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कार में दम घुटने से दो बच्चों की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Mon, 20 Jun 2016 12:23 PM IST
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इसी कार में हुई थी बच्चों की मौत
- फोटो : इसी कार में हुई थी बच्चों की मौत
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मैनाठेर का तख्तपुर अल्ला उर्फ नानकार गांव रविवार को रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना से कांप उठा। गांव के दो मासूम बच्चों की कार में दम घुटने से मौत हो गई। दोनों बच्चे खेलते - खेलते पड़ोस में खड़ी सेंट्रो कार में जा बैठे थे। लेकिन अचानक कार लॉक होने से उसके भीतर ही बंद हो गए। तपती धूप में खड़ी कार के शीशे भी बंद थे। तीन घंटे बाद जब तक परिजनों का ध्यान गया, दोनों मासूम कार में छटपटाकर दम तोड़ चुके थे।
मैनाठेर थाना क्षेत्र के गांव तख्तपुर अल्ला उर्फ नानकार में रविवार दोपहर करीब एक बजे मोहम्मद इमरान का चार वर्षीय बेटा शहरान और पड़ोसी कल्लू हुसैन का पांच वर्षीय बेटा कासिब घर से बाहर खेलने के लिए निकले थे। घर से चंद कदमों की दूरी पर इमरान के भतीजे की सेंट्रो कार चौराहे पर खड़ी थी। कार लॉक नहीं थी लिहाजा दोनों बच्चे खेलते - खेलते कार में जा बैठे। बच्चे कार में खेलने लगे, इस बीच अचानक कार लॉक हो गई।
कार के शीशे भी बंद थे। घुटन होने पर बच्चों ने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन कार लॉक थी। लिहाजा बच्चे बाहर नहीं आ सके। छटपटाने के बाद बच्चे बेहोश हो गए। तपती धूप में कार में बंद रहने से बच्चों का दम घुट गया और उन्होंने कार में ही दम तोड़ दिया। दोपहर करीब चार बजे जब परिजनों की नजर कार पर पड़ी तो बच्चों की लाशें अंदर पड़ी थीं। शीशे को तोड़कर दोनों को बाहर निकाला गया। परिजन उन्हें डाक्टर के पास भी ले गए, लेकिन बच्चे पहले ही दम तोड़ चुके थे।
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मैनाठेर थाना क्षेत्र के गांव तख्तपुर अल्ला उर्फ नानकार में रविवार दोपहर करीब एक बजे मोहम्मद इमरान का चार वर्षीय बेटा शहरान और पड़ोसी कल्लू हुसैन का पांच वर्षीय बेटा कासिब घर से बाहर खेलने के लिए निकले थे। घर से चंद कदमों की दूरी पर इमरान के भतीजे की सेंट्रो कार चौराहे पर खड़ी थी। कार लॉक नहीं थी लिहाजा दोनों बच्चे खेलते - खेलते कार में जा बैठे। बच्चे कार में खेलने लगे, इस बीच अचानक कार लॉक हो गई।
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कार के शीशे भी बंद थे। घुटन होने पर बच्चों ने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन कार लॉक थी। लिहाजा बच्चे बाहर नहीं आ सके। छटपटाने के बाद बच्चे बेहोश हो गए। तपती धूप में कार में बंद रहने से बच्चों का दम घुट गया और उन्होंने कार में ही दम तोड़ दिया। दोपहर करीब चार बजे जब परिजनों की नजर कार पर पड़ी तो बच्चों की लाशें अंदर पड़ी थीं। शीशे को तोड़कर दोनों को बाहर निकाला गया। परिजन उन्हें डाक्टर के पास भी ले गए, लेकिन बच्चे पहले ही दम तोड़ चुके थे।
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