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Moradabad News: गोष्ठियों में किसानों को दी गन्ना प्रजातियों से संबंधित जानकारियां
Thu, 26 Feb 2026 01:09 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
Updated Thu, 26 Feb 2026 01:09 AM IST
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कांठ। बुधवार को तहसील क्षेत्र के गांव रसूलपुर चौहरा में गन्ना विकास परिषद और दीवान चीनी मिल अगवानपुर की ओर से वसंतकालीन गन्ना बुआई के लिए किसान जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें किसानों को नई गन्ना प्रजातियों के बारे में विस्तार से बताया गया।
गोष्ठी में विशेषज्ञों ने गन्ने की नवीन प्रजाति 13235, 17231 18231, 19231, 14201, 16202, को. 0118,15023 का आच्छादन बढ़ाने के बारे में किसानों को बताया गया। किसानों से कहा गया कि किसी भी एक किस्म का गन्ना कुल एरिया में अधिकतम 40 प्रतिशत से ज्यादा न रखें और प्रत्येक कृषक को एक से अधिक नवीनतम गन्ना किस्मों को बसंतकालीन बुआई में शामिल करने के सलाह दी गई। इसी के साथ जल प्लावित वाले क्षेत्रों में गन्ना किस्म को. 98014, 13231, 10239 एवं 94184 की बुआई करने का सुझाव दिया गया। इसके अलावा विभागीय योजनाओं में जिला योजना, आरकेवीवाई, एनएफएसएम, पंचामृत विधि से खेती के विभिन्न पहलुओं, ट्रेंच विधि से खेती, सहफसली खेती, मल्चिंग, पेड़ी प्रबंधन, किस्मवार ब्रीडर सीड की उपलब्धता, नजदीकी गांव में अन्य प्लॉट में आरक्षित किए गए गन्ना बीज की किस्मवार उपलब्धता के विषय के बारे में बताया गया। गन्ना बुआई के समय प्रयोग होने वाली दवाइयों, नवीन गन्ना किस्मों को भी उपचारित करके ही बुआई करने, प्रत्येक खेत में ट्राईकोडरमा का प्रयोग करने, खाद एवं उर्वरक के संतुलित मात्रा में प्रयोग, बीज चयन, पौधशाला में कृषकवार बीज की उपलब्धता के किसानों को बताया। इस अवसर पर गोष्ठी में गन्ना पर्यवेक्षक भूमिराज सिंह, दीवान चीनी मिल के प्रतिनिधि गंभीर सिंह, इफको प्रतिनिधि यशवीर सिंह सहित किसान रहे। वहीं बुधवार को गन्ना विकास परिषद अगवानपुर और स्योहारा चीनी मिल के गांव मधुआ में भी बसंतकालीन गन्ना बुआई के लिए किसान गोष्ठी की गई। जिसमें किसानों को गन्ने की नई किस्मों के बारे में बताया गया। यहां गन्ना पर्यवेक्षक सुधीर कुमार, मुनेंद्र कुमार, स्योहारा चीनी मिल के प्रतिनिधि राजीव चौधरी आदि रहे।
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गोष्ठी में विशेषज्ञों ने गन्ने की नवीन प्रजाति 13235, 17231 18231, 19231, 14201, 16202, को. 0118,15023 का आच्छादन बढ़ाने के बारे में किसानों को बताया गया। किसानों से कहा गया कि किसी भी एक किस्म का गन्ना कुल एरिया में अधिकतम 40 प्रतिशत से ज्यादा न रखें और प्रत्येक कृषक को एक से अधिक नवीनतम गन्ना किस्मों को बसंतकालीन बुआई में शामिल करने के सलाह दी गई। इसी के साथ जल प्लावित वाले क्षेत्रों में गन्ना किस्म को. 98014, 13231, 10239 एवं 94184 की बुआई करने का सुझाव दिया गया। इसके अलावा विभागीय योजनाओं में जिला योजना, आरकेवीवाई, एनएफएसएम, पंचामृत विधि से खेती के विभिन्न पहलुओं, ट्रेंच विधि से खेती, सहफसली खेती, मल्चिंग, पेड़ी प्रबंधन, किस्मवार ब्रीडर सीड की उपलब्धता, नजदीकी गांव में अन्य प्लॉट में आरक्षित किए गए गन्ना बीज की किस्मवार उपलब्धता के विषय के बारे में बताया गया। गन्ना बुआई के समय प्रयोग होने वाली दवाइयों, नवीन गन्ना किस्मों को भी उपचारित करके ही बुआई करने, प्रत्येक खेत में ट्राईकोडरमा का प्रयोग करने, खाद एवं उर्वरक के संतुलित मात्रा में प्रयोग, बीज चयन, पौधशाला में कृषकवार बीज की उपलब्धता के किसानों को बताया। इस अवसर पर गोष्ठी में गन्ना पर्यवेक्षक भूमिराज सिंह, दीवान चीनी मिल के प्रतिनिधि गंभीर सिंह, इफको प्रतिनिधि यशवीर सिंह सहित किसान रहे। वहीं बुधवार को गन्ना विकास परिषद अगवानपुर और स्योहारा चीनी मिल के गांव मधुआ में भी बसंतकालीन गन्ना बुआई के लिए किसान गोष्ठी की गई। जिसमें किसानों को गन्ने की नई किस्मों के बारे में बताया गया। यहां गन्ना पर्यवेक्षक सुधीर कुमार, मुनेंद्र कुमार, स्योहारा चीनी मिल के प्रतिनिधि राजीव चौधरी आदि रहे।
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