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Moradabad News: सरकारी मदद बंद, अल्ट्रासाउंड के लिए 66 हजार गर्भवती महिलाएं परेशान

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 01 Oct 2025 02:19 AM IST
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Government aid stopped, 66 thousand pregnant women troubled for ultrasound
मुरादाबाद। जिले में 66638 गर्भवती महिलाएं हैं जिनकी डिलीवरी इस साल के अंत तक होनी है। इनके अल्ट्रासाउंड के लिए निजी अस्पतालों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई वाउचर जारी नहीं किया जा रहा। अब यह सभी महिलाएं अल्ट्रासाउंड के लिए दो सरकारी अस्पतालों पर निर्भर हैं।
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शहर में महिला अस्पताल और ब्लॉकों में सिर्फ रतनपुर कलां सीएचसी पर गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड की सुविधा है। निजी अस्पतालों में फ्री जांच न होने से इन महिलाओं के पास सरकारी अस्पताल ही विकल्प हैं। पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य विभाग निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों को 425 रुपये का वाउचर जारी करता रहा है। इससे मुरादाबाद में सभी आठ ब्लॉकों में गर्भवती महिलाएं अपने नजदीकी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जाकर जांच करा लेती थीं। दो महीने से एनएचएम का बजट स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिला। इसके कारण निजी केंद्रों को वाउचर जारी नहीं हो रहे हैं। कुंदरकी से लेकर ठाकुरद्वारा तक की गर्भवती महिलाओं को निशुल्क जांच का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्हें 50 किमी की दूरी तय करके जांच के लिए मुरादाबाद के महिला अस्पताल में आना पड़ रहा है। निजी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड का शुल्क 1000 रुपये हैं। इस कारण गरीब और जरूरतमंद महिलाएं सरकारी सेवाओं पर ही निर्भर हैं। स्वास्थ्य विभाग पिछले दो माह से सैकड़ों आशाओं का भुगतान भी नहीं कर पाया है। इसके अलावा 1200 कर्मचारियों का दो माह का वेतन नहीं मिला है। यह सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत विभाग में तैनात हैं।
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पांच माह में सरकारी अस्पताल में एक प्रसव नहीं करा पाईं 478 आशाएं

जिले की 478 आशाएं अप्रैल से अगस्त 2025 तक सरकारी अस्पताल में एक भी प्रसव नहीं करा पाईं। इसके कारण जिले के सरकारी अस्पतालों में प्रसव दर घटी है। निजी अस्पतालों में होने वाले प्रसव की संख्या सरकारी अस्पतालों की तुलना में पांच गुना ज्यादा है। सबसे खराब स्थिति मुरादाबाद शहर की है। यहां महिला अस्पताल में अप्रैल 2024 से अगस्त 2025 तक 1010 महिलाओं के प्रसव हुए हैं। जबकि निजी अस्पतालों में 19105 महिलाओं के प्रसव हो चुके हैं। जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में कुल 5878 प्रसव हुए हैं और निजी अस्पताल में हुए प्रसव की संख्या 24200 है।
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9495 बच्चों का नहीं हुआ पूर्ण टीकाकरण
जिले में शून्य से एक साल तक के 94956 बच्चे हैं। अप्रैल से अगस्त 2025 तक 9495 बच्चे पूर्ण टीकाकरण से छूट गए हैं। इनमें कई ऐसे भी हैं जिन्होंने सिर्फ जन्म के समय टीका लगवाया था। शहर के कुछ इलाकों में भी टीकाकरण टीम को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर जिले में एएनएम के 33 प्रतिशत पद खाली होने के कारण भी टीकाकरण प्रभावित हो रहा है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजीव बेलवाल का कहना है कि पिछले डेढ़ साल में जिले का टीकाकरण 78 से 90 प्रतिशत पर आ गया है।


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किस ब्लॉक में कितनी गर्भवती महिलाएं
ब्लॉक ----गर्भवती महिलाओं की संख्या
कुंदरकी - 3912
बिलारी - 3820
भोजपुर - 2497
डिलारी - 2624
कांठ - 2850
ताजपुर - 3184
मूंढापांडे - 3001
ठाकुरद्वारा - 3330
मुरादाबाद - 41420

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गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड निजी सेंटरों पर कराने के लिए वाउचर क्यों नहीं मिल रहे हैं, इसकी जानकारी नहीं है। 478 आशाओं को पांच माह में कोई प्रसव न कराने पर अंतिम चेतावनी जारी की गई है। सुधार न होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- डॉ. संजीव बेलवाल, डिप्टी सीएमओ
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