Mohammed Shami: गांव पहुंचे मोहम्मद शमी, मां ने गले लगाकर दिया दुलार... शमी ने मैचों से जुड़े किस्से साझा किए
बुधवार दोपहर दो बजे मोहम्मद शमी अपने गांव सहसपुर अली नगर पहुंचे। सबसे पहले वह अपने घर पहुंचे। जहां मां ने उन्हें देखते ही गले लगा लिया और खूब दुलार दिया। वहीं, शमी ने भी अपनी मां का हाल चाल पूछा।
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विश्वकप कप फाइनल में मिली हार के बाद बुधवार को भारतीय गेंदबाज मोहम्मद शमी अपने गांव सहसपुर अलीनगर पहुंचे। घर पहुंचते ही मां ने उन्हें गले लगा लिया और उन्हें दुलार दिया। वहीं, उन्होंने भी मां का हालचाल जाना। भले ही टीम विश्वकप हार गई हो, लेकिन परिवार के लोगों ने उनके शानदार प्रदर्शन पर खुशी जाहिर की। उसके बाद शमी ने फार्म हाउस पर परिवार के साथ समय बिताया।
क्रिकेट विश्वकप में मोहम्मद शमी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए देशवासियों का दिल जीत लिया था। 19 नवंबर को फाइनल मुकाबले को लेकर गांव में अलग ही माहौल रहा। गांव में बड़ी स्क्रीन लगाई गई थी। मैच देखने को लेकर गांव में जबरदस्त उत्साह रहा। लेकिन, भारतीय टीम फाइनल मैच हार गई। हालांकि, ग्रामीणों और अमरोहा वासियों ने शमी के प्रदर्शन को खूब सराहा। बुधवार दोपहर दो बजे मोहम्मद शमी अपने गांव सहसपुर अली नगर पहुंचे।
सबसे पहले वह अपने घर पहुंचे। जहां मां ने उन्हें देखते ही गले लगा लिया और खूब दुलार दिया। वहीं, शमी ने भी अपनी मां का हाल चाल पूछा। बाद में ग्रामीणों और दोस्तों से मुलाकात की। कुछ देर बाद वह गांव से बाहर स्थित फार्म हाउस पर पहुंच गए। यहां उन्होंने परिवार के साथ कई घंटे बिताए और विश्वकप से जुड़ी बातों को साझा किया। देर शाम वह अपने भाई के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
फाइनल से पहले किसी को नहीं आई नींद
मोहम्मद शमी के भाई हसीब ने बताया कि शमी ने टीम व मैचों से जुड़ी बातों को परिवार से साझा किया। बताया कि फाइनल मैच से पहली वाली रात को सभी खिलाड़ी बहुत उत्साहित थे। किसी को भी रात भर नींद नहीं आई। कहना था कि भले ही हमारी टीम हार गई हो, लेकिन देशवासियों का खूब साथ और प्यार मिला।
प्रधानमंत्री ने बढ़ाया मनोबल
हसीब ने बताया कि परिवार से वार्ता के दौरान मोहम्मद शमी ने बताया कि टीम के हारने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे ही उनसे मिलने पहुंचे तो वह आश्चर्य चकित रह गए। उन्होंने कंधे से लगाकर जिस तरह से टीम व उनका मनोबल बढ़ाया वह बहुत यादगार पल था। हारने के बाद भी प्रधानमंत्री की सराहना से खिलाड़ियों को राहत देने वाली थी।