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चिटफंड कंपनी खोलकर लोगों से 50 लाख की ठगी, 15 के खिलाफ केस दर्ज
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मुरादाबाद। चिटफंड कंपनी खोलकर लोगों से 50 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइंस थाने में कंपनी के डायरेक्टर समेत पंद्रह आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
अधिवक्ता एसके यादव ने कोर्ट की शरण लेते हुए सिविल लाइंस थाने में छजलैट के गोविंदपुर ज्ञानपुर निवासी अजय यादव, उसके बेटे अभिषेक यादव, पत्नी ममता यादव, गीता यादव, गजेंद्र सिंह व प्रीतम सिंह, कांठ के पांठगी निवासी रविश यादव, कटघर थानाक्षेत्र के पीतलनगरी निवासी निगम सिंह, मथाना निवासी अनुपमा यादव, ठाकुरद्वारा के ख्वाजपुर निवासी अमर सिंह, मझोला के शाहपुर तिगरी निवासी सरिता केसरवानी, कोतवाली क्षेत्र के कंजरी सराय निवासी राजीव गुप्ता, छजलैट के संजरपुर निवासी राजेन्द्र सिंह और आशियाना कालोनी निवासी राजवीर सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
अधिवक्ता एसके यादव के बताया कि उनके रिश्तेदार राजेंद्र सिंह व राजवीर सिंह ने जनहित म्युचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड में 8 लाख रुपये जमा कराए थे। इसके अलावा अन्य लोगों से भी 42 लाख रुपये जमा कराए थे। आरोपियों ने पांच साल में रकम दोगुना करने का झांसा दिया था। 2020 में पांच साल पूरे पर कंपनी ने रकम वापस नहीं की।
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आरोप है कि कंपनी के लोगों ने पचास लाख रुपये हड़प लिए हैं। आरोपियों ने इस रकम से अलग-अलग जगह जनहित इंफ्रा टाउन कंपनी लिमिटेड के नाम से प्रॉपर्टी खरीद ली है। आरोप है कि आरोपियों ने इस जमीन को बेच कर करीब दो करोड़ रुपये कमाए, लेकिन लोगों की रकम वापस नहीं की है। 20 अप्रैल को चेयरमैन और कंपनी के डायरेक्टर अजय यादव के घर गए तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी और रकम वापस करने से साफ इनकार कर दिया। सीओ इंदु सिद्घार्थ ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अधिवक्ता एसके यादव ने कोर्ट की शरण लेते हुए सिविल लाइंस थाने में छजलैट के गोविंदपुर ज्ञानपुर निवासी अजय यादव, उसके बेटे अभिषेक यादव, पत्नी ममता यादव, गीता यादव, गजेंद्र सिंह व प्रीतम सिंह, कांठ के पांठगी निवासी रविश यादव, कटघर थानाक्षेत्र के पीतलनगरी निवासी निगम सिंह, मथाना निवासी अनुपमा यादव, ठाकुरद्वारा के ख्वाजपुर निवासी अमर सिंह, मझोला के शाहपुर तिगरी निवासी सरिता केसरवानी, कोतवाली क्षेत्र के कंजरी सराय निवासी राजीव गुप्ता, छजलैट के संजरपुर निवासी राजेन्द्र सिंह और आशियाना कालोनी निवासी राजवीर सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
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अधिवक्ता एसके यादव के बताया कि उनके रिश्तेदार राजेंद्र सिंह व राजवीर सिंह ने जनहित म्युचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड में 8 लाख रुपये जमा कराए थे। इसके अलावा अन्य लोगों से भी 42 लाख रुपये जमा कराए थे। आरोपियों ने पांच साल में रकम दोगुना करने का झांसा दिया था। 2020 में पांच साल पूरे पर कंपनी ने रकम वापस नहीं की।
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आरोप है कि कंपनी के लोगों ने पचास लाख रुपये हड़प लिए हैं। आरोपियों ने इस रकम से अलग-अलग जगह जनहित इंफ्रा टाउन कंपनी लिमिटेड के नाम से प्रॉपर्टी खरीद ली है। आरोप है कि आरोपियों ने इस जमीन को बेच कर करीब दो करोड़ रुपये कमाए, लेकिन लोगों की रकम वापस नहीं की है। 20 अप्रैल को चेयरमैन और कंपनी के डायरेक्टर अजय यादव के घर गए तो आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी और रकम वापस करने से साफ इनकार कर दिया। सीओ इंदु सिद्घार्थ ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।