{"_id":"5818fa974f1c1bae314369d6","slug":"exporter-sad-for-new-drawback-rates","type":"story","status":"publish","title_hn":"ड्रा बैक की नई दरों से निर्यातकों में निराशा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ड्रा बैक की नई दरों से निर्यातकों में निराशा
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Wed, 02 Nov 2016 02:04 AM IST
विज्ञापन
export
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ड्रा बैक की नई दरें घोषित कर दी गई हैं। ड्रा बैक की नई दरें 15 नवंबर से मान्य हाेंगी। ग्लास और ग्लास हैंडीक्राफ्ट की ड्रा बैक की दरों वृद्धि की गई है। इससे मुरादाबाद के निर्यातकों को लाभ होगा। मुरादाबाद के लैंप एंड लाइटिंग एक्सपोर्ट में ग्लास का प्रयोग बढ़ा है।
ड्रा बैक की नई दरें निर्यातकाें के लिए उत्साहजनक नहीं होने जा रही है। निर्यातकों की ओर से रेवल्यू डिपार्टमेंट को ड्रा बैक पर प्रेजेंटेशन दिया था। जिसमें पीतल, एल्युमिनियम, गेल्वेनाइज्ड आइरन आदि की दरों में वृद्धि की मांग रखी थी। लेकिन उनकी मांगों पर वित्त मंत्रालय ने कितना ध्यान दिया ये तो तुलनात्मक अध्ययन के बाद पता चल पाएगा।
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राकेश कुमार ने बताया कि ग्लास की ड्रा बैक दरों में वृद्धि की गई है। इसके अलावा अधिकांश धातु के साथ ही अन्य प्रोडक्ट पर ड्रा बैक की दरें समान रखने के साथ ही कुछ कटौती भी की गई है।
विज्ञापन
मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स ऐसोसिएशन के पूर्व सचिव सतपाल ने बताया कि निर्यात उद्योग को अभी मदद की जरूरत थी जो नहीं मिल पाई है। ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राकेश कुमार ने बताया कि नई दरों में ग्लास के ड्रा बैक में वृद्धि हुई है अन्य सभी क्षेत्रों में बहुत अधिक बदलाव नहीं किया गया है।
नई दरों को संतोषजनक कहा जा सकता है। वहीं निर्यातक शरद बंसल ने बताया कि सरकार से उम्मीद की जा रही थी कि निर्यात इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए ड्रा बैक की दरों में वृद्धि होगी। लेकिन वृद्धि नहीं करना निराशाजनक है।
विज्ञापन
ड्रा बैक की नई दरें निर्यातकाें के लिए उत्साहजनक नहीं होने जा रही है। निर्यातकों की ओर से रेवल्यू डिपार्टमेंट को ड्रा बैक पर प्रेजेंटेशन दिया था। जिसमें पीतल, एल्युमिनियम, गेल्वेनाइज्ड आइरन आदि की दरों में वृद्धि की मांग रखी थी। लेकिन उनकी मांगों पर वित्त मंत्रालय ने कितना ध्यान दिया ये तो तुलनात्मक अध्ययन के बाद पता चल पाएगा।
विज्ञापन
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राकेश कुमार ने बताया कि ग्लास की ड्रा बैक दरों में वृद्धि की गई है। इसके अलावा अधिकांश धातु के साथ ही अन्य प्रोडक्ट पर ड्रा बैक की दरें समान रखने के साथ ही कुछ कटौती भी की गई है।
विज्ञापन
मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स ऐसोसिएशन के पूर्व सचिव सतपाल ने बताया कि निर्यात उद्योग को अभी मदद की जरूरत थी जो नहीं मिल पाई है। ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राकेश कुमार ने बताया कि नई दरों में ग्लास के ड्रा बैक में वृद्धि हुई है अन्य सभी क्षेत्रों में बहुत अधिक बदलाव नहीं किया गया है।
नई दरों को संतोषजनक कहा जा सकता है। वहीं निर्यातक शरद बंसल ने बताया कि सरकार से उम्मीद की जा रही थी कि निर्यात इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए ड्रा बैक की दरों में वृद्धि होगी। लेकिन वृद्धि नहीं करना निराशाजनक है।