{"_id":"61a3e3fd1b5905738d4ee9c5","slug":"inquiry-committee-constituted-in-the-case-of-death-of-elephant-from-goods-train-city-news-mbd4109544113","type":"story","status":"publish","title_hn":"मालगाड़ी से हाथी की मौत के मामले में जांच कमेटी गठित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मालगाड़ी से हाथी की मौत के मामले में जांच कमेटी गठित
विज्ञापन
मुरादाबाद। देहरादून-हरिद्वार रेलमार्ग पर मोतीचूर फाटक के पास मालगाड़ी की टक्कर से हाथी की मौत के मामले में जांच कमेटी गठित कर दी गई है। जांच टीम में शामिल अधिकारियों ने मौका मुआयना करने के बाद ड्राइवर के बयान भी दर्ज किए हैं। उसने बताया है कि उक्त रेलखंड में गाड़ी निर्धारित गति (35 किमी प्रति घंटा) से ही चल रही थी। सोमवार को जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है। प्रथम दृष्टया घटना में ड्राइवर की गलती नहीं बताई जा रही है।
देहरादून-हरिद्वार रेलमार्ग पर शुक्रवार को देर रात एक मालगाड़ी से हाथी कट गया था। इसके कारण चार घंटे तक हरिद्वार-देहरादून रेलमार्ग पर ट्रेन संचालन बाधित रहा था। शुरुआती पूछताछ के मुताबिक रायवाला स्टेशन के पास रेलवे लाइन पर अचानक हाथियों का झुंड पहुंच गया था। इनमें से एक हाथी ट्रेन की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही वन विभाग, रेलवे और राजाजी नेशनल पार्क की टीम मौके पर पहुंच गई थी। शनिवार सुबह पांच बजे तक ट्रैक खाली कर ट्रेनों का संचालन शुरू करा दिया गया था। जांच में भी घटना के समय मालगाड़ी की गति 35 किलोमीटर प्रतिघंटा ही पाई गई है। बताया गया है कि हाथी का रंग काला होने और रात होने के कारण चालक को दूर से हाथी नहीं दिखाई दिया।
सीनियर डीईएन अरूण कुमार का कहना है कि जांच टीम की रिपोर्ट आने से पहले ज्यादा कुछ कहना उचित नहीं होगा। हालांकि मामले में ड्राइवर की गलती स्पष्ट नहीं हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
देहरादून-हरिद्वार रेलमार्ग पर शुक्रवार को देर रात एक मालगाड़ी से हाथी कट गया था। इसके कारण चार घंटे तक हरिद्वार-देहरादून रेलमार्ग पर ट्रेन संचालन बाधित रहा था। शुरुआती पूछताछ के मुताबिक रायवाला स्टेशन के पास रेलवे लाइन पर अचानक हाथियों का झुंड पहुंच गया था। इनमें से एक हाथी ट्रेन की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही वन विभाग, रेलवे और राजाजी नेशनल पार्क की टीम मौके पर पहुंच गई थी। शनिवार सुबह पांच बजे तक ट्रैक खाली कर ट्रेनों का संचालन शुरू करा दिया गया था। जांच में भी घटना के समय मालगाड़ी की गति 35 किलोमीटर प्रतिघंटा ही पाई गई है। बताया गया है कि हाथी का रंग काला होने और रात होने के कारण चालक को दूर से हाथी नहीं दिखाई दिया।
विज्ञापन
सीनियर डीईएन अरूण कुमार का कहना है कि जांच टीम की रिपोर्ट आने से पहले ज्यादा कुछ कहना उचित नहीं होगा। हालांकि मामले में ड्राइवर की गलती स्पष्ट नहीं हो रही है।
विज्ञापन