Haj update: यात्रियों को 18 तक जमा करना होगा पासपोर्ट, मुरादाबाद मंडल से इस साल 4420 लोगों का चयन
मुरादाबाद मंडल से चयनित 4420 हज यात्रियों को 18 फरवरी तक अपना पासपोर्ट लखनऊ स्थित हज कार्यालय में जमा करना होगा। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने इसके लिए निर्देश जारी किए हैं।
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हज की यात्रा पर जाने वाले यात्रियों को 18 फरवरी तक अपना पासपोर्ट हज कार्यालय में जमा करना होगा। इसके लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया ने सूचना जारी कर दी है। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी दिलीप कुमार के अनुसार मुरादाबाद मंडल से इस वर्ष 4420 लोगों का चयन हज यात्रा के लिए किया गया है।
इसमें से सबसे ज्यादा 1758 हज यात्री मुरादाबाद जिले के हैं। वहीं, रामपुर से 966, बिजनौर से 635, अमरोहा से 548 और संभल से 512 लोग हज की यात्रा पर जाएंगे। इन सभी यात्रियों को 18 फरवरी से पहले अपना पासपोर्ट लखनऊ स्थित हज कार्यालय में जमा करना होगा।
बदले नियमों से हाजियों के सामने नई मुश्किलें
नई हज नीति के तहत होने वाले इस बार के हज सफ़र में बहुत कुछ बदला हुआ नजर आने वाला है। इन बदलाव में एक बड़ा परिवर्तन उम्र का भी है। जिसमें रिजर्व कैटेगिरी की उम्र 70 से घटाकर 65 साल कर दी गई है। इस नियम के तहत यह भी पाबंदी कर दी गई है कि अब हज सफर के दौरान पति पत्नी एकसाथ कमरे में नहीं रुक सकेंगे। उन्हें होटल के अलग अलग कमरों में ठहरना पड़ेगा।
जानकारी के मुताबिक अब हज यात्रा के दौरान भारतीय पति- पत्नी को आपस में पर्दा करना जरूरी होगा। सऊदी अरब सरकार ने बड़े बदलाव करते हुए अब तक जारी छूट को खत्म कर दिया है। सरकार के नए नियम के अनुसार 2025 से हज यात्रा पर जाने वाले भारतीय पति-पत्नी एक ही कमरे साथ में नहीं ठहर सकेंगे।
हज यात्रा को लेकर हज कमेटी ऑफ इंडिया ने गाइडलाइन जारी कर दी हैं। कमेटी के मुताबिक हज के दौरान भारतीय पति- पत्नी के एक कमरे में ठहरने की शिकायत आती थी। कमरे में पति पत्नी के साथ रहने से उनके बीच बेपर्दगी रहती है। दूसरे देशों से यात्रा में शामिल होने वाले पति-पत्नी अलग- अलग कमरों में ठहरते हैं। सिर्फ भारतीय दंपति को साथ ठहरने की छूट गई थी। जिसे अब खत्म कर दिया गया है। इसको लेकर हज कमेटी ने भी अरब सरकार को जानकारी दी थी।
हज कमेटी के मुताबिक इस समस्या से निपटने के लिए नियम भी बनाए गए हैं। भारतीय पति-पत्नी के कमरे आसपास रखे जाएंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर वह एक दूसरे की मदद कर सकें। हज यात्रियों को जिस होटल में ठहराया जाएगा, उसके हर फ्लोर पर एक रिसेप्शन की व्यवस्था रहेगी, ताकि दंपति इस जगह बैठकर बातचीत कर सकें।
इसलिए दी गई थी छूट
हज कमेटी ने बताया कि बुजुर्ग कैटेगरी में उम्र की सीमा को 70 साल से घटाकर 65 साल किया गया है। पहले भारतीय पति-पत्नी को साथ रहने और ठहरने की छूट दी गई, क्योंकि भारतीय हज यात्रा करने वाले अधिकतर यात्री कम पढ़े-लिखे होते हैं। और इनमें ज्यादातर बुजुर्ग होते हैं।