फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   From city to countryside, delivery services in the district are in bad shape, there are no doctors.

Moradabad News: शहर से देहात तक जिले की प्रसव सेवाओं का बुरा हाल, डॉक्टर ही नहीं

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 16 Apr 2026 02:52 AM IST
विज्ञापन
From city to countryside, delivery services in the district are in bad shape, there are no doctors.
मुरादाबाद। महिला अस्पताल सहित जिले के चार ब्लॉकों के सरकारी अस्पतालों में प्रसव सेवाओं का बुरा हाल है। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है। इससे प्रसव सेवाएं और इमरजेंसी के दौरान इलाज प्रभावित हो रहा है। आंकड़ों के मुताबिक महिला चिकित्सालय में स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और एनेस्थेटिस्ट के छह पद खाली हैं। ठाकुरद्वारा और कांठ के सरकारी अस्पताल में पर एक भी विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात नहीं हैं।
विज्ञापन

30 बेड की क्षमता वाले बिलारी के अस्पताल में पांच के सापेक्ष सिर्फ एक डॉक्टर है। करोड़ों रुपये खर्च कर यह प्रसव केंद्र बनाए गए थे, जिससे गांव देहात में लोगों को रात में डिलीवरी की सुविधा मिल सके। स्वास्थ्य विभाग इन केंद्रों पर डॉक्टर तैनात नहीं कर पा रहा है। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को मजबूरी में लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। उन्हें डिलीवरी के लिए शहर के अस्पतालों में आना पड़ता है। कई गरीब परिवार सस्ते इलाज के चक्कर में झोलाछापों के चंगुल में फंस रहे हैं। एक साल के आंकड़े की बात करें तो झोलाछाप जिले में 10 से ज्यादा महिलाओं और नवजातों की जान ले चुके हैं। ऐसे में इन प्रसव केंद्रों पर डॉक्टरों की तैनाती बेहद जरूरी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण जिला महिला अस्पताल में 136 सामान्य और 90 सिजेरियन प्रसव हुए, वहीं ठाकुरद्वारा में 14, बिलारी में 10 और कांठ में पांच प्रसव हुए।
विज्ञापन



शहरी केंद्रों पर अब तक नहीं पहुंचे विशेषज्ञ
शहर के चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दो-दो विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती का दावा अब तक पूरा नहीं हो सका है। वर्तमान में सभी पीएचसी पर एमबीबीएस डॉक्टर की तैनाती है। छह स्थानों पर बीएएमएस डॉक्टरों से काम लिया जा रहा है। जबकि पीएचसी पर 195 दवाएं उपलब्ध हैं। बीएमएस डॉक्टर एलोपैथ की केवल 28 दवाइयां लिखने के लिए अधिकृत हैं। शहर में टाउनहॉल, फकीरपुरा, ढक्का और एक अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एमडी मेडिसिन, कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती की जानी थी, जोकि नहीं हो पाई है। सीएमओ ने बताया कि तीन विशेषज्ञ डॉक्टर मिले हैं। जल्द ही अन्य की तैनाती भी हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीएमओ के अधीन आने वाली स्वास्थ्य सेवाएं
- 08 सीएचसी
- 31 पीएचसी

- 256 सब सेंटर

- 54 वेलनेस सेंटर

नोट - प्रत्येक सीएचसी पर पांच विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं। इसमें फिजीशियन या बाल रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ, सर्जन या आर्थो सर्जन, पैथोलॉजिस्ट और विशेषज्ञ डॉक्टर के रूप में प्रभारी शामिल है।



वर्जन
विशेषज्ञों की नियुक्ति स्वास्थ्य निदेशालय से होती है। डॉक्टरों की कमी को लेकर एडी हेल्थ और निदेशालय को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। जिला स्तर पर हम एमबीबीएस डॉक्टरों की तैनाती वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से कर रहे हैं।

- डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed