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भूटान और नेपाल के छात्रों का स्कूल में दाखिला कराने के नाम पर ठगी
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मुरादाबाद। भूटान और नेपाल के छात्रों का स्कूल में दाखिला कराने के नाम पर करनाल (हरियाणा) निवासी पिता और दो पुत्रों ने स्कूल डायरेक्टर एवं सेवानिवृत्त विंग कमांडर से दो लाख पांच हजार नौ रुपये ठग लिए। आरोपियों ने डायरेक्टर को काठमांडू सेमिनार के लिए बुलाया, लेकिन आरोपी वहां नहीं मिले। तब उन्हें ठगी की जानकारी हुई।
कटघर निवासी मंसूर आलम सिद्दीकी ने कटघर थाने में हरियाणा के करनाल जनपद के दुपेड़ी असंध निवासी रविंद्र बेनीवाल, उसके भाई वीरेंद्र बेनीवाल और पिता रमेश चंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। मंसूर आलम ने बताया कि वह भारतीय सेना में विंग कमांडर के पद से सेवानिवृत्त हैं। उनका कटघर में स्कूल और हास्टल है जिसमें वह डायरेक्टर हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी रविंद्र बेनीवाल ने उनके स्कूल की एडमिशन काउंसलर बुसरा कमाल को कॉल कर बताया कि वह भूटान और नेपाल के छात्रों का एडमिशन उनके स्कूल में करा सकते हैं। इसके बाद वह अपने भाई के साथ 14 दिसंबर 2019 स्कूल में पहुंचा और उसने विश्वास दिलाया कि वह उन्हें दो लाख रुपये दें, जो नेपाल और भूटान में सेमिनार करने में खर्च होंगे। तब आरोपी भाइयों ने अपने पिता से भी फोन बात कराई। विश्वास होने पर आरोपियों को एक लाख रुपये दे दिए गए। दो दिन बाद रविंद्र ने फिर कॉल कर बताया कि वह नेपाल आ गया है और 200 से 250 बच्चों के एडमिशन होने की उम्मीद है। इसी बीच उसने ये भी बताया कि भूटान सरकार ने उनके स्कूल के लिए 30 बच्चों को चुना है। भूटान सरकार के शिक्षा मंत्रालय के फर्जी लेटर पैड पर तीस बच्चों का नाम भी भेजा। बताया कि भूटान सरकार एक बच्चे पर तीन लाख रुपये खर्च करेगी। उनसे पंजीकरण कराने के नाम पर 51 हजार रुपये खाते में जमा कर लिए। इसके बाद आरोपी ने सेमीनार में शामिल होने के लिए डायरेक्टर और प्रबंधक जकीरा अहमद को बुला लिया। फ्लाइट का टिकट कराने के नाम पर 54 हजार रुपये भी जमा करा लिए। इसके बाद आरोपी ने कहा कि यहां से इंटरनेट दिक्कत आ रही है। दिल्ली से फ्लाइट पकड़कर आ जाएं। 26 दिसंबर 2019 को डायरेक्टर और प्रबंधक काठमांडू पहुंच गए, लेकिन आरोपी वहां नहीं मिला। 28 को दोनों काठमांडू से वापस आ गए। इंस्पेक्टर कटघर देवेश सिंह ने बताया कि तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
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कटघर निवासी मंसूर आलम सिद्दीकी ने कटघर थाने में हरियाणा के करनाल जनपद के दुपेड़ी असंध निवासी रविंद्र बेनीवाल, उसके भाई वीरेंद्र बेनीवाल और पिता रमेश चंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। मंसूर आलम ने बताया कि वह भारतीय सेना में विंग कमांडर के पद से सेवानिवृत्त हैं। उनका कटघर में स्कूल और हास्टल है जिसमें वह डायरेक्टर हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी रविंद्र बेनीवाल ने उनके स्कूल की एडमिशन काउंसलर बुसरा कमाल को कॉल कर बताया कि वह भूटान और नेपाल के छात्रों का एडमिशन उनके स्कूल में करा सकते हैं। इसके बाद वह अपने भाई के साथ 14 दिसंबर 2019 स्कूल में पहुंचा और उसने विश्वास दिलाया कि वह उन्हें दो लाख रुपये दें, जो नेपाल और भूटान में सेमिनार करने में खर्च होंगे। तब आरोपी भाइयों ने अपने पिता से भी फोन बात कराई। विश्वास होने पर आरोपियों को एक लाख रुपये दे दिए गए। दो दिन बाद रविंद्र ने फिर कॉल कर बताया कि वह नेपाल आ गया है और 200 से 250 बच्चों के एडमिशन होने की उम्मीद है। इसी बीच उसने ये भी बताया कि भूटान सरकार ने उनके स्कूल के लिए 30 बच्चों को चुना है। भूटान सरकार के शिक्षा मंत्रालय के फर्जी लेटर पैड पर तीस बच्चों का नाम भी भेजा। बताया कि भूटान सरकार एक बच्चे पर तीन लाख रुपये खर्च करेगी। उनसे पंजीकरण कराने के नाम पर 51 हजार रुपये खाते में जमा कर लिए। इसके बाद आरोपी ने सेमीनार में शामिल होने के लिए डायरेक्टर और प्रबंधक जकीरा अहमद को बुला लिया। फ्लाइट का टिकट कराने के नाम पर 54 हजार रुपये भी जमा करा लिए। इसके बाद आरोपी ने कहा कि यहां से इंटरनेट दिक्कत आ रही है। दिल्ली से फ्लाइट पकड़कर आ जाएं। 26 दिसंबर 2019 को डायरेक्टर और प्रबंधक काठमांडू पहुंच गए, लेकिन आरोपी वहां नहीं मिला। 28 को दोनों काठमांडू से वापस आ गए। इंस्पेक्टर कटघर देवेश सिंह ने बताया कि तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
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