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अपने पैरों पर खड़ी होना चाहती हूं...: गैंगरेप पीड़िता
ब्यूरो/अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Sun, 06 Dec 2015 06:42 PM IST
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छजलैट गैंगरेप पीड़िता पिछले चार माह से पल पल सुबक रही है। उसकी जिंदगी अंधेरे में बीत रही है। उजाले और लोगों की भीड़ से वह डरने लगती है। घटना को याद कर सहम सी जाती है। लेकिन अब उसने ठान लिया है। समाज और लोग कुछ भी समझें। घर में कैद होकर परिवार पर बोझ नहीं बनेगी। बल्कि मेहनत कर खुद अपने पैरों पर खड़ी होगी।
ताकि उसे किसी दूसरे की ओर हाथ न फैलाना पड़े। शनिवार को उसने सीओ कांठ राहुल कुमार की पत्नी कुसुम सागर कुमार से फोन पर बात की । वह अपनी बात कहते कहते वह रोने लगी। काफी समझाने के बाद वह शांत हुई। समाज को शर्मसार कर देने वाली ये घटना चार माह पहले छजलैट के एक गांव में हुई थी।
इस गांव में रहने वाली नाबालिग छात्रा से तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। दरिंदों ने उसकी अश्लील क्लीपिंग भी बनाई थी। मंगलवार को पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि एक आरोपी पहले से ही हत्या के मामले में जेल में बंद है।
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सीओ कांठ की पत्नी कुसुम सागर पीड़िता की देखभाल का जिम्मा उठाया है। छात्रा ने शनिवार को कुसुम को फोन किया और बात करते हुए रोने लगी। कुसुम के समझाने पर वह शांत हो गई। इसके बाद बोली, मैं परिवार पर बोझ नहीं अपने पैरों पर खड़ी होना चाहती है। पुलिस अफसर बनकर ऐसे दरिंदों के खिलाफ कार्रवाई कर सकूं।
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ताकि उसे किसी दूसरे की ओर हाथ न फैलाना पड़े। शनिवार को उसने सीओ कांठ राहुल कुमार की पत्नी कुसुम सागर कुमार से फोन पर बात की । वह अपनी बात कहते कहते वह रोने लगी। काफी समझाने के बाद वह शांत हुई। समाज को शर्मसार कर देने वाली ये घटना चार माह पहले छजलैट के एक गांव में हुई थी।
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इस गांव में रहने वाली नाबालिग छात्रा से तीन युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। दरिंदों ने उसकी अश्लील क्लीपिंग भी बनाई थी। मंगलवार को पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि एक आरोपी पहले से ही हत्या के मामले में जेल में बंद है।
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सीओ कांठ की पत्नी कुसुम सागर पीड़िता की देखभाल का जिम्मा उठाया है। छात्रा ने शनिवार को कुसुम को फोन किया और बात करते हुए रोने लगी। कुसुम के समझाने पर वह शांत हो गई। इसके बाद बोली, मैं परिवार पर बोझ नहीं अपने पैरों पर खड़ी होना चाहती है। पुलिस अफसर बनकर ऐसे दरिंदों के खिलाफ कार्रवाई कर सकूं।