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ड्यूटी टाइम में जाम लड़ाना पड़ा भारी
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
Updated Fri, 27 May 2016 12:00 PM IST
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ड्यूटी टाइम में शराब पीने वालों शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं। गुरुवार को उन्होंने अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय को जांच सौंपी है।
मंगलवार को संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद के प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत जुलूस निकाला गया था। जिसमें सभी विभागों के कर्मचारी शामिल हुए। शिक्षा विभाग के बाबू भी जुलूस में शामिल होने के लिए कार्यालय से निकले।
इसमें डीआईओएस कार्यालय तीन और डीडीआर के दो बाबू सहित एक चपरासी माडल शाप में बैठकर जाम झलकाने लगे। इसी दौरान किसी ने उनकी वीडियो क्लिप बना ली। वीडियो बनने के बाद ये सभी वहां भाग खड़े हुए। उनके कारनामे की सूचना अधिकारियों तक पहुंची। डीआईओएस ने भी उनसे जवाबतलब कर स्पष्टीकरण देने को कहा। शिकायत जिलाधिकारी से भी कर दी गई। डीएम जुहैर बिन सगीर ने इस मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश कर दिए।
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इसके लिए उन्होंने अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय को नामित किया। वहीं इन छह कर्मचारियों को 26 मई तक स्पष्टीकरण देने को कहा था। लेकिन गुरुवार को किसी ने भी अपना जवाब नहीं दिया। हालांकि उन्होंने डीआईओएस से मिलकर व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रखा। लेकिन उन्हें लिखित में जवाब देने के लिए कहा गया है। इस प्रकरण में अनुशासनात्मक कार्रवाई तय मानी जा रही है।
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मंगलवार को संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद के प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत जुलूस निकाला गया था। जिसमें सभी विभागों के कर्मचारी शामिल हुए। शिक्षा विभाग के बाबू भी जुलूस में शामिल होने के लिए कार्यालय से निकले।
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इसमें डीआईओएस कार्यालय तीन और डीडीआर के दो बाबू सहित एक चपरासी माडल शाप में बैठकर जाम झलकाने लगे। इसी दौरान किसी ने उनकी वीडियो क्लिप बना ली। वीडियो बनने के बाद ये सभी वहां भाग खड़े हुए। उनके कारनामे की सूचना अधिकारियों तक पहुंची। डीआईओएस ने भी उनसे जवाबतलब कर स्पष्टीकरण देने को कहा। शिकायत जिलाधिकारी से भी कर दी गई। डीएम जुहैर बिन सगीर ने इस मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश कर दिए।
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इसके लिए उन्होंने अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय को नामित किया। वहीं इन छह कर्मचारियों को 26 मई तक स्पष्टीकरण देने को कहा था। लेकिन गुरुवार को किसी ने भी अपना जवाब नहीं दिया। हालांकि उन्होंने डीआईओएस से मिलकर व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रखा। लेकिन उन्हें लिखित में जवाब देने के लिए कहा गया है। इस प्रकरण में अनुशासनात्मक कार्रवाई तय मानी जा रही है।