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Moradabad News: गन्ना मूल्य में वृद्धि को किसानों ने बताया नाकाफी
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मुरादाबाद।
योगी सरकार द्वारा गन्ने का मूल्य 20 रुपये बढ़ाने पर किसान संगठनों ने इसे बहुत कम बताते हुए ऊंट के मुंह में जीरा के समान बताया है। किसान नेताओं का कहना है कि यह राशि बहुत कम है। किसानों को इससे कहीं अधिक उम्मीद थी। इससे अधिक पड़ोसी राज्यों में गन्ना रेट है। भाकियू असली ने इस मामले में आंदोलन करने की चेतावनी दी है। भाकियू चौहान गुट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी महेंद्र सिंह रंधवा ने कहा कि पूरा सीजन निकल चुका है। अब सरकार ने 20 रुपये बढ़ाकर ऊंट के मुंह में जीरा डाला है। गन्ने का रेट पड़ोसी राज्यों में उत्तर प्रदेश से अधिक है।
किसानों के साथ धोखा, करेंगे आंदोलन
भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि योगी सरकार ने दो साल में सिर्फ 20 रुपये गन्ने के रेट बढ़ाए हैं। पड़ोसी राज्य हरियाणा में गन्ने का मूल्य 381, पंजाब में 391, महाराष्ट्र और कर्नाटक में 400 रुपये प्रति क्विंटल है। देश का एक तिहाई गन्ना यूपी में पैदा होता है लेकिन यूपी सरकार रेट के मामले में सबसे पीछे है। भाजपा ने अपने घोषणापत्र में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का वादा किया था। उस हिसाब से गन्ने का रेट 460 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए। एक और वृद्धि यूरिया की हुई है। यूरिया का कट्टा 50 की जगह 40 किलो का हो गया है लेकिन दाम 370 रुपये ही है। आरोप लगाया कि सरकार किसानों के साथ मजाक कर रही है। इस मामले में आंदोलन किया जाएगा।
इतनी कम वृद्धि स्वीकार नहीं
भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी ने कहा कि यूरिया का वजन 50 की जगह 40 किलो कर सरकार ने दाम बढ़ा दिया। कीटनाशक दवाओं का रेट बढ़ गया। डीजल का रेट पहले से बढ़ा हुआ है। गन्ने का बीज महंगा हो गया। गन्ने का भुगतान समय पर नहीं हो रहा है। हरियाणा और पंजाब में गन्ने का रेट बढ़ा है। गन्ने का रोग किसानों को परेशान कर रहा है। आधा सीजन बीतने के बाद सिर्फ 20 रुपये की वृद्धि स्वीकार करने योग्य नहीं है।
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योगी सरकार द्वारा गन्ने का मूल्य 20 रुपये बढ़ाने पर किसान संगठनों ने इसे बहुत कम बताते हुए ऊंट के मुंह में जीरा के समान बताया है। किसान नेताओं का कहना है कि यह राशि बहुत कम है। किसानों को इससे कहीं अधिक उम्मीद थी। इससे अधिक पड़ोसी राज्यों में गन्ना रेट है। भाकियू असली ने इस मामले में आंदोलन करने की चेतावनी दी है। भाकियू चौहान गुट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी महेंद्र सिंह रंधवा ने कहा कि पूरा सीजन निकल चुका है। अब सरकार ने 20 रुपये बढ़ाकर ऊंट के मुंह में जीरा डाला है। गन्ने का रेट पड़ोसी राज्यों में उत्तर प्रदेश से अधिक है।
किसानों के साथ धोखा, करेंगे आंदोलन
भाकियू असली के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी हरपाल सिंह ने कहा कि योगी सरकार ने दो साल में सिर्फ 20 रुपये गन्ने के रेट बढ़ाए हैं। पड़ोसी राज्य हरियाणा में गन्ने का मूल्य 381, पंजाब में 391, महाराष्ट्र और कर्नाटक में 400 रुपये प्रति क्विंटल है। देश का एक तिहाई गन्ना यूपी में पैदा होता है लेकिन यूपी सरकार रेट के मामले में सबसे पीछे है। भाजपा ने अपने घोषणापत्र में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का वादा किया था। उस हिसाब से गन्ने का रेट 460 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए। एक और वृद्धि यूरिया की हुई है। यूरिया का कट्टा 50 की जगह 40 किलो का हो गया है लेकिन दाम 370 रुपये ही है। आरोप लगाया कि सरकार किसानों के साथ मजाक कर रही है। इस मामले में आंदोलन किया जाएगा।
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इतनी कम वृद्धि स्वीकार नहीं
भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी ने कहा कि यूरिया का वजन 50 की जगह 40 किलो कर सरकार ने दाम बढ़ा दिया। कीटनाशक दवाओं का रेट बढ़ गया। डीजल का रेट पहले से बढ़ा हुआ है। गन्ने का बीज महंगा हो गया। गन्ने का भुगतान समय पर नहीं हो रहा है। हरियाणा और पंजाब में गन्ने का रेट बढ़ा है। गन्ने का रोग किसानों को परेशान कर रहा है। आधा सीजन बीतने के बाद सिर्फ 20 रुपये की वृद्धि स्वीकार करने योग्य नहीं है।
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