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Moradabad News: डीएओ, एआर कोऑपरेटिव समेत कई अधिकारियों का तबादला

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jul 2024 06:53 AM IST
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Many officers including DAO, AR Cooperative transferred
मुरादाबाद। शासन ने जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी और एआर कोऑपरेटिव जितेंद्रपाल सिंह समेत कई जिला स्तरीय अधिकारियों का स्थानांतरण कर दिया है। यह सभी जिला स्तरीय अधिकारी तीन साल से अधिक समय से जिले में जमे हुए थे।
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जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी का स्थानांतरण इसी पद पर बरेली किया गया है। उनके स्थान पर अमरोहा जिले में तैनात उप संभागीय कृषि प्रसार राजेंद्र पाल सिंह को मुरादाबाद का जिला कृषि अधिकारी नियुक्त किया गया है। एआर कोऑपरेटिव जितेंद्रपाल सिंह का स्थानांतरण मैनपुरी इसी पद पर किया गया है। उनके स्थान पर लखीमपुर खीरी में तैनात रहे अपर जिला सहकारी अधिकारी अमरेंद्र कुमार को पदोन्नति देकर यहां एआर कोऑपरेटिव के पद पर नियुक्त किया गया है।
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उपायुक्त स्वत: श्रम रोजगार राजनाथ प्रसाद भगत का स्थानांतरण कानपुर नगर में उपायुक्त श्रम रोजगार के पद पर किया गया है। उनके स्थान पर जालौन में तैनात जिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र त्रिपाठी को नियुक्त किया गया है। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी एवं उपनिदेशक एमपी सिंह का स्थानांतरण उपनिदेशक सहारनपुर मंडल के पद पर हो गया है। यहां सहायक निदेशक (मृदा परीक्षण, कल्चर) क्षेत्रीय भू प्रयोगशाला के पद पर तैनात रहे राज कुमार को उर्वरक विश्लेषक, उर्वरक एवं प्रयोगशाला वाराणसी के पद पर भेजा गया है।
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ऋतुषा तिवारी का शुरुआती कार्यकाल विवादों से घिरा रहा
मुरादाबाद। जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी जिले में करीब पांच साल तक रहीं। कई माह तक उनके पास उप निदेशक कृषि का भी चार्ज रहा, लेकिन उनकी तैनाती का शुरुआती दौर विवादों से भरा रहा। जिले में निष्क्रिय समितियों के नाम पर उनकी जारी किए गए उर्वरक लाइसेंस के आधार पर उर्वरक का बड़े पैमाने पर कारोबार करने वालों को संरक्षण देने के भी आरोप लगे। मामला अखबार में सुर्खियां बनने पर तत्कालीन डीएम राकेश कुमार ने इसकी जांच कराई तो शिकायतें सही पाई गईं। जिसके बाद आनन-फानन सहायक विकास अधिकारियों की ओर से जिले के पांच थानों में इस कारोबार से जुड़े लोगों पर एफआईआर कराई गई। 18 उर्वरक लाइसेंस भी निलंबित करने पड़े थे। तत्कालीन डीएचओ ने भी डीएम को अपनी भेजी जांच रिपोर्ट में जिला कृषि अधिकारी के कार्यालय पर आरोपियों को संरक्षण का आरोप लगाया था।
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