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अमरोहा: दहशत का पर्याय बना तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में कैद, अमानगढ़ टाइगर रिजर्व छोड़ने की तैयारी
Sun, 26 Sep 2021 10:56 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 26 Sep 2021 10:56 AM IST
सार
अमरोहा जिले के नौगांवा सादात थाना इलाके के अलीपुरा गांव के जंगल में वन विभाग के पिंजरे में तेंदुआ कैद हो गया। यह तेंदुआ दहशत का पर्याय बना हुआ था। मेडिकल कराने के बाद तेंदुए को अमानगढ़ टाइगर रिजर्व छोड़ने की तैयारी है।
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पिंजरे में कैद तेंदुआ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अमरोहा के नौगांवा सादात क्षेत्र में दहशत का पर्याय बनी मादा तेंदुआ शनिवार की रात वन विभाग के पिंजरे में फंस गई। खबर मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पिंजरे को कब्जे में ले लिया। मेडिकल कराने के बाद तेंदुए को अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में छोड़ने की तैयारी की जा रही है।
पिछले दो महीने से नौगांवा सादात थाना इलाके के अलीपुरा गांव के जंगल में तेंदुए का जोड़ा देखा जा रहा था। इससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ था। दहशतजदा लोग हाथों में लाठी-डंडे और हथियार लेकर खेतों पर जाते थे। लोगों की शिकायत पर वन विभाग ने 15 दिन पहले अलीपुरा निवासी नन्हे सिंह के खेत में पिंजरा लगाया था।
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डीएफओ को देवमणि मिश्रा की देखरेख में एक टीम पिंजरे की निगरानी कर रही थी। इसी बीच शनिवार की रात वन विभाग की टीम को बड़ी कामयाबी मिल गई। जोड़े में शामिल एक तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। सूचना मिलते ही रविवार की सुबह जंगल में स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हुई। सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी और दरोगा केपी सिंह मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने तुरंत पिंजरे को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद वन विभाग की टीम मादा तेंदुए को लेकर जटी वन स्थित डीएफओ कार्यालय पहुंची। यहां पशु चिकित्सक को बुलाकर तेंदुए का मेडिकल कराया गया। डीएफओ देवमणि मिश्रा ने बताया कि तेंदुए को बिजनौर के अमानगढ़ टाइगर रिजर्व सेंटर में छोड़ा जाएगा।
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पिछले दो महीने से नौगांवा सादात थाना इलाके के अलीपुरा गांव के जंगल में तेंदुए का जोड़ा देखा जा रहा था। इससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ था। दहशतजदा लोग हाथों में लाठी-डंडे और हथियार लेकर खेतों पर जाते थे। लोगों की शिकायत पर वन विभाग ने 15 दिन पहले अलीपुरा निवासी नन्हे सिंह के खेत में पिंजरा लगाया था।
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डीएफओ को देवमणि मिश्रा की देखरेख में एक टीम पिंजरे की निगरानी कर रही थी। इसी बीच शनिवार की रात वन विभाग की टीम को बड़ी कामयाबी मिल गई। जोड़े में शामिल एक तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। सूचना मिलते ही रविवार की सुबह जंगल में स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हुई। सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी और दरोगा केपी सिंह मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने तुरंत पिंजरे को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद वन विभाग की टीम मादा तेंदुए को लेकर जटी वन स्थित डीएफओ कार्यालय पहुंची। यहां पशु चिकित्सक को बुलाकर तेंदुए का मेडिकल कराया गया। डीएफओ देवमणि मिश्रा ने बताया कि तेंदुए को बिजनौर के अमानगढ़ टाइगर रिजर्व सेंटर में छोड़ा जाएगा।
मादा तेंदुए की उम्र करीब तीन साल है। क्षेत्र में दूसरा कोई तेंदुआ है, यह स्पष्ट नहीं है। अगर जानकारी मिलती है तो पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ा जाएगा। फिलहाल लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
15 दिन में पकड़े गए नर-मादा दो तेंदुए
अमरोहा जिले में तेंदुए की दहशत लगातार जारी है। यह भी स्पष्ट है कि जिले में कई संख्या में तेंदुए मौजूद हैं। इसका उदाहरण वन विभाग की कार्रवाई है। वन विभाग ने पिछले 15 दिन में नर और मादा दो तेंदुए को पकड़ा है। इसमें एक नर तेंदुआ 11 सितंबर को देहात थानाक्षेत्र सुनपुरा गांव के जंगल में पकड़ा था। जबकि दूसरी मादा तेंदुआ नौगांवा सादात के अलीपुरा गांव में पकड़ लिया गया है। जबकि इससे पहले दो सितंबर को सुनपुरा गांव के जंगल में मादा तेंदुए का शव पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम में इसका खुलासा हुआ कि दो तेंदुए के बीच हुई लड़ाई में उसकी मौत हुई थी।
15 दिन में पकड़े गए नर-मादा दो तेंदुए
अमरोहा जिले में तेंदुए की दहशत लगातार जारी है। यह भी स्पष्ट है कि जिले में कई संख्या में तेंदुए मौजूद हैं। इसका उदाहरण वन विभाग की कार्रवाई है। वन विभाग ने पिछले 15 दिन में नर और मादा दो तेंदुए को पकड़ा है। इसमें एक नर तेंदुआ 11 सितंबर को देहात थानाक्षेत्र सुनपुरा गांव के जंगल में पकड़ा था। जबकि दूसरी मादा तेंदुआ नौगांवा सादात के अलीपुरा गांव में पकड़ लिया गया है। जबकि इससे पहले दो सितंबर को सुनपुरा गांव के जंगल में मादा तेंदुए का शव पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम में इसका खुलासा हुआ कि दो तेंदुए के बीच हुई लड़ाई में उसकी मौत हुई थी।