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सपा नेता और एक्सपोर्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Thu, 28 Apr 2016 12:01 PM IST
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एक्सपोर्टर नदीम खान, सपा नेता यूसुफ मलिक और उनके भाई यूनुस मलिक के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज किया गया है। काजीपुरा के पार्षद सईद अहमद की तहरीर पर पुलिस ने ये कार्रवाई की है। तीनों पर आरोप है कि इन्होंने आशियाना कालोनी स्थित मस्जिद की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की है।
काजीपुरा के पार्षद सईद अहमद समेत दर्जन भर लोग मंगलवार को जिला अधिकारी से मिले थे। उन्होंने डीएम को प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि लाकड़ी फाजलपुर निवासी एक्सपोर्टर नदीम खान, यूसुफ मलिक और यूनुस मलिक समेत कुछ लोग आशियाना कालोनी स्थित मस्जिद के पास की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं।
उन्होंने इस जमीन को मस्जिद की बताया था। डीएम के आदेश पर पुलिस व प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की थी। दोनों पक्षों को बताया गया था कि कोई भी पक्ष इस जमीन पर अभी निर्माण नहीं कराएगा।
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नदीम खान का इस मामले में कहना था कि मेरी पैतृक जमीन है। कुछ लोगों की इस जमीन पर नजर है। वह इस पर कब्जे की फिराक में हैं। जमीन को मस्जिद की बताकर पब्लिक और अफसरों को भी गुनाह किया जा रहा है।
पुलिस प्रशासन भी न जाने किसके दबाव में काम कर रहे हैं। अपराधिक किस्म के लोगों को अधिकारी अपने पास बैठाकर उन्हें चाय नाश्ता करा रहे हैं और हमारी बात तक नहीं सुनी जा रही है। जबकि मैंने भी तहरीर दी है। लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया।
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काजीपुरा के पार्षद सईद अहमद समेत दर्जन भर लोग मंगलवार को जिला अधिकारी से मिले थे। उन्होंने डीएम को प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि लाकड़ी फाजलपुर निवासी एक्सपोर्टर नदीम खान, यूसुफ मलिक और यूनुस मलिक समेत कुछ लोग आशियाना कालोनी स्थित मस्जिद के पास की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं।
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उन्होंने इस जमीन को मस्जिद की बताया था। डीएम के आदेश पर पुलिस व प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की थी। दोनों पक्षों को बताया गया था कि कोई भी पक्ष इस जमीन पर अभी निर्माण नहीं कराएगा।
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नदीम खान का इस मामले में कहना था कि मेरी पैतृक जमीन है। कुछ लोगों की इस जमीन पर नजर है। वह इस पर कब्जे की फिराक में हैं। जमीन को मस्जिद की बताकर पब्लिक और अफसरों को भी गुनाह किया जा रहा है।
पुलिस प्रशासन भी न जाने किसके दबाव में काम कर रहे हैं। अपराधिक किस्म के लोगों को अधिकारी अपने पास बैठाकर उन्हें चाय नाश्ता करा रहे हैं और हमारी बात तक नहीं सुनी जा रही है। जबकि मैंने भी तहरीर दी है। लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया।