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मददगार पुलिस : डूबती युवती को बचाया, भटके बुजुर्ग को घर पहुंचाया
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मित्र पुलिस, मददगार पुलिस... जैसी इबारत अक्सर थानों या पुलिस विभाग के दफ्तरों पर लिखी नजर आती है। कभी-कभी पुलिस अफसर अधीनस्थों की बैठकों में भी फोर्स से ऐसी छवि बनाने की अपेक्षा करते हैं। बुधवार को मित्र और मददगार पुलिस जैसी शब्दावली नौगावां सादात थाना क्षेत्र में जमीनी हकीकत बनी। पुलिस ने कुछ घंटों के भीतर जहां एक युवती को नहर में डूबने से बचाया, वहीं भटक कर जंगल में पहुंचे बुजुर्ग को अपनी गाड़ी से घर तक पहुंचाया।
बुधवार सुबह नौगांवा सादात थानाध्यक्ष संत कुमार को सूचना मिली कि एक बुजुर्ग जमना खास गांव के आगे जंगल में भटक रहे हैं। इस जानकारी पर थानाध्यक्ष ने कुछ सिपाहियों के साथ खुद ही जंगल का रुख किया। कुछ देर की खोजबीन के बाद बुजुर्ग से मुलाकात हो गई। पुलिस ने सबसे पहले उन्हें ठंडा पानी पिलाया फिर उनसे संवाद शुरू किया। बातचीत में पता चला कि उनकी उम्र करीब 75 वर्ष है। परिवार में अनुकूल माहौल न मिलने के कारण वह घर से निकल पड़े थे। भटकते-भटकते जंगल तक पहुंच गए।
पुलिस ने उन्हें गाड़ी में बैठाकर लगभग छह किलोमीटर दूर ग्राम बांसखेड़ी स्थित उनके घर पहुंचाया। इतना ही नहीं परिजनों को उनकी अच्छी तरह से देखभाल करने की नसीहत भी दी। कहा कि समय-समय पर पुलिस उनके घरेलू माहौल को चेक करेगी।
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इस घटना के कुछ घंटे बाद थानाध्यक्ष अपने सहयोगियों के साथ क्षेत्र में गश्त पर थे। उनकी गाड़ी बिलना गांव के पास पहुंची तो कुछ लोगों ने एक युवती के रामगंगा पोषक नहर में कूद जाने की जानकारी दी। गाड़ी का रुख नहर की ओर करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवती को बाहर निकाल कर डूबने से बचालिया। पूछताछ में युवती अपने बारे में कुछ बता नहीं सकी। कुछ सामाजिक लोगों की मदद से जानकारी जुटाने पर पता चला कि युवती बिजनौर के एक मोहल्ले की रहने वाली है।
इसी बीच युवती को तलाशते हुए उसके परिजन पुलिस तक पहुंच गए। उन्होंने बताया कि युवती की दिमागी हालत ठीक नहीं है। वह सुबह चुपचाप घर से निकल गई। उस वक्त परिजनों को पता नहीं चला। जब वह काफी समय घर में नहीं दिखी तो तलाश शुरू की। परिजन पुलिस को धन्यवाद देते हुए बेटी को साथ ले गए।
नौगावां सादात थाने की पुलिस ने अच्छी मिसाल पेश की है। मेहनत और ईमानदारी से ड्यूटी करना हर पुलिस कर्मी का फर्ज है। पुलिस इंसानियत का उदाहरण पेश करने में भी पीछे नहीं रहती।
- विजय कुमार राणा, सीओ सिटी
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बुधवार सुबह नौगांवा सादात थानाध्यक्ष संत कुमार को सूचना मिली कि एक बुजुर्ग जमना खास गांव के आगे जंगल में भटक रहे हैं। इस जानकारी पर थानाध्यक्ष ने कुछ सिपाहियों के साथ खुद ही जंगल का रुख किया। कुछ देर की खोजबीन के बाद बुजुर्ग से मुलाकात हो गई। पुलिस ने सबसे पहले उन्हें ठंडा पानी पिलाया फिर उनसे संवाद शुरू किया। बातचीत में पता चला कि उनकी उम्र करीब 75 वर्ष है। परिवार में अनुकूल माहौल न मिलने के कारण वह घर से निकल पड़े थे। भटकते-भटकते जंगल तक पहुंच गए।
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पुलिस ने उन्हें गाड़ी में बैठाकर लगभग छह किलोमीटर दूर ग्राम बांसखेड़ी स्थित उनके घर पहुंचाया। इतना ही नहीं परिजनों को उनकी अच्छी तरह से देखभाल करने की नसीहत भी दी। कहा कि समय-समय पर पुलिस उनके घरेलू माहौल को चेक करेगी।
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इस घटना के कुछ घंटे बाद थानाध्यक्ष अपने सहयोगियों के साथ क्षेत्र में गश्त पर थे। उनकी गाड़ी बिलना गांव के पास पहुंची तो कुछ लोगों ने एक युवती के रामगंगा पोषक नहर में कूद जाने की जानकारी दी। गाड़ी का रुख नहर की ओर करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवती को बाहर निकाल कर डूबने से बचालिया। पूछताछ में युवती अपने बारे में कुछ बता नहीं सकी। कुछ सामाजिक लोगों की मदद से जानकारी जुटाने पर पता चला कि युवती बिजनौर के एक मोहल्ले की रहने वाली है।
इसी बीच युवती को तलाशते हुए उसके परिजन पुलिस तक पहुंच गए। उन्होंने बताया कि युवती की दिमागी हालत ठीक नहीं है। वह सुबह चुपचाप घर से निकल गई। उस वक्त परिजनों को पता नहीं चला। जब वह काफी समय घर में नहीं दिखी तो तलाश शुरू की। परिजन पुलिस को धन्यवाद देते हुए बेटी को साथ ले गए।
नौगावां सादात थाने की पुलिस ने अच्छी मिसाल पेश की है। मेहनत और ईमानदारी से ड्यूटी करना हर पुलिस कर्मी का फर्ज है। पुलिस इंसानियत का उदाहरण पेश करने में भी पीछे नहीं रहती।
- विजय कुमार राणा, सीओ सिटी