फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Hafiz of brass city in Ramadan

काम बंद कर कुरान से लगाई लौ

Thu, 09 Jun 2016 11:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद Updated Thu, 09 Jun 2016 11:04 AM IST
विज्ञापन
Hafiz of  brass city in  Ramadan
रमजान
हाफिज हैदर अली पीतल के कारोबारी है। नागफनी थाने के पीछे उनका कारखाना है। जहां चिराग बनाने का काम होता हैैै। साल के ग्यारह महीने कारोबार की तरक्की में जुटे रहे है। लेकिन एक महीने रमजान में काम बंद कर खुदा की इबादत जुट जाते है। खुद के इंतजाम पर मस्जिद में रोजेदारों को नमाज-ए-तरावीह में कुरान सुनाते हैं। ऐसे ही शहर की करीब बीस मस्जिदों में नमाज-ए-तरावीह पढ़ाने वाले हाफिज पीतल कारोबार से जुड़े हैं, जिन्होंने माह-ए-रमजान में काम बंद कुरान से लौ लगाई है।
विज्ञापन


मुकद्दस रमजान में मस्जिदों में नमाज-ए-तरावीह शुरू हो गया है। मस्जिदाें में कुरान की आयतें गूंजने लगी है। हाफिज अकीदत के साथ रोजेदारों को कुरान सुना रहे हैं। नमाज-ए-तरावीह पढ़ाने वाले हाफिज कुछ बाहर से आए हैं तो कुछ शहर के मदरसों से निकले तालिब-ए-इल्म है। लेकिन कुछ ऐसे भी हाफिज हैं जो पीतल कारोबारी है। किसी का कारखाना है तो किसी का पालिस का काम है। कोई ढलाई का काम कराता है तो किसी की पीतल शाप है।
विज्ञापन


मुकद्दस रमजान का चांद दिखने के साथ ये हाफिज अपना काम बंद शहर की मस्जिदों में नमाज-ए-तरावीह पढ़ाने में मशगूल हो गए हैं। ये हाफिज अलग-अलग मस्जिदों में कुरान सुना रहे हैं। वह भी खुद के इंतजाम पर पूरी शिद्दत के साथ। अपने को कारोबार से अलग कर कोई तीन पारा कुरान सुना रहा है तो कोई डेढ़ पारा। कई हाफिज ऐसे भी जो हाफिज के पीछे कुरान सुनने की भी जिम्मेदारी निभाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाग गुलाब राय में पीतल कारोबारी हाफिज की संख्या अधिक
मुरादाबाद। ब्रास आर्टीजन सोसाइटी के अध्यक्ष गानिब मियां बताते हैं कि बाग गुलाब राय की मस्जिदों में नमाज-ए-तरावीह पढ़ाने वाले में अधिकांश हाफिज पीतल कारोबार से जुड़े हैं। ऐसे हाफिजों की संख्या पंद्रह से अधिक है। इसके अलावा शहर अन्य मस्जिदों में भी पीतल कारोबार से जुड़े हाफिज कुरान सुना रहे हैं।


फर्म बन जाते हैं इबादतगाह
मुरादाबाद। माह-ए-रमजान में शहर के पीतल फर्म इबादतगाह बन जाते हैं। यहां रोजेदारों के लिए नमाज-ए-तरावीह का इंतजाम होता है। शहर के छोटे-बड़े करीब दो सौ फर्मों में नमाज-ए-तरावीह पढ़ाई जाती है। इसके लिए फर्म मालिक सारे इंतजाम करते हैं।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed