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Moradabad News: पहली बार जिला अस्पताल में हृदय रोगी महिला को लगा जीवन रक्षक इंजेक्शन
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मुरादाबाद। हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों के मद्देनजर जिला अस्पताल में दिल की ब्लॉक नसों को खोलने वाला इंजेक्शन मिलने लगा है। शुक्रवार को पहली बार रामपुर निवासी मरीज सलमा (60) को यह इंजेक्शन लगाया गया। इससे उनकी जान बचाई जा सकी।
डॉक्टरों के मुताबिक सलमा को बृहस्पतिवार देर रात से सीने में तेज दर्द हुई और फिर घुटन महसूस होने लगी। इसके बाद परिजन उन्हें रामपुर के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर पहुंचे। जहां से उन्हें मुरादाबाद रेफर कर दिया गया। शुक्रवार सुबह जिला अस्पताल में तैनात फिजिशियन डॉ. आशीष कुमार ने ईसीजी कराया। इसमें दिल की नसों में ब्लॉकेज की स्थिति दिखी तो उन्होंने रिपोर्ट लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज मेरठ के डॉक्टरों को भेजी।
वहां चर्चा के बाद तय हुआ कि मरीज को ब्लॉकेज खोलने वाला इंजेक्शन लगाना चाहिए। इसके बाद मरीज को इंजेक्शन लगाया गया और फिर दो घंटे तक निगरानी में रखा गया। दो घंटे बाद उन्हें मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जिससे जरूरत पड़ने पर एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की जा सके। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संगीता गुप्ता ने बताया कि जिला अस्पताल आने वाले हार्ट अटैक के मरीजों को प्राथमिक उपचार के तौर पर जीवन रक्षक इंजेक्शन दिया जाने लगा है। 40-50 हजार रुपये कीमत का यह इंजेक्शन सरकारी सप्लाई के तहत फ्री लगाया जा रहा है। इस इंजेक्शन के लगने के मरीज को तुरंत राहत मिलती है।
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डॉक्टरों के मुताबिक सलमा को बृहस्पतिवार देर रात से सीने में तेज दर्द हुई और फिर घुटन महसूस होने लगी। इसके बाद परिजन उन्हें रामपुर के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर पहुंचे। जहां से उन्हें मुरादाबाद रेफर कर दिया गया। शुक्रवार सुबह जिला अस्पताल में तैनात फिजिशियन डॉ. आशीष कुमार ने ईसीजी कराया। इसमें दिल की नसों में ब्लॉकेज की स्थिति दिखी तो उन्होंने रिपोर्ट लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज मेरठ के डॉक्टरों को भेजी।
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वहां चर्चा के बाद तय हुआ कि मरीज को ब्लॉकेज खोलने वाला इंजेक्शन लगाना चाहिए। इसके बाद मरीज को इंजेक्शन लगाया गया और फिर दो घंटे तक निगरानी में रखा गया। दो घंटे बाद उन्हें मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जिससे जरूरत पड़ने पर एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की जा सके। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संगीता गुप्ता ने बताया कि जिला अस्पताल आने वाले हार्ट अटैक के मरीजों को प्राथमिक उपचार के तौर पर जीवन रक्षक इंजेक्शन दिया जाने लगा है। 40-50 हजार रुपये कीमत का यह इंजेक्शन सरकारी सप्लाई के तहत फ्री लगाया जा रहा है। इस इंजेक्शन के लगने के मरीज को तुरंत राहत मिलती है।
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