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तुर्कों के कंधों पर महबूब के मुखालिफों की ‘बंदूक’
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Wed, 30 Nov 2016 10:20 AM IST
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शौकत पाशा
- फोटो : फाइल चित्र
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शौकत पाशा मर्डर केस में कैबिनेट मंत्री महबूब अली के खिलाफ तुर्क बिरादरी में गुस्सा धधक रहा है। तुर्क खुलकर महबूब के खिलाफ सड़कों पर उतर चुके हैं तो पीछे महबूब के सियासी मुखालिफ भी नहीं हैं। इनमें से कुछ ने खुलेआम मोर्चा खोल दिया है तो कुछ तुर्कों के आक्रोश को हवा दे रहे हैं।
सपा के भीतर भी महबूब के मुखालिफों की लंबी कतार है। जिन्होंने मौके का फायदा उठाते हुए महबूब से हिसाब चुकाने को तुर्कों के कंधों पर अपनी ‘बंदूक’ रख दी है। हालांकि तमाम दबाव के बावजूद अभी तक महबूब के खिलाफ रिपोर्ट नहीं हुई है। लेकिन बुधवार को शौकत के गांव में होने जा रही तुर्कों की महापंचायत महबूब की मुश्किलें बढ़ा सकती है।
तुर्क बिरादरी खुले तौर पर यह मान रही है कि शौकत पाशा की हत्या महबूब अली ने ही कराई है। अमरोहा के गांव टिकिया फत्तेहपुर निवासी कुख्यात हिस्ट्रीशीटर शौकत को शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे मुरादाबाद के डींगरपुर में महबूब अली के रिश्तेदार गुलाम जिलानी के पेट्रोलपंप पर गोलियों से भून दिया गया था।
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पंप संचालक ने दावा किया था कि शौकत पंप पर डाका डालकर भाग रहा था और बदमाशों की फायरिंग में ही मारा गया। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पंप संचालक का दावा धड़ाम हो चुका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साबित हो चुका है कि शौकत को धोखे से तीनों गोलियां एकदम सटाकर मारी गई थीं।
इसके बाद से शौकत के परिजनों और तुर्क बिरादरी में गुस्सा चरम पर है। शौकत तुर्क था और अपनी बिरादरी में उसकी मजबूत पकड़ थी। लिहाजा सपा नेता और पूर्व सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क से लेकर पूर्व विधायक मुन्ना आकिल और दूसरे तुर्क नेता घटना के बाद से गुस्से में हैं।
तुर्कों के वोट बैंक को देखते हुए कांग्रेस नेता राशिद अल्वी भी शौकत के घर हाजिरी दे चुके हैं। अब स्थानीय सपा नेताओं ने भी महबूब के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया है। सपा के पूर्व मंत्री चौधरी चंद्रपाल सिंह और कांग्रेस के राशिद अल्वी महबूब के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किए जाने की खुली मांग कर रहे हैं।
रविवार को पुलिस - प्रशासनिक अफसरों ने हाईवे बवाल के बाद महबूब समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया था। लेकिन रिपोर्ट नहीं हुई। बुधवार को अब शौकत के गांव में तुर्कों की महापंचायत है। जाहिर है पीछे से महबूब के मुखालिफ भी इस मुद्दे को हवा दे रहे हैं। महबूब के मुखालिफ सपा के कुछ कद्दावर नेताओं ने चुप्पी बेशक साध रखी है लेकिन पीछे से वो तुर्क बिरादरी को साथ होने का यकीन दिला रहे हैं।
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सपा के भीतर भी महबूब के मुखालिफों की लंबी कतार है। जिन्होंने मौके का फायदा उठाते हुए महबूब से हिसाब चुकाने को तुर्कों के कंधों पर अपनी ‘बंदूक’ रख दी है। हालांकि तमाम दबाव के बावजूद अभी तक महबूब के खिलाफ रिपोर्ट नहीं हुई है। लेकिन बुधवार को शौकत के गांव में होने जा रही तुर्कों की महापंचायत महबूब की मुश्किलें बढ़ा सकती है।
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तुर्क बिरादरी खुले तौर पर यह मान रही है कि शौकत पाशा की हत्या महबूब अली ने ही कराई है। अमरोहा के गांव टिकिया फत्तेहपुर निवासी कुख्यात हिस्ट्रीशीटर शौकत को शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे मुरादाबाद के डींगरपुर में महबूब अली के रिश्तेदार गुलाम जिलानी के पेट्रोलपंप पर गोलियों से भून दिया गया था।
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पंप संचालक ने दावा किया था कि शौकत पंप पर डाका डालकर भाग रहा था और बदमाशों की फायरिंग में ही मारा गया। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पंप संचालक का दावा धड़ाम हो चुका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साबित हो चुका है कि शौकत को धोखे से तीनों गोलियां एकदम सटाकर मारी गई थीं।
इसके बाद से शौकत के परिजनों और तुर्क बिरादरी में गुस्सा चरम पर है। शौकत तुर्क था और अपनी बिरादरी में उसकी मजबूत पकड़ थी। लिहाजा सपा नेता और पूर्व सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क से लेकर पूर्व विधायक मुन्ना आकिल और दूसरे तुर्क नेता घटना के बाद से गुस्से में हैं।
तुर्कों के वोट बैंक को देखते हुए कांग्रेस नेता राशिद अल्वी भी शौकत के घर हाजिरी दे चुके हैं। अब स्थानीय सपा नेताओं ने भी महबूब के खिलाफ बोलना शुरू कर दिया है। सपा के पूर्व मंत्री चौधरी चंद्रपाल सिंह और कांग्रेस के राशिद अल्वी महबूब के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किए जाने की खुली मांग कर रहे हैं।
रविवार को पुलिस - प्रशासनिक अफसरों ने हाईवे बवाल के बाद महबूब समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया था। लेकिन रिपोर्ट नहीं हुई। बुधवार को अब शौकत के गांव में तुर्कों की महापंचायत है। जाहिर है पीछे से महबूब के मुखालिफ भी इस मुद्दे को हवा दे रहे हैं। महबूब के मुखालिफ सपा के कुछ कद्दावर नेताओं ने चुप्पी बेशक साध रखी है लेकिन पीछे से वो तुर्क बिरादरी को साथ होने का यकीन दिला रहे हैं।