{"_id":"60cfaf508ebc3e2e076fc37a","slug":"ganga-may-cross-the-danger-mark-today-the-water-level-of-ramganga-also-increased-city-news-mbd392951094","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज खतरे के निशान को पार कर सकती है गंगा, रामगंगा का जलस्तर भी बढ़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आज खतरे के निशान को पार कर सकती है गंगा, रामगंगा का जलस्तर भी बढ़ा
विज्ञापन
रामगंगा नदी का जल स्तर बढ़ा।
मुरादाबाद। लगातार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ता रहा है। रविवार सुबह मध्य गंगा बैराज से गंगा में 4.25 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जिसका असर देर रात शुरू हो जाएगा, संभावना है कि सोमवार को गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार का सकता है। उधर रामगंगा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। बढ़ते जलस्तर को देख तहसील प्रशासन के लेखपालों ने तटवर्ती गांवों में दौरा किया। लोगों को नदी किनारे जा जाने की सलाह दी गई है।
बाढ़ नियंत्रण खंड के कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार बिजनौर स्थित मध्यगंगा बैराज से गंगा में 4 लाख 25 हजार 507 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहां से अमरोहा जिले के धनौरा और गढ़मुक्तेश्वर तक पानी पहुंचने में 17 से 18 घंटे लगते हैं, इसलिए इस पानी का असर मध्यरात्रि के बाद नजर आएगा। अमरोहा के तिगरी तटबंध पर रविवार को गंगा का जलस्तर 200.10 मीटर पहुंच गया था, जबकि खतरे का निशान 202 मीटर पर है। इसलिए मध्य गंगा बैराज से छोड़ा गया पानी आने के बाद सोमवार तड़के तक गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है।
उधर रामगंगा नदी में भी बारिश के कारण जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हुई है। सुबह आठ बजे जलस्तर 187.68 मीटर था जो दो बजे तक 187.95 पहुंच गया था, जबकि खतरे का निशान 190.60 मीटर है। जिला प्रशासन द्वारा तहसील के लेखपालों को तटवर्ती गांवों में भेजकर लोगों को नदी किनारे न जाने और अलर्ट रहने को कहा गया है।
विज्ञापन
हालांकि रविवार को शनिवार की तुलना में बारिश कम होने की वजह से रामगंगा का जलस्तर अधिक बढ़ने की उम्मीद नहीं है। बाढ़ खंड विभाग के एसडीओ सुभाष चंद्रा ने बताया कि रामगंगा में कालागढ़ से पानी नहीं छोड़ा गया है, जो पानी है वह बारिश का है। इसलिए फिलहाल खतरे की उम्मीद नहीं है, मगर विभाग अलर्ट मोड पर है।
विज्ञापन
बाढ़ नियंत्रण खंड के कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार बिजनौर स्थित मध्यगंगा बैराज से गंगा में 4 लाख 25 हजार 507 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहां से अमरोहा जिले के धनौरा और गढ़मुक्तेश्वर तक पानी पहुंचने में 17 से 18 घंटे लगते हैं, इसलिए इस पानी का असर मध्यरात्रि के बाद नजर आएगा। अमरोहा के तिगरी तटबंध पर रविवार को गंगा का जलस्तर 200.10 मीटर पहुंच गया था, जबकि खतरे का निशान 202 मीटर पर है। इसलिए मध्य गंगा बैराज से छोड़ा गया पानी आने के बाद सोमवार तड़के तक गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है।
विज्ञापन
उधर रामगंगा नदी में भी बारिश के कारण जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हुई है। सुबह आठ बजे जलस्तर 187.68 मीटर था जो दो बजे तक 187.95 पहुंच गया था, जबकि खतरे का निशान 190.60 मीटर है। जिला प्रशासन द्वारा तहसील के लेखपालों को तटवर्ती गांवों में भेजकर लोगों को नदी किनारे न जाने और अलर्ट रहने को कहा गया है।
विज्ञापन
हालांकि रविवार को शनिवार की तुलना में बारिश कम होने की वजह से रामगंगा का जलस्तर अधिक बढ़ने की उम्मीद नहीं है। बाढ़ खंड विभाग के एसडीओ सुभाष चंद्रा ने बताया कि रामगंगा में कालागढ़ से पानी नहीं छोड़ा गया है, जो पानी है वह बारिश का है। इसलिए फिलहाल खतरे की उम्मीद नहीं है, मगर विभाग अलर्ट मोड पर है।