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आतिशबाजी में रहा दम, तेज हवाओं ने प्रदूषण का पारा किया कम
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मुरादाबाद। कोरोना की बंदिशों के बाद दो साल बाद खुले माहौल दीपावली का त्यौहार मना। आधी रात तक जमकर आतिशबाजी हुई, लेकिन राहत की बात रही कि पिछले तीन सालों में इस साल दीपावली पर सबसे कम एक्यूआर रहा। प्रदूषण के लिहाज से जिला ओरेंज जोन में रहा । प्रदूषण विभाग के अधिकारी तेज हवाओं को इसकी मुख्य वजह मान रहे हैं।
प्रदूषण के लिहाज मुरादाबाद शहर पिछले दो सालों में कई बार पहले पायदान पर पहुंच चुका है। कोरोना काल में भी दीपावली के त्यौहार पर शहर का एक्यूआर 400 के पार पहुंचा था। इस बार कोरोना से कुछ राहत थी। आतिशबाजी की बिक्री को भी छूट रही । छोटी दिवाली के दिन बुधवार को शहर काएक्यूआर 311 पहुंचने से शहर रेड जोन में आ गया था ,ऐसे में संभावना थी कि बृहस्पतिवार को एक्यूआर 400 पर पहुंच जाएगा लेकिन ये ये आंकडा 284 पर रहा और रेड जोन में आया शहर ओरेंज जोन में पहुंच गया। तीन सालों में ये पहला मौका था जब दीपावाली पर शहर ओरेंज जोन में रहा। 2020 और 2021 में शहर रेड जोन में था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का मानना है कि छोटी दिवाली के दिन हवाएं नहीं चल रही थी इसलिए आतिशबाजी का धुंए से वातावरण अधिक प्रदूषित रहा जबकि बृहस्पतिवार रात को काफी तेज हवाएं थी इसलिए प्रदूषण कम रहा ओर एक्यूआर काफी कम हो गया।
जिले में 15 करोड़ के पटाखों की बिक्री का अनुमान
इस बार कोरोना से कुुछ राहत थी। प्रशासन द्वारा भी खुले मैदान में आतिबाजी की दुकाने लगाने की अनुमति दी गई थी। कस्बों में भी मैदानों में बिक्री हुईे । लोगों ने आशितबाली भी खरीदी लेकिन बार बार लोगों ने तेज घमाके और धुंए वाले पटाखों से ज्यादा रॉकेट, स्काई शॉट और ग्रीन पटाखों की खरीदारी की। कई ब्रांडेड कंपनियों ने ग्रीन पटाखे बाजार में उतारे थे। मोटे अनुमान के तौर पर जिले में दिपापली पर करीब 15 करोड़ के पटाखों की बिक्री की संभावना जताई जा रही है। बहुत से थोड विक्रेताओं ने इस बार अपना पुराना स्टॉक भी निकाला है जिससे उन्हें काफी राहत मिली। दरअसल पिछले साल कोरोना की वजह से पटाखों की बिक्री अधिकनहीं हुई थी।
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दीपावली की रात पिछले तीन साल का औसत एक्यूआई
सन एक्यूआई
2019 - 361
2020 -409
2021 -284
त्यौहारी सीजन में एक्यूआई (1 से 5 नवंबर तक)
दिनांक एक्यूआई
1 नवंबर 294
2 नवंबर 226
3नवंबर 311
4 नवंबर 284
5 नवंबर 259
पिछले तीन सालों में इस बार दीपावली पर एक्यूआई काफी कम रहा है जो अच्छी बात है। छोटी दीपावली पर बुधवार को एक्यूआई 311 रहा था जो रेड जोन में था लेकिन बृहस्पतिवार को काफी तेज हवाएं चली हैं इस करण एक्यूआई 284 रहा और जिला आरेंज जोन में रहा।
विकास मिश्रा क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण
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प्रदूषण के लिहाज मुरादाबाद शहर पिछले दो सालों में कई बार पहले पायदान पर पहुंच चुका है। कोरोना काल में भी दीपावली के त्यौहार पर शहर का एक्यूआर 400 के पार पहुंचा था। इस बार कोरोना से कुछ राहत थी। आतिशबाजी की बिक्री को भी छूट रही । छोटी दिवाली के दिन बुधवार को शहर काएक्यूआर 311 पहुंचने से शहर रेड जोन में आ गया था ,ऐसे में संभावना थी कि बृहस्पतिवार को एक्यूआर 400 पर पहुंच जाएगा लेकिन ये ये आंकडा 284 पर रहा और रेड जोन में आया शहर ओरेंज जोन में पहुंच गया। तीन सालों में ये पहला मौका था जब दीपावाली पर शहर ओरेंज जोन में रहा। 2020 और 2021 में शहर रेड जोन में था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का मानना है कि छोटी दिवाली के दिन हवाएं नहीं चल रही थी इसलिए आतिशबाजी का धुंए से वातावरण अधिक प्रदूषित रहा जबकि बृहस्पतिवार रात को काफी तेज हवाएं थी इसलिए प्रदूषण कम रहा ओर एक्यूआर काफी कम हो गया।
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जिले में 15 करोड़ के पटाखों की बिक्री का अनुमान
इस बार कोरोना से कुुछ राहत थी। प्रशासन द्वारा भी खुले मैदान में आतिबाजी की दुकाने लगाने की अनुमति दी गई थी। कस्बों में भी मैदानों में बिक्री हुईे । लोगों ने आशितबाली भी खरीदी लेकिन बार बार लोगों ने तेज घमाके और धुंए वाले पटाखों से ज्यादा रॉकेट, स्काई शॉट और ग्रीन पटाखों की खरीदारी की। कई ब्रांडेड कंपनियों ने ग्रीन पटाखे बाजार में उतारे थे। मोटे अनुमान के तौर पर जिले में दिपापली पर करीब 15 करोड़ के पटाखों की बिक्री की संभावना जताई जा रही है। बहुत से थोड विक्रेताओं ने इस बार अपना पुराना स्टॉक भी निकाला है जिससे उन्हें काफी राहत मिली। दरअसल पिछले साल कोरोना की वजह से पटाखों की बिक्री अधिकनहीं हुई थी।
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दीपावली की रात पिछले तीन साल का औसत एक्यूआई
सन एक्यूआई
2019 - 361
2020 -409
2021 -284
त्यौहारी सीजन में एक्यूआई (1 से 5 नवंबर तक)
दिनांक एक्यूआई
1 नवंबर 294
2 नवंबर 226
3नवंबर 311
4 नवंबर 284
5 नवंबर 259
पिछले तीन सालों में इस बार दीपावली पर एक्यूआई काफी कम रहा है जो अच्छी बात है। छोटी दीपावली पर बुधवार को एक्यूआई 311 रहा था जो रेड जोन में था लेकिन बृहस्पतिवार को काफी तेज हवाएं चली हैं इस करण एक्यूआई 284 रहा और जिला आरेंज जोन में रहा।
विकास मिश्रा क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण