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Moradabad News: खरीदी जमीन की पैमाइश में निकली रास्ते की भूमि
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डिलारी। गांव जटपुरा में मुरादाबाद-ठाकुरद्वारा हाईवे पर एक पैलेस के बराबर स्थित भूमि को लेकर बुधवार को उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पैमाइश की। पैमाइश के दौरान संबंधित भूमि का हिस्सा रास्ते में आने की बात सामने आने पर पूर्व में रखी गई नींव को हटवा दिया गया। पैलेस की बाउंड्री भी रास्ते की भूमि में होने की बात सामने आई है।
जानकारी के अनुसार काकरखेड़ा निवासी अफसाना ने वर्ष 2017 में गांव जटपुरा निवासी हनीसा से गाटा संख्या 169 में से पांच बिस्वा आवासीय भूमि खरीदी थी। अफसाना के अनुसार जमीन की रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज उनके पास है तथा भूमि की नींव भी पूर्व में रखी गई थी।
बुधवार को अफसाना के पति शमीम अहमद नींव पर दीवार का निर्माण करा रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी प्रधान पति खूब सिंह ने आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि नींव रास्ते की भूमि में रखी जा रही है। शिकायत के बाद राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पैमाइश की।
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कानूनगो अमरपाल सिंह तथा हल्का लेखपाल सुशांत, लोकेंद्र और सुंदरम सहित राजस्व कर्मियों ने पैमाइश की। बताया गया कि मौके पर रास्ते की चौड़ाई करीब 8 मीटर है। पैमाइश में रास्ते के एक हिस्से में पैलेस की बाउंड्री और गेट तथा दूसरे हिस्से में अफसाना पक्ष की ओर से रखी गई नींव होने की बात सामने आई।
राजस्व विभाग की कार्रवाई के दौरान पुलिस की मौजूदगी में मौके पर निशानदेही की गई। बताया गया कि पैलेस की बाउंड्री को रास्ते की भूमि से हटाने के लिए चार दिन का समय दिया गया है, जबकि अफसाना पक्ष द्वारा रखी गई नींव को मौके से हटवा दिया गया। कानूनगो अमरपाल सिंह ने बताया कि जमीन की पैमाइश कर रास्ते को कब्जा मुक्त करा लिया गया है। दूसरे व्यक्ति ने तीन में दीवार हटाने का आश्वासन दिया है।
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पैमाइश पर उठाए सवाल
डिलारी। अफसाना के देवर नईम ने राजस्व विभाग की पैमाइश पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि गलत सीमा से पैमाइश किए जाने के कारण उनकी खरीदी हुई भूमि ही रास्ते में दिखा दी गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में करीब 10 लाख रुपये में भूमि खरीदी गई थी, जिसकी उनके पास रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज के दस्तावेज मौजूद हैं। अफसाना के पति ने भी कहा कि उनका परिवार लंबे समय से उक्त भूमि पर कब्जे में रहा है और वर्ष 2017 में ही नींव रखी गई थी। वह अब जिले के आला अधिकारियों से शिकायत कर दोबारा पैमाइश कराने की मांग करेंगे।
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जानकारी के अनुसार काकरखेड़ा निवासी अफसाना ने वर्ष 2017 में गांव जटपुरा निवासी हनीसा से गाटा संख्या 169 में से पांच बिस्वा आवासीय भूमि खरीदी थी। अफसाना के अनुसार जमीन की रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज उनके पास है तथा भूमि की नींव भी पूर्व में रखी गई थी।
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बुधवार को अफसाना के पति शमीम अहमद नींव पर दीवार का निर्माण करा रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी प्रधान पति खूब सिंह ने आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि नींव रास्ते की भूमि में रखी जा रही है। शिकायत के बाद राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पैमाइश की।
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कानूनगो अमरपाल सिंह तथा हल्का लेखपाल सुशांत, लोकेंद्र और सुंदरम सहित राजस्व कर्मियों ने पैमाइश की। बताया गया कि मौके पर रास्ते की चौड़ाई करीब 8 मीटर है। पैमाइश में रास्ते के एक हिस्से में पैलेस की बाउंड्री और गेट तथा दूसरे हिस्से में अफसाना पक्ष की ओर से रखी गई नींव होने की बात सामने आई।
राजस्व विभाग की कार्रवाई के दौरान पुलिस की मौजूदगी में मौके पर निशानदेही की गई। बताया गया कि पैलेस की बाउंड्री को रास्ते की भूमि से हटाने के लिए चार दिन का समय दिया गया है, जबकि अफसाना पक्ष द्वारा रखी गई नींव को मौके से हटवा दिया गया। कानूनगो अमरपाल सिंह ने बताया कि जमीन की पैमाइश कर रास्ते को कब्जा मुक्त करा लिया गया है। दूसरे व्यक्ति ने तीन में दीवार हटाने का आश्वासन दिया है।
पैमाइश पर उठाए सवाल
डिलारी। अफसाना के देवर नईम ने राजस्व विभाग की पैमाइश पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि गलत सीमा से पैमाइश किए जाने के कारण उनकी खरीदी हुई भूमि ही रास्ते में दिखा दी गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में करीब 10 लाख रुपये में भूमि खरीदी गई थी, जिसकी उनके पास रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज के दस्तावेज मौजूद हैं। अफसाना के पति ने भी कहा कि उनका परिवार लंबे समय से उक्त भूमि पर कब्जे में रहा है और वर्ष 2017 में ही नींव रखी गई थी। वह अब जिले के आला अधिकारियों से शिकायत कर दोबारा पैमाइश कराने की मांग करेंगे।