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कार्तिक पूर्णिमा पर आस्था की डुबकी लगाई
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मुरादाबाद के रामगंगा तट पर गंगा स्नान के पर्व पर स्नान करती महिलाएं।
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मुरादाबाद। कार्तिक पूर्णिमा पर आस्था की डूबकी लगाने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु रामगंगा नदी और गांगन नदी के तटों पर उमड़े। धार्मिक मान्यता वाले इस पर्व पर लालबाग स्थित काली माता मंदिर पर मेला लगा। बड़ी संख्या में लोगों ने नदी के तट पर मुंडन संस्कार कराए और स्नान करके पुण्य प्राप्त किया। पुलिस प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे।
कार्तिक पूर्णिमा पर आधी रात से ही श्रद्धालु रामगंगा नदी के तट पर इकट्ठा होने लगे थे। सूर्य निकलने से पहले ही स्नान कार्यक्रम शुरू हुआ। सूर्य उदय पर पुष्प और चावल लेकर भास्कर देव को जल अर्पित किया। नदी में स्नान करके श्रद्धालुओं ने मनोकामना मांगी। रामगंगा विहार, कटघर के गंगा मंदिर, लालबाग के काली माता मंदिर, दसवां घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का सैलाब नजर आया। मंदिरों पर लगे मेलों में लोगों ने जमकर खरीदारी की। लोगों ने नदी के तटों पर पूजा अर्चना करके ब्राह्मणों को दान दिया।
यह है कार्तिक पूर्णिमा की महिमा
मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर भगवान विष्णु ने पहला अवतार लिया था। इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप भी धुल जाते हैं। एक मान्यता यह भी है कि इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुर राक्षस का वध किया था। त्रिपुर ने एक लाख वर्ष तक तीर्थराज प्रयाग में तपस्या की। अप्सराओं के जाल में भी त्रिपुर नहीं फं सा था। ब्रह्मा जी ने वरदान मांगने को कहा तो उसने मनुष्य और देवता के हाथों न मारे जाने का वरदान प्राप्त किया। शिवजी ने ब्रह्माजी और विष्णुजी की सहायता से त्रिपुर का वध किया।
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शुभ होता है जलेबी खाना
मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर जलेबी खाना शुभ होता है। इसलिए मिठाई की दुकानों पर लोगों का तांता लगा रहा। फल, फूल और पूजा सामग्री की बिक्री भी खूब हुआ।
गंदगी फैली रही, आस्था के साथ लोगों ने किया स्नान
नगर निगम की सफाई अभियान के बावजूद रामगंगा और गांगन नदियों के तटों पर गंदगी फैली नजर आई। लोगों ने इसी गंदगी के बीच स्नान किया। गांगन नदी पर पहुंचने वाले कई श्रद्धालुओं ने पानी की गंदगी देखकर सिर्फ आचमन कर लिया।
पुलिस की रही पुख्ता व्यवस्था
लोगों की बड़ी संख्या में नदी तट पर उपस्थिति के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने बेरिकेटिंग लगाने के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिसबल की तैनाती की थी। रामगंगा और गांगन नदियों पर पुलिसबल तैनात मिला। लोगों के लिए मददगार की भूमिका में नजर आने वाले पुलिसकर्मियों ने नदी के निकट जाने वालों को सुरक्षा की हिदायत भी दीं।
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कार्तिक पूर्णिमा पर आधी रात से ही श्रद्धालु रामगंगा नदी के तट पर इकट्ठा होने लगे थे। सूर्य निकलने से पहले ही स्नान कार्यक्रम शुरू हुआ। सूर्य उदय पर पुष्प और चावल लेकर भास्कर देव को जल अर्पित किया। नदी में स्नान करके श्रद्धालुओं ने मनोकामना मांगी। रामगंगा विहार, कटघर के गंगा मंदिर, लालबाग के काली माता मंदिर, दसवां घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का सैलाब नजर आया। मंदिरों पर लगे मेलों में लोगों ने जमकर खरीदारी की। लोगों ने नदी के तटों पर पूजा अर्चना करके ब्राह्मणों को दान दिया।
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यह है कार्तिक पूर्णिमा की महिमा
मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर भगवान विष्णु ने पहला अवतार लिया था। इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप भी धुल जाते हैं। एक मान्यता यह भी है कि इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुर राक्षस का वध किया था। त्रिपुर ने एक लाख वर्ष तक तीर्थराज प्रयाग में तपस्या की। अप्सराओं के जाल में भी त्रिपुर नहीं फं सा था। ब्रह्मा जी ने वरदान मांगने को कहा तो उसने मनुष्य और देवता के हाथों न मारे जाने का वरदान प्राप्त किया। शिवजी ने ब्रह्माजी और विष्णुजी की सहायता से त्रिपुर का वध किया।
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शुभ होता है जलेबी खाना
मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर जलेबी खाना शुभ होता है। इसलिए मिठाई की दुकानों पर लोगों का तांता लगा रहा। फल, फूल और पूजा सामग्री की बिक्री भी खूब हुआ।
गंदगी फैली रही, आस्था के साथ लोगों ने किया स्नान
नगर निगम की सफाई अभियान के बावजूद रामगंगा और गांगन नदियों के तटों पर गंदगी फैली नजर आई। लोगों ने इसी गंदगी के बीच स्नान किया। गांगन नदी पर पहुंचने वाले कई श्रद्धालुओं ने पानी की गंदगी देखकर सिर्फ आचमन कर लिया।
पुलिस की रही पुख्ता व्यवस्था
लोगों की बड़ी संख्या में नदी तट पर उपस्थिति के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने बेरिकेटिंग लगाने के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिसबल की तैनाती की थी। रामगंगा और गांगन नदियों पर पुलिसबल तैनात मिला। लोगों के लिए मददगार की भूमिका में नजर आने वाले पुलिसकर्मियों ने नदी के निकट जाने वालों को सुरक्षा की हिदायत भी दीं।