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इलाज को ढूंढते रहिए अरबन पीएचसी
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Thu, 14 Jul 2016 11:01 AM IST
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अरबन पीएचसी
- फोटो : अमर उजाला
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अगर आपको गली मोहल्ले के अस्पताल में अपना इलाज कराना है तो इलाज से पहले उसे ढूंढ लीजिए। वरना जरूरत के समय आपको भटकना पड़ सकता है। जी हां ये सच है। शहर के मोहल्लों की तंग गलियों में अरबन पीएचसी संचालित हैं। जिसे ढूंढना किसी चुनौती से कम नहीं है। बंगला गांव हो या लाल बाग, कानून गोयान हो या फिर कंजरी सराय, हर जगह यही हाल है। अधिकांश अरबन पीएचसी ऐसे स्थानों पर खोले गए हैं जहां तक हर मरीज के लिए पहुंचना मुश्किल है।
अरबन पीएचसी के खोलने का मकसद था कि मरीजों को जिला अस्पताल में होने वाली भीड़ से बचाया जाए और उन्हेेें गली मोहल्ले में सर्दी खांसी जैसी बीमारी का इलाज मिल जाए। इसके लिए शहर के गली मोहल्लों में छब्बीस अरबन पीएचसी संचालित हैं। ये सभी अस्पताल किराए के भवन में चल रहे हैं। लेकिन इलाज के लिए इन अस्पतालों तक मरीजों को पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
कहीं अरबन पीएचसी तंग गलियों में संचालित है तो कहीं सिकुड़ी सड़कों पर। कहीं बोर्ड का पता नहीं तो कहीं अस्पताल का। आलम यह है कि आसपास के लोगों का तो इलाज हो जाता हैं लेकिन नया मरीज इन अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाता है। वहीं अधिकारी भी इन अस्पतालों को नहीं ढूंढ पाते हैं। अरबन हेल्थ के नोडल प्रभारी डा. जीएस मरतोलिया ने बताया कि भवन का चयन कमेटी के जरिए किया गया है। इसके चयन में शासन की गाइड लाइन का पालन किया गया है।
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भवन लेने में की गई मनमानी
मुरादाबाद। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने किराए पर भवन लेने में मनमानी की। न तो गाइड का पालन किया गया और न ही मरीजों की सुविधा का ख्याल रखा गया है। जहां चाहा वहां भवन किराए पर ले लिया गया। हालांकि कहने के लिए भवन चयन को कमेटी बनाई गई थी।
जरूरत के समय नहीं पहुंच पाएगी एंबुलेंस
मुरादाबाद। भवन लेने में इस सुविधा का भी ख्याल नहीं रखा गया कि जरूरत के समय अस्पताल तक एंबुलेंस कैसे पहुंचेगी। कई मोहल्लों में ऐसी स्थिति है कि एंबुलेंस तो छोड़िए छोटी कार तक के पहुंच पाएंगी।
अस्पताल भी दरबे जैसे
मुरादाबाद। कई अरबन पीएचसी किसी दरबे से कम नहीं है। न तो हवा जाने का रास्ता है और न ही ठीक ढंग से रोशनी की व्यवस्था है। कहीं छोटे कमरे हैं तो कहीं अस्पताल के नाम पर हाल है। कहीं आंगन में ओपीडी है तो कहीं तंग कमरे में। उमसभरी गर्मी में मरीज और स्टाफ पसीने से तरबतर हो जाते हैं। फिर भी यहां अस्पताल संचालित है।
इन मोहल्लों में चलती अरबन पीएचसी
- पीतल बस्ती, फकीरपुरा, चाऊ की बस्ती, करूला रहमतनगर, नवाबपुरा, मिर्जा कालोनी, वसी नगर, नया गांव, बंगला गांव, बरबलान, लाल बाग, गुलाबबाड़ी, मझौली, हरथला, कांशीरामनगर, मुकर्रमपुर, मझौला, किसरौल, कानून गोयान, गाड़ी खाना, एनसीवी कटघर, आदर्श नगर, कमला शिवनगर, टाउनहाल, कोठीवाल नगर, कंजरी सराय।
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अरबन पीएचसी के खोलने का मकसद था कि मरीजों को जिला अस्पताल में होने वाली भीड़ से बचाया जाए और उन्हेेें गली मोहल्ले में सर्दी खांसी जैसी बीमारी का इलाज मिल जाए। इसके लिए शहर के गली मोहल्लों में छब्बीस अरबन पीएचसी संचालित हैं। ये सभी अस्पताल किराए के भवन में चल रहे हैं। लेकिन इलाज के लिए इन अस्पतालों तक मरीजों को पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
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कहीं अरबन पीएचसी तंग गलियों में संचालित है तो कहीं सिकुड़ी सड़कों पर। कहीं बोर्ड का पता नहीं तो कहीं अस्पताल का। आलम यह है कि आसपास के लोगों का तो इलाज हो जाता हैं लेकिन नया मरीज इन अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाता है। वहीं अधिकारी भी इन अस्पतालों को नहीं ढूंढ पाते हैं। अरबन हेल्थ के नोडल प्रभारी डा. जीएस मरतोलिया ने बताया कि भवन का चयन कमेटी के जरिए किया गया है। इसके चयन में शासन की गाइड लाइन का पालन किया गया है।
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भवन लेने में की गई मनमानी
मुरादाबाद। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने किराए पर भवन लेने में मनमानी की। न तो गाइड का पालन किया गया और न ही मरीजों की सुविधा का ख्याल रखा गया है। जहां चाहा वहां भवन किराए पर ले लिया गया। हालांकि कहने के लिए भवन चयन को कमेटी बनाई गई थी।
जरूरत के समय नहीं पहुंच पाएगी एंबुलेंस
मुरादाबाद। भवन लेने में इस सुविधा का भी ख्याल नहीं रखा गया कि जरूरत के समय अस्पताल तक एंबुलेंस कैसे पहुंचेगी। कई मोहल्लों में ऐसी स्थिति है कि एंबुलेंस तो छोड़िए छोटी कार तक के पहुंच पाएंगी।
अस्पताल भी दरबे जैसे
मुरादाबाद। कई अरबन पीएचसी किसी दरबे से कम नहीं है। न तो हवा जाने का रास्ता है और न ही ठीक ढंग से रोशनी की व्यवस्था है। कहीं छोटे कमरे हैं तो कहीं अस्पताल के नाम पर हाल है। कहीं आंगन में ओपीडी है तो कहीं तंग कमरे में। उमसभरी गर्मी में मरीज और स्टाफ पसीने से तरबतर हो जाते हैं। फिर भी यहां अस्पताल संचालित है।
इन मोहल्लों में चलती अरबन पीएचसी
- पीतल बस्ती, फकीरपुरा, चाऊ की बस्ती, करूला रहमतनगर, नवाबपुरा, मिर्जा कालोनी, वसी नगर, नया गांव, बंगला गांव, बरबलान, लाल बाग, गुलाबबाड़ी, मझौली, हरथला, कांशीरामनगर, मुकर्रमपुर, मझौला, किसरौल, कानून गोयान, गाड़ी खाना, एनसीवी कटघर, आदर्श नगर, कमला शिवनगर, टाउनहाल, कोठीवाल नगर, कंजरी सराय।