{"_id":"58b87e084f1c1b8759830f59","slug":"jaundice-effect-father-and-son-died","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीलिया हुअा जानलेवा ः बाप-बेटे की गई जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीलिया हुअा जानलेवा ः बाप-बेटे की गई जान
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Fri, 03 Mar 2017 02:14 AM IST
विज्ञापन
health
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिलारी ब्लॉक के स्योंडारा ग्राम पंचायत में आने वाले मझरा सुंदरपुर मेें बृहस्पतिवार की सुबह पीलिया के प्रकोप से पिता पुत्र की मौत हो गई। पहले बेटे की मौत हुई और उसके बाद बाप ने दम तोड़ दिया। पिता पुत्र की मौत पर परिवार में कोहराम मच गया। मृतक को पीलिया होने की वजह दूषित पानी पीना माना जा रहा है।
सुंदरपुर निवासी लाखन सिंह प्रजापति (52) के परिवार में तीन बेटे श्यामलाल, खेमपाल और गोविंद हैं। चारों पिता पुत्र खेती मजदूरी और भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। लगभग 15 दिन पहले लाखन के बड़े बेटे श्यामलाल की तबियत खराब हुई। उसने निजी चिकित्सक से उपचार कराना शुरू कर दिया।
दो दिन पहले जब तबीयत बिगड़ी तब निजी चिकित्सक ने चेकअप कराने की सलाह दी। परिजनाें के मुताबिक चेकअप में पता चला कि श्यामलाल को काला पीलिया हो गया है। इसी बीच उपचार के दौरान बृहस्पतिवार की तड़के लगभग तीन बजे श्यामलाल की मौत हो गई।
विज्ञापन
ग्रामीणों के मुताबिक श्यामलाल का बेटा लाखन मामूली बीमार था। उसे डाक्टराें ने स्पष्ट तौर पर पीलिया के लक्षण नहीं बताए थे लेकिन श्यामलाल की मौत हो जाने के लगभग छह घंटे बाद लाखन की भी मौत हो गई।
लाखन की मौत होने के मामले में कुछ ग्रामीण तो जवान बेटे की अचानक मौत के सदमे में उसकी मौत होना बता रहे थे जबकि कुछ ग्रामीण लाखन को भी पीलिया होना बता रहे थे। ग्रामीणाें से जानकारी करने पर पता चला कि 20 दिन पहले लाखन सिंह की पत्नी वीरवती (50) की भी बीमारी के चलते मौत हो गई।
माना जा रहा है कि वीरवती भी दूषित पानी पीने से बीमार हुई। यह भी पता चला है कि मृतक श्यामलाल का छोटा बेटा खेमपाल भी बीमार है जो मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती है।
सुंदरपुर गांव में एक ही घर में पिता पुत्र दोनाें की मौत हो जाने की घटना की खबर पर मौके पर ग्रामीणाें और रिश्तेदाराें की भारी भीड़ जमा हो गई। मृतक पिता पुत्र के शव के पास रो-रोकर परिजन और रिश्तेदार बेहाल थे।
विज्ञापन
सुंदरपुर निवासी लाखन सिंह प्रजापति (52) के परिवार में तीन बेटे श्यामलाल, खेमपाल और गोविंद हैं। चारों पिता पुत्र खेती मजदूरी और भट्ठे पर मजदूरी करते हैं। लगभग 15 दिन पहले लाखन के बड़े बेटे श्यामलाल की तबियत खराब हुई। उसने निजी चिकित्सक से उपचार कराना शुरू कर दिया।
विज्ञापन
दो दिन पहले जब तबीयत बिगड़ी तब निजी चिकित्सक ने चेकअप कराने की सलाह दी। परिजनाें के मुताबिक चेकअप में पता चला कि श्यामलाल को काला पीलिया हो गया है। इसी बीच उपचार के दौरान बृहस्पतिवार की तड़के लगभग तीन बजे श्यामलाल की मौत हो गई।
विज्ञापन
ग्रामीणों के मुताबिक श्यामलाल का बेटा लाखन मामूली बीमार था। उसे डाक्टराें ने स्पष्ट तौर पर पीलिया के लक्षण नहीं बताए थे लेकिन श्यामलाल की मौत हो जाने के लगभग छह घंटे बाद लाखन की भी मौत हो गई।
लाखन की मौत होने के मामले में कुछ ग्रामीण तो जवान बेटे की अचानक मौत के सदमे में उसकी मौत होना बता रहे थे जबकि कुछ ग्रामीण लाखन को भी पीलिया होना बता रहे थे। ग्रामीणाें से जानकारी करने पर पता चला कि 20 दिन पहले लाखन सिंह की पत्नी वीरवती (50) की भी बीमारी के चलते मौत हो गई।
माना जा रहा है कि वीरवती भी दूषित पानी पीने से बीमार हुई। यह भी पता चला है कि मृतक श्यामलाल का छोटा बेटा खेमपाल भी बीमार है जो मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती है।
सुंदरपुर गांव में एक ही घर में पिता पुत्र दोनाें की मौत हो जाने की घटना की खबर पर मौके पर ग्रामीणाें और रिश्तेदाराें की भारी भीड़ जमा हो गई। मृतक पिता पुत्र के शव के पास रो-रोकर परिजन और रिश्तेदार बेहाल थे।