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पैर का रंग नीला तो समझो मुर्गा बीमार है
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Sun, 23 Oct 2016 02:02 AM IST
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मुर्गा
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अगर मुर्गे या मुर्गी के पैर का रंग नीला पड़ने लगे, उसमें सर्दी जुकाम के लक्षण नजर आते हैं। या आंखों से पानी और हरे रंग का दस्त होता है तो सावधान हो जाइये। इन लक्षणों का मतलब है कि मुर्गा बीमार है।
अगर आप बाजार में मुर्गा खरीदने जा रहे हैं तो बीमार मुर्गों के इन लक्षणों पर जरूर ध्यान दें। कहीं ऐसा ना हो जाए आप बाजार से बर्ड फ्लू के शिकार मुर्गा घर ले आए और लेने के देने पड़ जाए। बर्ड फ्लूूू ने दिल्ली में दस्तक दे दी है।
इसका असर मुर्गे के कारोबार पर दिखने लगा है। कारोबार में गिरावट आने लगी है। बर्ड फ्लू के डर से पोल्ट्री फार्म वालों ने चूजे के लिए नए आर्डर देने बंद कर दिया हैै। क्योंकि शहर में आने वाले चूजे या मुर्गे हरियाणा और पंजाब से आते हैं। जो दिल्ली के रास्ते ही मुरादाबाद पहुंचते हैं।
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ऐेसे में इस संक्रामक बीमारी के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। यही वजह है कि शहर में बिकने वाले मुर्गों को खरीदने में सावधानी बरतने की जरूरत है। खरीदने से पहले बीमार मुर्गों और मुर्गियों के लक्षण पर जरूर ध्यान दें।
सीबीओ डा. तिलक सिंह का कहना है कि बर्ड फ्लू के प्रति लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। एहतियात बरतने से बर्ड फ्लू के फैलाव को रोका जा सकता है। खरीदने से पहले मुर्गों की स्थिति को जरूर जान ले।
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अगर आप बाजार में मुर्गा खरीदने जा रहे हैं तो बीमार मुर्गों के इन लक्षणों पर जरूर ध्यान दें। कहीं ऐसा ना हो जाए आप बाजार से बर्ड फ्लू के शिकार मुर्गा घर ले आए और लेने के देने पड़ जाए। बर्ड फ्लूूू ने दिल्ली में दस्तक दे दी है।
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इसका असर मुर्गे के कारोबार पर दिखने लगा है। कारोबार में गिरावट आने लगी है। बर्ड फ्लू के डर से पोल्ट्री फार्म वालों ने चूजे के लिए नए आर्डर देने बंद कर दिया हैै। क्योंकि शहर में आने वाले चूजे या मुर्गे हरियाणा और पंजाब से आते हैं। जो दिल्ली के रास्ते ही मुरादाबाद पहुंचते हैं।
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ऐेसे में इस संक्रामक बीमारी के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। यही वजह है कि शहर में बिकने वाले मुर्गों को खरीदने में सावधानी बरतने की जरूरत है। खरीदने से पहले बीमार मुर्गों और मुर्गियों के लक्षण पर जरूर ध्यान दें।
सीबीओ डा. तिलक सिंह का कहना है कि बर्ड फ्लू के प्रति लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। एहतियात बरतने से बर्ड फ्लू के फैलाव को रोका जा सकता है। खरीदने से पहले मुर्गों की स्थिति को जरूर जान ले।