड़ित युवती के न्यायालय में बयान दर्ज कराकर उसे नारी निकेतन भेजा गया था। तभी से दोनों भाई जेल में थे। इधर, पुलिस द्वारा की गई मामले की जांच में जबरन धर्मांतरण कराए जाने का कोई
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भी साक्ष्य नहीं मिला।
जिसके बाद कांठ पुलिस ने दोनों आरोपी भाइयों को रिमांड पर न लेने का निर्णय लिया था। वहीं इस मामले में पुलिस द्वारा कोर्ट में दाखिल की गई 169 की रिपोर्ट को भी सीजेएम कोर्ट ने स्वीकार करते हुए शुक्रवार को आरोपी दोनों भाइयों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने के आदेश जारी किए थे।
शनिवार को जेल प्रशासन द्वारा कोर्ट के आदेश पर दोनों भाइयों को रिहा कर दिया। दोपहर करीब दो बजे पुलिस दोनों भाइयों को उनके घर छोड़ कर गई। युवक और उसके भाई ने बताया कि वह 12 दिन जेल में रहे। जहां उन्हें किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि कोर्ट, जेल प्रशासन और पुलिस ने उनका भरपूर सहयोग किया है। जिसके वह जीवन भर आभारी रहेंगे।
दोनों भाइयों ने बजरंग दल पर लगाया फंसाने का आरोप
धर्मांतरण मामले में फंसे नगर निवासी दोनों भाई के जेल से घर आने पर जहां परिवार में खुशी का माहौल है तो वहीं दोनों भाइयों ने बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उन्हें झूठा फंसाया था। उन्होंने कहा कि वह अभी जेल से आए हैं आगे क्या करना है इस बारे में अभी कुछ कहने में असमर्थ हैं।
दोनों भाइयों ने बजरंग दल पर लगाया फंसाने का आरोप
धर्मांतरण मामले में फंसे नगर निवासी दोनों भाई के जेल से घर आने पर जहां परिवार में खुशी का माहौल है तो वहीं दोनों भाइयों ने बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर भी आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उन्हें झूठा फंसाया था। उन्होंने कहा कि वह अभी जेल से आए हैं आगे क्या करना है इस बारे में अभी कुछ कहने में असमर्थ हैं।