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Moradabad News: महानगर की बगल में पहुंचा तेंदुआ... जंभेश्वर विवि से हरथला तक खौफ
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मुरादाबाद। कांठ-ठाकुरद्वारा के गांवों में दहशत का पर्याय बने तेंदुए अब महानगर की चौखट पर दस्तक देने लगे हैं। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के पास रामगंगा नदी किनारे तेंदुआ दिखने की सूचना पर वन विभाग में खलबली मच गई है। नदी और खेतों के रास्ते शहर की ओर बढ़े तेंदुए की मौजूदगी ने जंभेश्वर विश्वविद्यालय से लेकर हरथला तक लोगों की चिंता बढ़ा दी है। वन विभाग ने सूचना को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को विश्वविद्यालय के आसपास खेतों में पिंजरे लगाने का फैसला किया है।
तीन दिन पहले अगवानपुर क्षेत्र में तेंदुए ने एक नीलगाय को निवाला बनाया था। अब जंभेश्वर विश्वविद्यालय के पास तेंदुआ दिखाई देने की सूचना सामने आने के बाद आशंका जताई जा रही है कि यह उसी तेंदुए की गतिविधि हो सकती है। हालांकि वन विभाग ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। टीम मौके पर निगरानी और तलाश के बाद ही स्थिति स्पष्ट करेगी। सबसे बड़ा खतरा यह है कि नदी किनारे की झाड़ियां और आसपास के खेत तेंदुए को छिपने के लिए मुफीद जगह देते हैं। विश्वविद्यालय और आसपास के गांवों में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में तेंदुए के खेतों से आबादी की तरफ बढ़ने की आशंका ने लोगों की भी चिंता बढ़ा दी है। वन विभाग ने लोगों को अकेले खेतों की ओर न जाने और सतर्क रहने की सलाह दी है।
फरवरी में घर के बाथरूम में घुस गया था तेंदुआ
महानगर में तेंदुए की दस्तक की यह कोई पहली घटना नहीं है। फरवरी में हरथला के गंगा मंदिर के पास एक तेंदुआ घर में घुस गया था। परिवार के लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए उसे बाथरूम में बंद कर दिया था। सूचना पर पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर तेंदुए को बाहर निकाला। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक दहशत बनी रही। जंगल और गन्ने के खेतों से निकलकर तेंदुए लगातार शहर की आबादी के बेहद करीब पहुंच रहे हैं। जुलाई में वन विभाग ने ठाकुरद्वारा क्षेत्र में करीब 25 तेंदुओं के सक्रिय होने का अनुमान जताया था।
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गांवों में लगातार जारी है तेंदुए का आतंक
मुरादाबाद में तेंदुए के हमलों और उसकी मौजूदगी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मार्च में ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुए ने तीन वर्षीय बच्चे को दबोच लिया था। बच्चे की मां ने साहस दिखाकर तेंदुए से भिड़कर उसे बचाया था। तीन अगस्त को ठाकुरद्वारा के गांव लालापुर पीपलसाना में तेंदुए के हमले में एक महिला की मौत हो गई थी। जुलाई में राईभूड़ के जंगल में चारा काट रही युवती पर भी तेंदुए ने हमला किया था। वन विभाग की टीम ने मौके पर कांबिंग की थी।
डीएफओ डॉ. विनय कुमार पांडे का कहना है कि तेंदुए से संबंधित हर सूचना को गंभीरता से लिया जा रहा है। जहां से तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिल रही है, वहां टीम भेजकर निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार पिंजरे लगाए जा रहे हैं। लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है।
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तीन दिन पहले अगवानपुर क्षेत्र में तेंदुए ने एक नीलगाय को निवाला बनाया था। अब जंभेश्वर विश्वविद्यालय के पास तेंदुआ दिखाई देने की सूचना सामने आने के बाद आशंका जताई जा रही है कि यह उसी तेंदुए की गतिविधि हो सकती है। हालांकि वन विभाग ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। टीम मौके पर निगरानी और तलाश के बाद ही स्थिति स्पष्ट करेगी। सबसे बड़ा खतरा यह है कि नदी किनारे की झाड़ियां और आसपास के खेत तेंदुए को छिपने के लिए मुफीद जगह देते हैं। विश्वविद्यालय और आसपास के गांवों में लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में तेंदुए के खेतों से आबादी की तरफ बढ़ने की आशंका ने लोगों की भी चिंता बढ़ा दी है। वन विभाग ने लोगों को अकेले खेतों की ओर न जाने और सतर्क रहने की सलाह दी है।
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फरवरी में घर के बाथरूम में घुस गया था तेंदुआ
महानगर में तेंदुए की दस्तक की यह कोई पहली घटना नहीं है। फरवरी में हरथला के गंगा मंदिर के पास एक तेंदुआ घर में घुस गया था। परिवार के लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए उसे बाथरूम में बंद कर दिया था। सूचना पर पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर तेंदुए को बाहर निकाला। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक दहशत बनी रही। जंगल और गन्ने के खेतों से निकलकर तेंदुए लगातार शहर की आबादी के बेहद करीब पहुंच रहे हैं। जुलाई में वन विभाग ने ठाकुरद्वारा क्षेत्र में करीब 25 तेंदुओं के सक्रिय होने का अनुमान जताया था।
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गांवों में लगातार जारी है तेंदुए का आतंक
मुरादाबाद में तेंदुए के हमलों और उसकी मौजूदगी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मार्च में ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुए ने तीन वर्षीय बच्चे को दबोच लिया था। बच्चे की मां ने साहस दिखाकर तेंदुए से भिड़कर उसे बचाया था। तीन अगस्त को ठाकुरद्वारा के गांव लालापुर पीपलसाना में तेंदुए के हमले में एक महिला की मौत हो गई थी। जुलाई में राईभूड़ के जंगल में चारा काट रही युवती पर भी तेंदुए ने हमला किया था। वन विभाग की टीम ने मौके पर कांबिंग की थी।
डीएफओ डॉ. विनय कुमार पांडे का कहना है कि तेंदुए से संबंधित हर सूचना को गंभीरता से लिया जा रहा है। जहां से तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिल रही है, वहां टीम भेजकर निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार पिंजरे लगाए जा रहे हैं। लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है।