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लेखपाल भर्ती : मुरादाबाद में सॉल्वर गैंग का सरगना समेत चार गिरफ्तार
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मुरादाबाद के मझोला थाने की पुलिस और एसटीएफ द्वारा लेखपाल परीक्षा में पकड़े गए सॉल्वर ग्रुप से बर?
मुरादाबाद। लेखपाल भर्ती परीक्षा में रविवार को मुरादाबाद के दो केंद्रों से दो सॉल्वर, गैंग का सरगना और एक अभ्यर्थी पकड़ा गया है। सरगना और सॉल्वर सोनीपत (हरियाणा) के रहने वाले हैं। अभ्यर्थी बागपत के हैं। एक अभ्यर्थी अभी पकड़ में नहीं आया है।
एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि सॉल्वर गैंग का सरगना हरियाणा के सोनीपत जनपद में बरोदा थानाक्षेत्र के चिराना गांव निवासी नीरज है। एसटीएफ मेरठ की टीम ने उसे पीएमएस स्कूल के परीक्षा केंद्र के बाहर से दबोचा। उससे पूछताछ के आधार पर टीम ने बागपत निवासी अभ्यर्थी आशीष आर्य को पकड़ लिया। इसके बाद आशीष के स्थान पर पीएमएस स्कूल में परीक्षा दे रहे रविंद्र को गिरफ्तार किया गया। रविंद्र सोनीपत (हरियाणा) के गोहाना का रहने वाला है।
दूसरा सॉल्वर मोहित एसडीएम (स्वरूपी देवी मेमोरियल) इंटर कॉलेज में बने परीक्षा केंद्र से पकड़ा गया। मोहित सोनीपत (हरियाणा) में पट्टी कल्याण निवासी है। वह बागपत जिले के छपरौली थानाक्षेत्र में तिलवाड़ा निवासी संदीप की जगह परीक्षा दे रहा था। संदीप की तलाश जारी है।
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एसपी सिटी ने बताया कि गिरफ्त में आए चारों लोगों से पूछताछ की जा रही है। सरगना नीरज अपने साथी सुमित के साथ मिलकर गैंग चला रहा था। सुमित की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। गैंग से जुड़ी और जानकारियां जुटाई जा रही हैं। इसके बाद संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
प्रति अभ्यर्थी पांच लाख रुपये में हुआ था ठेका
सॉल्वर के हिस्से में आने थे एक लाख रुपये
मुरादाबाद। एसपी सिटी ने बताया कि गैंग के सरगना ने परीक्षा पास कराने के लिए प्रति अभ्यर्थी पांच लाख रुपये में ठेका लिया था। 25 हजार रुपये प्रति अभ्यर्थी एडवांस दो किस्तों में तय हुए थे। दस हजार एडवांस ले लिया था, जबकि 15 हजार रुपये परीक्षा देने के बाद वसूले जाते। अभ्यर्थियों को शेष राशि परीक्षा पास होने के बाद चुकानी थी।
अभ्यर्थी के परीक्षा पास कर लेने पर एक सॉल्वर को एक लाख रुपये देना तय हुआ था। एडवांस के तौर पर पांच हजार रुपये प्रति सॉल्वर परीक्षा शुरू होने से पहले दे दिए थे। पांच हजार रुपये परीक्षा के बाद दिए जाते। परीक्षा पास होने पर शेष भुगतान किया जाता।
फॉर्म और आधार कार्ड में लगाया था सॉल्वर का फोटो
लेखपाल भर्ती परीक्षा में सेंधमारी के लिए अभ्यर्थियों के फॉर्म पर सॉल्वर का फोटो लगाया था। नाम-पता मूल अभ्यर्थी का रखते हुए तैयार कराए गए आधार कार्ड पर भी सॉल्वर का फोटो लगा था।
फोन कॉल ट्रेस करके गैंग तक पहुंची टीम
एसपी सिटी के मुताबिक लेखपाल भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के अनुमान पर एफटीएफ की बरेली और मेरठ यूनिट की टीमें कई दिनों से कुछ अभ्यर्थियों की फोन कॉल को फॉलो कर रही थीं। अभ्यर्थियों की सॉल्वरों से बातचीत की कॉल ट्रेस होने के बाद मेरठ की टीम ने एक दिन पहले ही मुरादाबाद में डेरा डाल दिया था। सॉल्वरों के मझोला थाना क्षेत्र में लाइनपार स्थित एसडीएम इंटर कॉलेज और सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के पीएमएस स्कूल में परीक्षा देने की जानकारी के आधार पर चारों लोगों को धर दबोचा।
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एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि सॉल्वर गैंग का सरगना हरियाणा के सोनीपत जनपद में बरोदा थानाक्षेत्र के चिराना गांव निवासी नीरज है। एसटीएफ मेरठ की टीम ने उसे पीएमएस स्कूल के परीक्षा केंद्र के बाहर से दबोचा। उससे पूछताछ के आधार पर टीम ने बागपत निवासी अभ्यर्थी आशीष आर्य को पकड़ लिया। इसके बाद आशीष के स्थान पर पीएमएस स्कूल में परीक्षा दे रहे रविंद्र को गिरफ्तार किया गया। रविंद्र सोनीपत (हरियाणा) के गोहाना का रहने वाला है।
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दूसरा सॉल्वर मोहित एसडीएम (स्वरूपी देवी मेमोरियल) इंटर कॉलेज में बने परीक्षा केंद्र से पकड़ा गया। मोहित सोनीपत (हरियाणा) में पट्टी कल्याण निवासी है। वह बागपत जिले के छपरौली थानाक्षेत्र में तिलवाड़ा निवासी संदीप की जगह परीक्षा दे रहा था। संदीप की तलाश जारी है।
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एसपी सिटी ने बताया कि गिरफ्त में आए चारों लोगों से पूछताछ की जा रही है। सरगना नीरज अपने साथी सुमित के साथ मिलकर गैंग चला रहा था। सुमित की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। गैंग से जुड़ी और जानकारियां जुटाई जा रही हैं। इसके बाद संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
प्रति अभ्यर्थी पांच लाख रुपये में हुआ था ठेका
सॉल्वर के हिस्से में आने थे एक लाख रुपये
मुरादाबाद। एसपी सिटी ने बताया कि गैंग के सरगना ने परीक्षा पास कराने के लिए प्रति अभ्यर्थी पांच लाख रुपये में ठेका लिया था। 25 हजार रुपये प्रति अभ्यर्थी एडवांस दो किस्तों में तय हुए थे। दस हजार एडवांस ले लिया था, जबकि 15 हजार रुपये परीक्षा देने के बाद वसूले जाते। अभ्यर्थियों को शेष राशि परीक्षा पास होने के बाद चुकानी थी।
अभ्यर्थी के परीक्षा पास कर लेने पर एक सॉल्वर को एक लाख रुपये देना तय हुआ था। एडवांस के तौर पर पांच हजार रुपये प्रति सॉल्वर परीक्षा शुरू होने से पहले दे दिए थे। पांच हजार रुपये परीक्षा के बाद दिए जाते। परीक्षा पास होने पर शेष भुगतान किया जाता।
फॉर्म और आधार कार्ड में लगाया था सॉल्वर का फोटो
लेखपाल भर्ती परीक्षा में सेंधमारी के लिए अभ्यर्थियों के फॉर्म पर सॉल्वर का फोटो लगाया था। नाम-पता मूल अभ्यर्थी का रखते हुए तैयार कराए गए आधार कार्ड पर भी सॉल्वर का फोटो लगा था।
फोन कॉल ट्रेस करके गैंग तक पहुंची टीम
एसपी सिटी के मुताबिक लेखपाल भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी के अनुमान पर एफटीएफ की बरेली और मेरठ यूनिट की टीमें कई दिनों से कुछ अभ्यर्थियों की फोन कॉल को फॉलो कर रही थीं। अभ्यर्थियों की सॉल्वरों से बातचीत की कॉल ट्रेस होने के बाद मेरठ की टीम ने एक दिन पहले ही मुरादाबाद में डेरा डाल दिया था। सॉल्वरों के मझोला थाना क्षेत्र में लाइनपार स्थित एसडीएम इंटर कॉलेज और सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के पीएमएस स्कूल में परीक्षा देने की जानकारी के आधार पर चारों लोगों को धर दबोचा।

मुरादाबाद के मझोला थाने की पुलिस और एसटीएफ द्वारा लेखपाल परीक्षा में पकड़े गए सॉल्वर गैंग के सदस?