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गंगा जहरीली हो गई पालेज का जहर पीते-पीते

Wed, 04 May 2016 12:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद Updated Wed, 04 May 2016 12:31 PM IST
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ganga polluted from agriculture poison
रामगंगा में प्रदूषण के चलते मरी मछ‌लियां - फोटो : अमर उजाला
रामगंगा में मछलियां मर रही हैं तो क्या इसी तरह जहर घुलता रहा तो आदमी भी नहीं बचेगा। रामगंगा किनारे हजारों एकड़ जमीन पर इन दिनों पॉलेज हो रही है। पॉलेज में डाला जा रहा पेस्टिसाइड (जहर) पानी में घुल रहा है, इसी से मछलियां मर रही हैं।
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लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पॉलेजों में पेस्टिसाइड के छिड़काव को जानते हुए भी अनजान बना है और कह रहा है कि कोई घातक केमिकल डाल रहा है। जिससे मछलियां मर रही हैं। घातक केमिकल डालने वाले की तलाश भी की जा रही है, और पुलिस से मदद लेने की बात भी की जा रही है।
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रामगंगा में पिछले महीने से लगातार मछलियां मरने से दहशत फैली हुई है। हर रोज मरी हुई मछलियां रामगंगा किनारे रहने वाले लोग दिखा रहे हैं। मछलियां क्यों मर रही हैं, इसके लिए रामगंगा के पानी को जहरीला होना बताया जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी रामगंगा के पानी को मानकों के मुताबिक एकदम ठीक बता रहे हैं।
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लेकिन उनका यह कहना है कि रामगंगा में सुबह-शाम के वक्त कोई साजिशन घातक केमिकल या जहर डाल रहा है। जबकि हकीकत यह है जिसे सब जानते हैं कि इन दिनों रामगंगा के किनारे हजारों एकड़ जमीन पर पानी से महज दो मीटर दूर ही खरबूज-तरबूज, ककड़ी, तोरई की खेती हो रही है।

पॉलेज में किसान कीटों से बचाव के लिए जमकर पेस्टिसाइड का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस पेस्टिसाइड को रामगंगा के पानी में घोलकर छिड़काव किया जा रहा है। सुबह और शाम दोनों समय छिड़काव किया जा रहा है। इतना सब होने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौके पर जाकर रामगंगा के जल का रोजाना डाउन और अप स्ट्रीम में सेंपल ले रहे हैं।

पानी को मानक के मुताबिक ठीक बता रहे हैं, लेकिन पॉलेज में डाले जा रहे पेस्टिसाइड को नजरंदाज करके किसी के द्वारा केमिकल डाले जाने की बात कह रहे हैं। मौजूदा समय में रामगंगा में पानी कम है, इससे पेस्टिसाइड का असर अधिक हो रहा है।


यही स्थिति रही तो रामगंगा के  जल में इतना जहर घुल जाएगा कि मछलियों के अलावा इसमें नहाने वाले या रोजाना उछल-कूद करने वाले बच्चों को भी नहीं छोड़ेगा।
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