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Moradabad News: सीमेंट कारोबारी की हत्या में ट्रांसपोर्टर समेत चार दोषी करार
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मुरादाबाद। मैनाठेर के बहुचर्चित सीमेंट कारोबारी अतीक अहमद हत्याकांड में बुधवार को ट्रांसपोर्टर समेत चार मुलजिमों को दोषी करार दिया है। अदालत इस मामले में 15 अप्रैल को सजा सुनाएगी।
मैनाठेर थाना क्षेत्र के गांव महमूदपुर माफी निवासी जुबैर पुत्र हाजी इदरीश ने 30 दिसंबर 2018 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया था कि उसके चाचा सीमेंट कारोबारी अतीक अहमद 29 दिसंबर को बाइक से कहीं गए थे लेकिन वापस नहीं आए। पुलिस ने इस मामले में गुमशुदगी दर्ज की थी। पुलिस और परिजन सीमेंट कारोबारी की तलाश में जुटे थे। अतीक अहमद की लाश खेत में पड़ी मिली थी। चाकुओं से गोद कर उनकी हत्या की गई थी। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए विवेचना शुरू की। अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ता मनीष भटनागर ने बताया कि पुलिस ने विवेचना में पाया कि अतीक मोहम्मद ने कुछ समय पहले अपने दोस्त महमूदपुर माफी निवासी एवं ट्रांसपोर्टर मोहम्मद वाहिद को दस लाख रुपए उधार दिए थे। सीमेंट कारोबारी अपनी रकम वापस मांग रहे थे।
इसके अलावा आरोपी मोहम्मद वाहिद अवैध संबंधों को लेकर भी कारोबारी पर शक करता था। इसी बात को लेकर आरोपी मोहम्मद वाहिद सीमेंट कारोबारी से रंजिश रखने लगा था। इस रंजिश के चलते मोहम्मद वाहिद ने शाकिब उर्फ मोटा पुत्र शहाबुद्दीन, अनस पुत्र इकराम कुरैशी निवासी मोहल्ला कुरैशीयान जनपद अमरोहा, इस्माइल पुत्र रफीक अहमद निवासी सैदनगली जनपद अमरोहा के साथ मिलकर अतीक अहमद की हत्या करने की साजिश रची थी। आरोपियों ने फोन कर सीमेंट कारोबारी को मिलने के लिए बुला लिया था। चाकू से हत्या करने के बाद आरोपी लाश खेत में फेंक कर फरार हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने 2 जनवरी 2019 को आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। जिनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद किया गया था। आरोपियों ने वो रकम भी बरामद की गई थी जो रकम मोहिमद वाहिद ने अन्य आरोपियों को सुपारी के रूप में दी थी। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या तीन सरोज कुमार यादव की अदालत में की गई। जिसमें बुधवार को अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद चारों आरोपियों को हत्या का दोषी पाया। अदालत ने सजा के बिंदू पर सुनवाई के लिए पत्रावली 15 अप्रैल के लिए नियत की है।
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लालच में दोस्त ही बन गया था दुश्मन
हत्या के मामले में अदालत में दोषी करार दिए गए मोहम्मद वाहिद ट्रांसपोर्टर है। मोहम्मद वाहिद ने अपना ट्रांसपोर्ट का काम भी अतीक अहमद की खाली जमीन पर कर रखा था। जिसका कोई किराया भी मोहम्मद अतीक को नहीं दिया जाता था। दोनों के बीच काफी पुरानी दोस्ती थी लेकिन रुपये लालच और शक में दोस्त ही सीमेंट कारोबारी का दुश्मन बन गया था। इसी रंजिश के चलते अतीक अहमद की साजिश रचकर हत्या करा दी गई थीं। मोहम्मद वाहिद ने अन्य आरोपियों को इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए सुपारी दी थी।
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मैनाठेर थाना क्षेत्र के गांव महमूदपुर माफी निवासी जुबैर पुत्र हाजी इदरीश ने 30 दिसंबर 2018 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया था कि उसके चाचा सीमेंट कारोबारी अतीक अहमद 29 दिसंबर को बाइक से कहीं गए थे लेकिन वापस नहीं आए। पुलिस ने इस मामले में गुमशुदगी दर्ज की थी। पुलिस और परिजन सीमेंट कारोबारी की तलाश में जुटे थे। अतीक अहमद की लाश खेत में पड़ी मिली थी। चाकुओं से गोद कर उनकी हत्या की गई थी। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए विवेचना शुरू की। अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ता मनीष भटनागर ने बताया कि पुलिस ने विवेचना में पाया कि अतीक मोहम्मद ने कुछ समय पहले अपने दोस्त महमूदपुर माफी निवासी एवं ट्रांसपोर्टर मोहम्मद वाहिद को दस लाख रुपए उधार दिए थे। सीमेंट कारोबारी अपनी रकम वापस मांग रहे थे।
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इसके अलावा आरोपी मोहम्मद वाहिद अवैध संबंधों को लेकर भी कारोबारी पर शक करता था। इसी बात को लेकर आरोपी मोहम्मद वाहिद सीमेंट कारोबारी से रंजिश रखने लगा था। इस रंजिश के चलते मोहम्मद वाहिद ने शाकिब उर्फ मोटा पुत्र शहाबुद्दीन, अनस पुत्र इकराम कुरैशी निवासी मोहल्ला कुरैशीयान जनपद अमरोहा, इस्माइल पुत्र रफीक अहमद निवासी सैदनगली जनपद अमरोहा के साथ मिलकर अतीक अहमद की हत्या करने की साजिश रची थी। आरोपियों ने फोन कर सीमेंट कारोबारी को मिलने के लिए बुला लिया था। चाकू से हत्या करने के बाद आरोपी लाश खेत में फेंक कर फरार हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने 2 जनवरी 2019 को आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। जिनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू बरामद किया गया था। आरोपियों ने वो रकम भी बरामद की गई थी जो रकम मोहिमद वाहिद ने अन्य आरोपियों को सुपारी के रूप में दी थी। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या तीन सरोज कुमार यादव की अदालत में की गई। जिसमें बुधवार को अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद चारों आरोपियों को हत्या का दोषी पाया। अदालत ने सजा के बिंदू पर सुनवाई के लिए पत्रावली 15 अप्रैल के लिए नियत की है।
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लालच में दोस्त ही बन गया था दुश्मन
हत्या के मामले में अदालत में दोषी करार दिए गए मोहम्मद वाहिद ट्रांसपोर्टर है। मोहम्मद वाहिद ने अपना ट्रांसपोर्ट का काम भी अतीक अहमद की खाली जमीन पर कर रखा था। जिसका कोई किराया भी मोहम्मद अतीक को नहीं दिया जाता था। दोनों के बीच काफी पुरानी दोस्ती थी लेकिन रुपये लालच और शक में दोस्त ही सीमेंट कारोबारी का दुश्मन बन गया था। इसी रंजिश के चलते अतीक अहमद की साजिश रचकर हत्या करा दी गई थीं। मोहम्मद वाहिद ने अन्य आरोपियों को इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए सुपारी दी थी।