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गोलियों की तड़तड़ाहट से दहला आईएफटीएम, कांपे छात्र
मुरादाबाद/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Dec 2017 03:01 AM IST
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आईएफटीएम कैंपस में बवाल के दौरान का दृश्य।
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली रोड स्थित आईएफटीएम यूनिवर्सिटी में सोमवार को भरी दोपहरी घुसे करीब 50 हमलावरों ने भारी गोलीबारी कर दहशत फैला दी। विश्व हिंदू महासंघ का बैनर-हूटर लगी गाड़ियों में पहुंचे हमलावर दुस्साहसिक ढंग से प्रशासनिक भवन में जा घुसे और तोड़फोड़ शुरू कर दी। 40 राउंड फायर कर हमलावरों ने आतंक फैला दिया। गोलियों की गूंज से छात्र-छात्राएं कांप उठे।
हाईवे पर भी वाहन ठिठक गए। बाद में भड़के छात्रों ने स्टाफ की मदद से हमलावरों को जमकर पीटा। उनकी गाड़ियां तोड़ डालीं। प्रो वीसी की भी पिटाई हुई है। कुलसचिव का कहना है कि हमलावर प्रो वीसी के इशारे पर आए थे। पुलिस ने मौके से सात हमलावरों को गिरफ्तार कर उनके हथियार व गाड़ियां जब्त की हैं। प्रो वीसी को बर्खास्त कर दिया गया है। कुलसचिव की ओर से प्रो वीसी व 50 हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
सौ करोड़ की धोखाधड़ी में कुलपति डा. आरएम दुबे के दो बेटों के जेल जाने के बाद चांसलर ने कुलपति व उनके तीसरे बेटे प्रति कुलपति डा. मोहित दुबे के अधिकार छीन लिए थे। मोहित दुबे के आफिस आने पर भी रोक थी। अरसे बाद मोहित दुबे सोमवार को अपने आफिस पहुंचे। इसके थोड़ी देर बाद ही आठ गाड़ियों में सवार होकर 40-50 हथियारबंद हमलावर यूनिवर्सिटी में दनदनाते हुए घुस आए। पहले इन्होंने प्रो वीसी के आफिस में चाय पी। फिर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। जिससे कैंपस में अफरातफरी मच गई।
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तोड़-फोड़ और फायरिंग से मची अफरा-तफरी- तोड़फोड़ और फायरिंग से छात्र- छात्राओं में चीख पुकार मच गई। गोलियों की तड़तड़ाहट से हाईवे भी गूंज उठा। हमलावरों ने स्टाफ व छात्राें को भी पीटना शुरू कर दिया। जिससे भड़के स्टाफ और छात्रों ने हमलावरों को घेरकर पीट लिया। सात हमलावरों को दबोचकर उन्हें जमकर पीटने के बाद पुलिस को सौंप दिया। छात्रों ने हमलावरों की चार बंदूक और एक रायफल भी छीन ली।
कुल सचिव संजीव अग्रवाल ने पाकबड़ा थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि हमलावर प्रो वीसी के बुलावे पर आए थे। पुलिस ने खुद को विश्व हिंदू महासंघ का मीडिया प्रभारी बताने वाले रविंद्र राघव समेत सात लोगों को बवाल, कातिलाना हमले समेत विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार किया है। बर्खास्त प्रो वीसी मोहित दुबे का कहना है कि उन्हाेंने हमलावरों को नहीं बुलाया था।
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हाईवे पर भी वाहन ठिठक गए। बाद में भड़के छात्रों ने स्टाफ की मदद से हमलावरों को जमकर पीटा। उनकी गाड़ियां तोड़ डालीं। प्रो वीसी की भी पिटाई हुई है। कुलसचिव का कहना है कि हमलावर प्रो वीसी के इशारे पर आए थे। पुलिस ने मौके से सात हमलावरों को गिरफ्तार कर उनके हथियार व गाड़ियां जब्त की हैं। प्रो वीसी को बर्खास्त कर दिया गया है। कुलसचिव की ओर से प्रो वीसी व 50 हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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सौ करोड़ की धोखाधड़ी में कुलपति डा. आरएम दुबे के दो बेटों के जेल जाने के बाद चांसलर ने कुलपति व उनके तीसरे बेटे प्रति कुलपति डा. मोहित दुबे के अधिकार छीन लिए थे। मोहित दुबे के आफिस आने पर भी रोक थी। अरसे बाद मोहित दुबे सोमवार को अपने आफिस पहुंचे। इसके थोड़ी देर बाद ही आठ गाड़ियों में सवार होकर 40-50 हथियारबंद हमलावर यूनिवर्सिटी में दनदनाते हुए घुस आए। पहले इन्होंने प्रो वीसी के आफिस में चाय पी। फिर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। जिससे कैंपस में अफरातफरी मच गई।
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तोड़-फोड़ और फायरिंग से मची अफरा-तफरी- तोड़फोड़ और फायरिंग से छात्र- छात्राओं में चीख पुकार मच गई। गोलियों की तड़तड़ाहट से हाईवे भी गूंज उठा। हमलावरों ने स्टाफ व छात्राें को भी पीटना शुरू कर दिया। जिससे भड़के स्टाफ और छात्रों ने हमलावरों को घेरकर पीट लिया। सात हमलावरों को दबोचकर उन्हें जमकर पीटने के बाद पुलिस को सौंप दिया। छात्रों ने हमलावरों की चार बंदूक और एक रायफल भी छीन ली।
कुल सचिव संजीव अग्रवाल ने पाकबड़ा थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि हमलावर प्रो वीसी के बुलावे पर आए थे। पुलिस ने खुद को विश्व हिंदू महासंघ का मीडिया प्रभारी बताने वाले रविंद्र राघव समेत सात लोगों को बवाल, कातिलाना हमले समेत विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार किया है। बर्खास्त प्रो वीसी मोहित दुबे का कहना है कि उन्हाेंने हमलावरों को नहीं बुलाया था।