Earthquake in UP: मुरादाबाद-रामपुर में लगे भूकंप के झटके, संभल-अमरोहा में घरों-दफ्तरों से बाहर निकले लोग
Earthquake in Moradabad: मुरादाबाद मंडल में भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोग दफ्तरों और घरों से बाहन निकल गए। फिलहालस किसी भी प्रकार के जानमाल की सूचना नहीं है।
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मुरादाबाद मंडल में मंगलवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। अधिकारियों के अनुसार इसकी तीव्रता 6.2 की थी। इस बीच लोग घरों से बाहर निकल आए। सोसायटी में रहने वाले लोग खुले स्थान पर एकत्र हो गए। लोगों ने एक दूसरे को फोन कर भूकंप की जानकारी लेकर कुशलता पूछी।
दिल्ली रोड, मानसरोवर कॉलोनी, जिगर कॉलोनी, मिलन विहार, लाइनपार विकासनगर में लोग अपने घरों से बाहर निकलकर एकत्र हो गए। केजीके होम्योपैथिक कॉलेज के छात्रावास से विद्यार्थी और कंपोजिट विद्यालय गंज से शिक्षक व बच्चे बाहर निकल आए।
मानसरोवर कॉलोनी निवासी सुनील कुमार का कहना है कि उनका घर चार मंजिल है। जब भूकंप आया तो वे बच्चों के साथ तीसरी मंजिल पर थे। जैसे ही झटके महसूस हुए वे फौरन बच्चों को लेकर ग्राउंड फ्लोर पर आ गए। भूकंप के दौरान एमडीए कार्यालय में वीसी शैलेष कुमार अधीनस्थ अधिकारियों की मीटिंग ले रहे थे।
कर्मचारी संजय सत्संगी ने बताया भूकंप आते ही कर्मचारी-अधिकारी बाहर निकल आए। बुद्धि विहार सेक्टर दो निवासी विजय शर्मा ने बताया कि कालोनी में भूकंप का हल्ला मचा तो वह और अन्य सभी लोग बाहर आ गए। मानसरोवर कॉलोनी में भी लोग काफी देर पार्क में खड़े रहे। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि भूकंप से किसी नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
रामपुर, अमरोहा और संभल जिले में भी भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोग घरों-दुकानों और दफ्तरों से निकलकर खुले में चले गए।
क्यों आते हैं भूकंप
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकराना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।
भूकंप की तीव्रता का क्या अर्थ है?
रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है।
ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते। वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।