दिवाली में मिलावटखोरी: मुरादाबाद में सैकड़ों फैक्टरियां... हजारों दुकानें, लाखों उपभोक्ता, जांच सिर्फ 10 की
मुरादाबाद में त्योहारों के दौरान मिलावट की संभावना बढ़ने के बावजूद अक्टूबर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने केवल 10 सैंपल लिए। अप्रैल से सितंबर तक लिए गए 220 सैंपल में 35% फेल हुए। इसमें मसाले, दूध उत्पाद और पनीर असुरक्षित पाए गए। दिवाली के माैके पर मिलावटखोरी बढ़ जाती है।
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मुरादाबाद जिले में खाद्य पदार्थों की सैकड़ों फैक्टरियां, हजारों दुकानें और लाखों उपभोक्ता होने के बाद भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने अक्तूबर माह में अभी तक सिर्फ 10 सैंपल लिए हैं, जबकि इस माह त्योहारों के कारण खाद्य पदार्थों में मिलावट की सबसे ज्यादा संभावना रहती है।
वहीं अप्रैल से सितंबर तक खाद्य विभाग द्वारा लिए गए सैंपल में से 35 फीसदी फेल हो गए। ऐसे में लोगों के स्वास्थ्य के प्रति खाद्य विभाग कितना सजग है, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल से लेकर सितंबर 2024 तक 220 सैंपल दुकानों से लिए गए।
जब इनकी रिपोर्ट आई तो 78 सैंपल फेल हो गए। अगस्त माह में मसाले के चार और दूध प्रोडक्ट के दो सैंपल असुरिक्षत पाए गए हैं। इस प्रकार के मसालों और दूध के प्रोडक्ट का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए घातक है। पनीर में भी शुद्धता नहीं पाई गई है।
सितंबर माह में 31 सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए। इनमें आठ सैंपल फेल हो गए। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अधिक सैंपल भरे जाने पर गड़बड़ियां ज्यादा सामने आती हैं। हर बार की तरह इस बार शासन से दिवाली पर अभियान चलाने के निर्देश नहीं आए हैं।
मिलावट पर दर्ज हुए 57 मुकदमे
खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार मिलावट पाए जाने पर सितंबर माह में सात दूध विक्रेताओं, एक खोया और एक पनीर विक्रेता के खिलाफ स्थानीय अदालत में मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। कुल 45 मुकदमे मिलावटी खाद्य पदार्थों के दर्ज कराए गए। 12 केस जूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में दाखिल कराए गए हैं।
बाजार में बेचे जा रहे सभी सामान के शुद्धता की गारंटी कोई नहीं ले सकता है। जांच में मिठाई, तेल, मसाले में मिलावट मिली। शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। आम जनता को भी शिकायत करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। - राजवंश श्रीवास्तव, अपर आयुक्त (खाद्य), मुरादाबाद।